गोलकीपिंग कैंप में भारतीय महिला हॉकी टीम: डेविड विलियमसन दे रहे हैं विशेष ट्रेनिंग
सारांश
Key Takeaways
- 22 अप्रैल से 2 मई 2025 तक SAI बेंगलुरु में भारतीय महिला हॉकी टीम का विशेष गोलकीपिंग कैंप आयोजित हो रहा है।
- उत्तरी आयरलैंड के अनुभवी कोच डेविड विलियमसन इस कैंप का नेतृत्व कर रहे हैं, जो पूर्व में अमेरिकी महिला हॉकी टीम को प्रशिक्षण दे चुके हैं।
- सविता, बंसरी सोलंकी, बीचू देवी खारिबाम और माधुरी किंडो इस कैंप में भाग ले रही हैं।
- जूनियर और सीनियर गोलकीपर एक साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं जिससे युवा खिलाड़ियों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- आनंदना, द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन इस कैंप को वित्तीय सहयोग दे रहा है।
- जून 2025 में होने वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले यह कैंप टीम की तैयारी को धार देने के लिए आयोजित किया गया है।
बेंगलुरु, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण विशेष गोलकीपिंग ट्रेनिंग कैंप इन दिनों 22 अप्रैल से 2 मई 2025 तक स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), बेंगलुरु में आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप का संचालन उत्तरी आयरलैंड के अनुभवी हॉकी कोच डेविड विलियमसन कर रहे हैं, जबकि पूरे कार्यक्रम की निगरानी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन कर रहे हैं। जून में आने वाले अहम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले यह कैंप भारत की गोलकीपिंग यूनिट को और धारदार बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
कैंप में कौन-कौन हैं शामिल
इस विशेष कैंप में सविता, बंसरी सोलंकी, बीचू देवी खारिबाम और माधुरी किंडो जैसी अनुभवी गोलकीपर भाग ले रही हैं। खास बात यह है कि जूनियर टीम के गोलकीपर भी सीनियर खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह संयुक्त ट्रेनिंग युवा खिलाड़ियों को सीनियर स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा, हाल के अर्जेंटीना टूर के दौरान गोलकीपरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और मजबूत टीमों के खिलाफ अपनी काबिलियत साबित की। जून से महत्वपूर्ण टूर्नामेंट शुरू होने हैं, इसलिए यह कैंप बिल्कुल सही समय पर आया है।
डेविड विलियमसन का अनुभव और योगदान
डेविड विलियमसन उत्तरी आयरलैंड के बेहद अनुभवी हॉकी कोच हैं, जो लंबे समय तक अमेरिकी महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2025 में विमेंस हॉकी इंडिया लीग (HIL) में ओडिशा वॉरियर्स के लिए सहायक कोच के रूप में भी काम किया। इस अनुभव ने उन्हें गोलकीपिंग विकास के क्षेत्र में व्यापक अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण दिया है।
विलियमसन की नियुक्ति यह दर्शाती है कि हॉकी इंडिया अब केवल फील्ड प्लेयर्स नहीं, बल्कि गोलकीपिंग को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रहा है जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम की रीढ़ होती है।
आनंदना कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन का सहयोग
इस कैंप को आनंदना, द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन का वित्तीय सहयोग प्राप्त है। यह संस्था भारत में महिला हॉकी के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इससे पहले उन्होंने हाल ही में संपन्न 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 को भी प्रायोजित किया था।
कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया की पब्लिक अफेयर्स, संचार और स्थिरता की वाइस प्रेसिडेंट देवयानी राणा ने कहा कि हॉकी इंडिया के साथ उनकी साझेदारी इस साझा विश्वास पर टिकी है कि महिला खेलों में निवेश दीर्घकालिक और सार्थक बदलाव लाता है।
सविता का संदेश — युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
अनुभवी गोलकीपर सविता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महिला हॉकी को इस तरह का समर्थन मिलना हर बार हौसला बढ़ाता है। जब युवा लड़कियां देखती हैं कि आज हॉकी को किस स्तर का सपोर्ट मिल रहा है, तो उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है कि वे भी बड़े मंच पर जा सकती हैं।
2016 रियो ओलंपिक के बाद से भारतीय महिला हॉकी ने जो उड़ान भरी है, उसमें ऐसे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अहम भूमिका रही है।
आगे क्या — जून से बड़े टूर्नामेंट की तैयारी
यह कैंप 2 मई 2025 तक चलेगा और इसके बाद टीम जून में होने वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए पूरी तरह तैयार होगी। गोलकीपिंग यूनिट की मजबूती किसी भी टीम की सफलता की बुनियाद होती है और भारत इस दिशा में सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है। आने वाले महीनों में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन इस कैंप की सफलता का असली पैमाना होगा।