चुनाव आयोग पर कांग्रेस का बड़ा हमला: भाजपा का विभाग बनने का आरोप, वेणुगोपाल बोले — महाभियोग तक जाएंगे

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चुनाव आयोग पर कांग्रेस का बड़ा हमला: भाजपा का विभाग बनने का आरोप, वेणुगोपाल बोले — महाभियोग तक जाएंगे

सारांश

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग पर भाजपा का विभाग बनने का आरोप लगाया। मोदी को क्लीन चिट और खड़गे को 24 घंटे के नोटिस को दोहरा मापदंड बताया। महाभियोग की कार्यवाही और देशव्यापी अभियान की चेतावनी दी।

Key Takeaways

  • कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 24 अप्रैल को चुनाव आयोग पर भाजपा का विभाग बनने का आरोप लगाया।
  • प्रधानमंत्री मोदी को आचार संहिता उल्लंघन में क्लीन चिट, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को 24 घंटे में जवाब देने का नोटिस — कांग्रेस ने इसे दोहरा मापदंड बताया।
  • विपक्ष चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की संभावना पर विचार कर रहा है।
  • केरल के कोझिकोड में हुई घटना पर आयोग की चुप्पी के बाद कांग्रेस उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में है।
  • वेणुगोपाल ने ट्रम्प के सामने मोदी की चुप्पी को राष्ट्रीय गरिमा का अपमान बताया।
  • कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्रवाइयों के विरुद्ध देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा करेगी।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल: कांग्रेस ने शुक्रवार को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ अपना आक्रामक रुख और तेज करते हुए आरोप लगाया कि आयोग चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के साथ खुला भेदभाव कर रहा है और इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने साफ शब्दों में कहा कि आयोग व्यावहारिक रूप से भाजपा का एक विभाग बन चुका है।

मोदी को क्लीन चिट, खड़गे को 24 घंटे का नोटिस — दोहरा मापदंड?

वेणुगोपाल ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आचार संहिता के कथित उल्लंघन के बावजूद आयोग ने उन्हें बिना किसी देरी के क्लीन चिट दे दी। इसके विपरीत, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक कथित रूप से निराधार मामले में 24 घंटे के भीतर जवाब देने का नोटिस थमा दिया गया।

उन्होंने इसे चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करार दिया और कहा कि यह दोहरा मापदंड अब जनता के सामने रखा जाएगा। कांग्रेस इसके विरुद्ध देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में है।

महाभियोग की कार्यवाही पर विचार

वेणुगोपाल ने यह भी संकेत दिया कि विपक्षी दल चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय भाषण में कथित उल्लंघनों पर आयोग की चुप्पी अत्यंत चिंताजनक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर आयोग पूरी तरह निष्क्रिय रहा है, जो एक संवैधानिक संस्था के लिए शोभनीय नहीं है।

केरल में पारदर्शिता की मांग — कोझिकोड घटना का जिक्र

केरल के संदर्भ में वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी को लेकर गहरी चिंता में है। उन्होंने कोझिकोड में हुई एक विशेष घटना का उल्लेख किया और बताया कि उस शिकायत पर आज तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है। राज्य के अन्य हिस्सों से भी इसी प्रकार की घटनाओं की सूचनाएं मिल रही हैं।

ट्रम्प के सामने मोदी की चुप्पी — राष्ट्रीय गरिमा का प्रश्न

एक तीखे राजनीतिक प्रहार में वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने झुकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प की भारत को अपमानित करने वाली कथित टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री की मौन स्वीकृति राष्ट्रीय गरिमा का अपमान है।

उन्होंने तर्क दिया कि यही रवैया भारत-अमेरिका के मौजूदा व्यापारिक संबंधों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो देश के दीर्घकालिक हितों के लिए हानिकारक है।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक निहितार्थ

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए थे। तब से यह विवाद थमा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट भी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठा चुका है और एक ऐतिहासिक फैसले में इसे बदलने का आदेश दिया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विपक्ष वास्तव में महाभियोग की कार्यवाही की दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह भारतीय संसदीय इतिहास में एक असाधारण घटना होगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस के देशव्यापी अभियान की दिशा और विपक्षी एकता की परीक्षा होगी।

Point of View

फिर भी आरोपों का सिलसिला नहीं थमा। मोदी को क्लीन चिट और खड़गे को 24 घंटे का नोटिस — यह तथ्य अगर सत्य है, तो यह संस्थागत निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। महाभियोग की धमकी राजनीतिक दबाव की रणनीति हो सकती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि विपक्ष इसे संसद तक ले जाने की ताकत और एकता जुटा पाता है या नहीं।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक दलों के साथ खुले भेदभाव का आरोप लगाया है। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि आयोग भाजपा का एक विभाग बन गया है और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में है।
मोदी को क्लीन चिट और खड़गे को नोटिस का विवाद क्या है?
वेणुगोपाल के अनुसार, आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी को आचार संहिता के कथित उल्लंघन के बावजूद क्लीन चिट दे दी, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को एक कथित निराधार मामले में 24 घंटे के भीतर जवाब देने का नोटिस भेजा गया। कांग्रेस इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बता रही है।
चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग क्या होता है?
महाभियोग एक संसदीय प्रक्रिया है जिसके जरिए किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को हटाया जा सकता है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि विपक्षी दल मिलकर चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस प्रक्रिया को शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।
केरल के कोझिकोड में क्या घटना हुई जिसका कांग्रेस ने जिक्र किया?
केसी वेणुगोपाल ने कोझिकोड में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी एक घटना का उल्लेख किया जिसकी शिकायत आयोग को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। कांग्रेस इस मामले को केरल उच्च न्यायालय में ले जाने पर विचार कर रही है।
कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ आगे क्या कदम उठाएगी?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्रवाइयों को जनता के सामने रखने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। इसके अलावा पार्टी महाभियोग की कार्यवाही और केरल में उच्च न्यायालय जाने पर भी विचार कर रही है।
Nation Press