हरिपाल सीट पर भाजपा का बड़ा उलटफेर: मधुमिता घोष ने टीएमसी की कराबी मन्ना को 3,488 वोटों से हराया

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हरिपाल सीट पर भाजपा का बड़ा उलटफेर: मधुमिता घोष ने टीएमसी की कराबी मन्ना को 3,488 वोटों से हराया

सारांश

टीएमसी के पारंपरिक गढ़ हरिपाल में भाजपा की मधुमिता घोष ने 3,488 वोटों की नज़दीकी जीत दर्ज कर बड़ा उलटफेर किया। 2021 में 23,072 वोटों से हारी भाजपा ने 2024 की 32,459 की लोकसभा बढ़त को भी पाट दिया — यह बंगाल की बदलती राजनीतिक ज़मीन का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

मधुमिता घोष (भाजपा) ने हरिपाल विधानसभा सीट पर TMC की कराबी मन्ना को 3,488 वोटों से हराया।
भाजपा को 1,13,332 और TMC को 1,09,844 वोट मिले; नतीजा 4 मई 2026 को रात 10:30 बजे घोषित हुआ।
हरिपाल में 92.41% और पूरे हुगली जिले में 91.98% मतदान दर्ज किया गया।
2021 में TMC ने इसी सीट पर भाजपा को 23,072 वोटों से हराया था; 2024 लोकसभा में TMC की बढ़त 32,459 वोट थी।
1977 से 2006 तक CPI(M) का गढ़ रही यह सीट 2011 से TMC के पास थी — अब भाजपा ने पहली बार कब्जा जमाया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हुगली जिले की हरिपाल विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक उलटफेर करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाई। 4 मई 2026 को 27 राउंड की मतगणना के बाद भाजपा उम्मीदवार मधुमिता घोष ने TMC की कराबी मन्ना को 3,488 वोटों के अंतर से पराजित कर यह सीट अपने नाम की। यह नतीजा रात 10:30 बजे IST घोषित किया गया।

मतगणना के आँकड़े

भाजपा उम्मीदवार मधुमिता घोष को कुल 1,13,332 वोट प्राप्त हुए, जबकि TMC उम्मीदवार कराबी मन्ना को 1,09,844 वोट मिले। इस प्रकार जीत का अंतर केवल 3,488 मत रहा, जो इस मुकाबले की तीव्रता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। हरिपाल में 92.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे हुगली जिले में 91.98 प्रतिशत वोटिंग हुई।

उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि

भाजपा प्रत्याशी मधुमिता घोष (52 वर्ष) 12वीं पास हैं। उनके खिलाफ 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी कुल संपत्ति ₹1.1 करोड़ है, जिस पर कोई देनदारी नहीं है। वहीं TMC प्रत्याशी कराबी मन्ना (51 वर्ष) के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनकी कुल संपत्ति ₹12.1 करोड़ है, जबकि ₹3 करोड़ की देनदारी है।

हरिपाल सीट का राजनीतिक इतिहास

हरिपाल मुख्यतः एक ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है, जिसमें हरिपाल सामुदायिक विकास खंड और सिंगूर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी, जब यहाँ संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया का प्रभाव था। 1977 से 2006 तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — ने यहाँ लगातार सात बार जीत दर्ज की। 2011 में तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा जमाया और बेचाराम मन्ना ने 2011 और 2016 में बड़ी जीत हासिल की। 2021 में उनकी पत्नी कराबी मन्ना ने भाजपा को 23,072 वोटों के भारी अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी थी।

लोकसभा बढ़त को पाटने में सफलता

गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों में हरिपाल क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस का दबदबा बना रहा है। 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में TMC ने बड़ी बढ़त बनाई। 2024 में TMC की भाजपा पर बढ़त 32,459 वोटों की रही थी। इस पृष्ठभूमि में भाजपा का विधानसभा चुनाव में यह प्रदर्शन उल्लेखनीय माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने उस विशाल अंतर को पाटते हुए जीत हासिल की।

जीत के कारण और आगे की राह

विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर सत्ता-विरोधी लहर (एंटी-इनकंबेंसी), विकास के मुद्दे और भाजपा के संगठनात्मक प्रयासों ने पार्टी को लाभ पहुँचाया। लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन की कमज़ोर स्थिति भी भाजपा के लिए अनुकूल रही, हालाँकि वोट ट्रांसफर सीमित रहा। हरिपाल में यह जीत उत्तरी और मध्य बंगाल में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक उपस्थिति का संकेत देती है, और आने वाले समय में TMC के लिए अपने पारंपरिक वोट बैंक को पुनः मज़बूत करने की चुनौती खड़ी करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

072 वोटों की हार को 2026 में 3,488 की जीत में बदलना महज़ संगठन का चमत्कार नहीं, बल्कि स्थानीय सत्ता-विरोधी भावना की गहराई का प्रमाण है। लेकिन 2024 लोकसभा में TMC की 32,459 वोटों की बढ़त यह भी बताती है कि यह सीट अभी पूरी तरह भाजपा की नहीं हुई — बल्कि यह एक नाज़ुक राजनीतिक संतुलन पर टिकी है। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा इस विधानसभा जीत को ज़मीनी संगठन में बदल पाएगी, या यह केवल एंटी-इनकंबेंसी की लहर पर सवार एकबारगी सफलता साबित होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिपाल विधानसभा सीट पर 2026 में किसने जीत दर्ज की?
भाजपा उम्मीदवार मधुमिता घोष ने हरिपाल विधानसभा सीट पर TMC की कराबी मन्ना को 3,488 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। यह नतीजा 4 मई 2026 को 27 राउंड की मतगणना के बाद घोषित किया गया।
हरिपाल सीट पर कितने वोटों का अंतर रहा?
भाजपा की मधुमिता घोष को 1,13,332 वोट और TMC की कराबी मन्ना को 1,09,844 वोट मिले, यानी जीत का अंतर 3,488 वोट रहा। यह 2021 के 23,072 वोटों के अंतर की तुलना में बेहद नज़दीकी मुकाबला था।
हरिपाल सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
हरिपाल सीट 1967 में अस्तित्व में आई और 1977 से 2006 तक CPI(M) का गढ़ रही। 2011 से TMC ने इस पर कब्जा जमाया और 2021 में कराबी मन्ना ने भाजपा को 23,072 वोटों से हराया था। 2026 में भाजपा ने पहली बार यह सीट जीती।
भाजपा की हरिपाल जीत का क्या महत्व है?
यह जीत TMC के पारंपरिक गढ़ में भाजपा की पहली सफलता है और उत्तरी व मध्य बंगाल में पार्टी की बढ़ती ताकत का संकेत देती है। हालाँकि 2024 लोकसभा में TMC की 32,459 वोटों की बढ़त बताती है कि यह क्षेत्र अभी भी प्रतिस्पर्धी बना हुआ है।
हरिपाल में मतदान प्रतिशत कितना रहा?
हरिपाल विधानसभा क्षेत्र में 92.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे हुगली जिले में 91.98 प्रतिशत वोटिंग हुई। यह उच्च मतदान प्रतिशत मतदाताओं की इस सीट पर गहरी रुचि को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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