महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को महिलाएं कभी क्षमा नहीं करेंगी: दिलीप घोष
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण: महिलाओं के विकास और सम्मान के लिए आवश्यक है।
- राजनीतिक सक्रियता: चुनावी माहौल में बढ़ती गतिविधियाँ।
- दिलीप घोष का दृष्टिकोण: महिलाओं के अधिकारों का समर्थन।
खड़गपुर, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में चुनावों की तारीखें नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। इसी संदर्भ में, खड़गपुर सदर विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने टीएमसी पर तीखा हमला किया है।
महिला आरक्षण पर मीडिया से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "प्रधानमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जो वादा किया था, उसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। हम पूरे देश की ओर से उन्हें बधाई देना चाहते हैं। आज खड़गपुर में महिलाओं की एक रैली आयोजित की जाएगी। महिलाओं के विकास, सशक्तीकरण और सम्मान के लिए लाए गए इस विधेयक का विरोध करने वाले लोग, महिलाएं और देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। जब भी कोई विधेयक देश के हित में कानून बनने वाला होता है, तो टीएमसी और अन्य कुछ पार्टियां उसका विरोध करती हैं। लेकिन इस देश की जनता ऐसे विरोध को बर्दाश्त नहीं करेगी।"
इसके अलावा, प्रचार के दौरान दिलीप घोष ने कहा, "आज प्रचार का दिन है। लोग आगे आ रहे हैं, अपनी मांगें रख रहे हैं और मुझसे मिल रहे हैं।"
दिलीप घोष ने पहले कहा था, "इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, प्रधानमंत्री मोदी स्वयं नेतृत्व कर रहे हैं। कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों को शरण दी है। भाजपा की सरकार बनने पर घुसपैठियों को बाहर निकाल दिया जाएगा। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, ममता बनर्जी की स्थिति बिगड़ रही है, इसलिए वह अनाप-शनाप बयान दे रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल में कोयला, बालू और गो-तस्करी जैसी बड़ी समस्याएं हैं। तस्करी से हजारों करोड़ रुपये की आमदनी होती है। हिंसा जैसी घटनाओं के पीछे भी यही पैसा होता है। ऐसे मामलों में जो भी दोषी हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए।"