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महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की आपत्ति पर सांसद शांभवी चौधरी की प्रतिक्रिया

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महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की आपत्ति पर सांसद शांभवी चौधरी की प्रतिक्रिया

सारांश

शांभवी चौधरी ने कांग्रेस पार्टी के महिला आरक्षण बिल पर की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि महिलाओं को आरक्षण देने से लोकतंत्र और भी मजबूत होगा।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल को लोकतंत्र के लिए फायदेमंद माना गया है।
कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस चल रही है।
सांसद शांभवी चौधरी ने कांग्रेस की टिप्पणियों की आलोचना की है।

दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी द्वारा महिला आरक्षण बिल को लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताने पर लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

शांभवी चौधरी ने आईएएनस से बातचीत में स्पष्ट किया, "लोकतंत्र के उच्चतम मंच पर दिया गया यह बयान कांग्रेस पार्टी के इरादों और नीतियों को दर्शाता है। यदि महिलाओं को आरक्षण दिया जाए और महिला सशक्तीकरण के लिए सीटें आरक्षित की जाएं तो इससे लोकतंत्र और भी मजबूत होगा। सदन में आधी जनसंख्या की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर मिलेगा। यह कहना कि इससे लोकतंत्र को हानि होगी, वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महिला सदन सदस्य से ऐसी टिप्पणी आना निराशाजनक है और यह महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य का समर्थन नहीं करता।"

शांभवी चौधरी ने आगे कहा, "सभी विपक्षी दल लगातार भ्रम फैलाने, झूठे दावे करने और लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। कल गृह मंत्री ने सदन में स्पष्ट रूप से प्रतिशत और आंकड़ों के साथ समझाया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्यवार आंकड़े प्रस्तुत किए और सभी डेटा को सदन के सामने रखा, जिससे यह सिद्ध होता है कि दक्षिणी राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।"

झारखंड के रांची से भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा, "कल मैं एक मीडिया चैनल पर पीएम मोदी का भाषण सुन रहा था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस सरकार इतनी लंबी अवधि तक सत्ता में रही, लेकिन उन्होंने महिला आरक्षण बिल नहीं लाया। साथ ही मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं ने भी इसका विरोध किया। आज पीएम मोदी यह बिल लाए हैं। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। कुछ पार्टियों को इससे परेशानी हो रही है और शायद वे अपनी सीटें खोने के डर से इसका विरोध कर रही हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। सांसद शांभवी चौधरी ने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने का एक कदम बताया है, जबकि कांग्रेस इसे हानिकारक मानती है। यह विषय समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर गहरी बहस को जन्म देता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
क्यों कांग्रेस ने इसे नुकसानदायक बताया?
कांग्रेस का मानना है कि इससे लोकतंत्र को नुकसान होगा, लेकिन सांसद शांभवी चौधरी ने इसका विरोध किया है।
राष्ट्र प्रेस
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