ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खोला, ट्रंप ने किया धन्यवाद
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खोला।
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस निर्णय की सराहना की।
- संघर्ष विराम के दौरान व्यापार में वृद्धि की संभावना।
- ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की उम्मीदें बढ़ी हैं।
- परमाणु हथियारों पर ट्रंप ने ईरान की स्थिति स्पष्ट की।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लेबनान में चल रहे सीजफायर के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सीजफायर की अवधि के दौरान होर्मुज स्ट्रेट सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री यातायात को समर्थन मिलेगा।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, ''लेबनान में सीजफायर के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन द्वारा पहले ही जो समन्वित मार्ग घोषित किया गया है, उसी के अनुसार सीजफायर के शेष समय के लिए होर्मुज स्ट्रेट सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा।''
ईरान के इस निर्णय की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सराहना की। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, ''ईरान ने अभी हाल ही में घोषणा की है कि ईरान का स्ट्रेट पूरी तरह से खुल गया है और आने-जाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। धन्यवाद।''
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने का संकेत दिया था।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान अब समझौते के काफी करीब पहुँच गए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परमाणु समझौते पर प्रगति जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो, तो संघर्ष विराम को आगे बढ़ाया जा सकता है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है और हम उनसे बहुत अच्छे तरीके से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान अब वे कदम उठाने को तैयार है, जिनके लिए वह दो महीने पहले तैयार नहीं था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य उद्देश्य यही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि ईरान के पास परमाणु हथियार हुआ तो यह दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा होगा।” उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।