नासिक में टीसीएस की कर्मचारी निदा खान को धर्मांतरण मामले में निलंबित किया गया
सारांश
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नासिक, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने एक आधिकारिक बयान में अपनी कर्मचारी निदा खान के निलंबन की घोषणा की है। उनका नाम महाराष्ट्र के नासिक में कथित धर्मांतरण से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है।
निलंबन आदेश, जो ९ अप्रैल २०२६ को जारी हुआ था, में कहा गया है कि इस प्रोसेस एसोसिएट को गंभीर आरोपों के मद्देनजर तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कंपनी ने बताया कि उसे इस कर्मचारी से जुड़े एक गंभीर मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, निदा खान वर्तमान में न्यायिक या पुलिस हिरासत में हैं, जिसके चलते वे अपने कार्यों को संपादित करने में असमर्थ हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, आगे की जांच और निर्णय होने तक उन्हें निलंबित रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने निदा खान के आंतरिक नेटवर्क तक पहुंच को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है और उन्हें कंपनी की सभी संपत्तियां लौटाने का निर्देश दिया है।
उन्हें यह भी सूचित किया गया है कि जब तक एचआर विभाग से अगली सूचना नहीं मिलती, तब तक वे न तो कार्यालय में उपस्थित हों और न ही दूरस्थ कार्य करें। कंपनी ने इस मामले में गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया है और चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आरोपों के अनुसार, निदा खान पर यह आरोप है कि उन्होंने कुछ महिला कर्मचारियों को इस्लामी रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि उन्हें नमाज पढ़ने, खानपान की आदतों में बदलाव करने और धार्मिक प्रतीकों को अपनाने के लिए दबाव डाला गया।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी आरोप अभी जांच के तहत हैं और इनकी पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी वर्तमान में इन आरोपों की गहन जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या वास्तविकता में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
कंपनी ने कहा है कि निलंबन एक अस्थायी प्रशासनिक उपाय है, जो मामले की गंभीरता को देखते हुए लिया गया है और इसका मतलब यह नहीं है कि दोष साबित हो गया है।
आगे की कार्रवाई जांच के परिणाम और संबंधित अधिकारियों के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।