TCS धर्मांतरण-उत्पीड़न मामला: जमानत मिलने के बाद भी निदा खान जेल में, औपचारिकताएं बाकी
सारांश
मुख्य बातें
नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) कार्यालय से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को नासिक रोड न्यायालय से 6 जुलाई को जमानत मिलने के बावजूद उनकी तत्काल रिहाई संभव नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के अनुसार जमानत आदेश से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने में एक से दो दिन का समय लग सकता है, जिसके चलते निदा खान फिलहाल न्यायिक हिरासत में बनी हुई हैं।
जमानत की प्रक्रिया और विलंब की वजह
आरोपी की पैरवी कर रहे अधिवक्ता बाबा सैयद और राहुल कासलीवाल ने बताया कि न्यायालय ने जमानत तो मंजूर कर दी है, परंतु रिहाई संबंधी औपचारिक आदेश जारी होने और जेल प्रशासन को सूचित किए जाने की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी न्यायिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही निदा खान को जेल से रिहा किया जाएगा।
सह-आरोपियों की स्थिति
इसी मामले में सह-आरोपी तौसीफ को भी 6 जुलाई को जमानत मिल गई, जबकि तीसरे आरोपी दानिश शेख की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी। गौरतलब है कि यह वही दानिश शेख हैं, जिनके खिलाफ पीड़िता ने पहली शिकायत दर्ज कराई थी।
जमानत के लिए बचाव पक्ष की दलीलें
न्यायालय में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कई आधारों पर जमानत की माँग की। वकीलों ने अदालत को बताया कि निदा खान गर्भवती हैं और मानवीय आधार पर उनकी रिहाई ज़रूरी है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि जाँच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, इसलिए आगे हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि निदा खान का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इन्हीं दलीलों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने जमानत देने का आदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि गिरफ्तारी के बाद से ही निदा खान ने गर्भावस्था का आधार बताते हुए कई बार जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन न्यायालय ने पहले के सभी आवेदन खारिज कर दिए थे। न्यायिक हिरासत के दौरान उन्हें गर्भवती होने के कारण विशेष सुविधाएं दी गई थीं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नासिक स्थित TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का कथित आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, परंतु मानव संसाधन विभाग ने उनकी शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया।
निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था।
आगे क्या होगा
मामले की आगे की न्यायिक सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी। जैसे ही रिहाई संबंधी औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी, निदा खान और तौसीफ को जेल से रिहा किया जाएगा, जबकि दानिश शेख न्यायिक हिरासत में बने रहेंगे।