7 जुलाई 2026
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भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस से UPI तक बड़े समझौते, समुद्री सुरक्षा व व्यापार को मिलेगी नई ताकत

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भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस से UPI तक बड़े समझौते, समुद्री सुरक्षा व व्यापार को मिलेगी नई ताकत

सारांश

जकार्ता में मोदी-प्रबोवो शिखर वार्ता महज शिष्टाचार नहीं थी — ब्रह्मोस से लेकर QR पेमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स तक, भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, डिजिटल और आर्थिक मोर्चों पर एक साथ कई दरवाज़े खोले। हिंद-प्रशांत में यह साझेदारी अब केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस ढाँचे की शक्ल ले रही है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 8 जुलाई 2025 को जकार्ता में शिखर वार्ता की और कई MOU पर हस्ताक्षर किए।
ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग के ज़रिए रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाई मिली।
क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट लिंक और RBI-बैंक इंडोनेशिया के बीच स्थानीय मुद्रा लेनदेन (LCT) से डिजिटल वित्तीय सहयोग मजबूत होगा।
भारत के ONDC मॉडल पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) से इंडोनेशिया के MSME को डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रवेश मिलेगा।
क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन में सहयोग MOU पर हस्ताक्षर; AITIGA समीक्षा जल्द पूरी करने पर जोर।
सबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में भारत की रुचि का इंडोनेशिया ने स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच 8 जुलाई 2025 को जकार्ता में हुई शिखर वार्ता के बाद भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा, डिजिटल भुगतान, महत्वपूर्ण खनिज, स्वास्थ्य और व्यापार समेत कई अहम क्षेत्रों में बहुपक्षीय समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाले ये समझौते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को भी रेखांकित करते हैं।

रक्षा और समुद्री सहयोग

दोनों नेताओं ने ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौते के ज़रिए रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाई देने का स्वागत किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों ने संयुक्त उत्पादन, तकनीक हस्तांतरण, जहाज निर्माण, रखरखाव एवं मरम्मत (MRO) सुविधाओं की स्थापना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D) में सहयोग पर सहमति जताई।

समुद्री क्षेत्र में मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA), तटीय निगरानी, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), प्रदूषण नियंत्रण और खोज एवं बचाव (SAR) में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा एजेंसी बाकामला RI और भारतीय तटरक्षक बल के बीच कार्यान्वयन व्यवस्था का नवीनीकरण भी किया गया।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और UPI विस्तार

डिजिटल सहयोग के मोर्चे पर दोनों देशों ने क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट लिंक लागू करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया, जिससे सीमा-पार डिजिटल भुगतान और सुगम होगा। भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) मॉडल को अपनाते हुए इंडोनेशिया में इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) शुरू करने का भी स्वागत किया गया, जिसका उद्देश्य इंडोनेशिया के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाना है।

इसके साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और बैंक इंडोनेशिया के बीच स्थानीय मुद्रा में लेनदेन (LCT) संबंधी दिशा-निर्देशों को जल्द लागू करने पर भी सहमति बनी, जिससे डॉलर-निर्भरता घटाकर द्विपक्षीय व्यापार को बल मिलेगा।

व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण खनिज

दोनों नेताओं ने माना कि भारत के 'विकसित भारत 2047' और इंडोनेशिया के 'इंडोनेशिया एमास 2045' विज़न के बीच आर्थिक सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं। इसी दिशा में आसियान-भारत व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी करने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने 2026 में वर्किंग ग्रुप ऑन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट (WGTI) की दूसरी बैठक, बाइएनियल ट्रेड मिनिस्टर्स फोरम (BTMF) की चौथी बैठक और जॉइंट इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल डायलॉग (EFD) की पहली बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई।

क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने खनिज और स्टील सप्लाई चेन तकनीक में सहयोग संबंधी MOU पर हस्ताक्षर किए। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाना दोनों देशों की प्राथमिकता बन चुकी है।

स्वास्थ्य और संपर्क

स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों ने स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल विकास संबंधी कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए और खाद्य सुरक्षा तथा पोषण में साझेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सैन्य चिकित्सा संस्थानों के बीच दवाइयों की आपूर्ति को लेकर हो रही प्रगति का भी स्वागत किया गया।

समुद्री और हवाई संपर्क के मोर्चे पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में भारत की रुचि का स्वागत किया। गौरतलब है कि सबांग बंदरगाह हिंद महासागर में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है।

आगे की राह

इन बहुआयामी समझौतों के साथ भारत और इंडोनेशिया ने स्पष्ट संकेत दिया है कि दोनों देश रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक और समुद्री सुरक्षा में अपनी साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले महीनों में इन समझौतों के क्रियान्वयन की गति ही यह तय करेगी कि यह शिखर वार्ता वास्तव में द्विपक्षीय संबंधों में कितना बड़ा बदलाव लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — भारत की पिछली शिखर वार्ताओं में भी ऐसे बहुक्षेत्रीय MOU की लंबी सूचियाँ बनी हैं जो ज़मीन पर धीमी रफ्तार से आगे बढ़ीं। ब्रह्मोस सौदा और सबांग बंदरगाह में रुचि हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की स्पष्ट रणनीतिक मंशा दर्शाते हैं, लेकिन इंडोनेशिया की 'स्वतंत्र और सक्रिय' विदेश नीति को देखते हुए यह साझेदारी कितनी गहरी होगी, यह देखना बाकी है। ONDC-आधारित ION और QR पेमेंट लिंक जैसे डिजिटल प्रयोग भारत के 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' को वैश्विक निर्यात में बदलने की महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं — यदि यह सफल रहा तो यह दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय तकनीक का सबसे बड़ा विस्तार होगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इंडोनेशिया ने 8 जुलाई 2025 को कौन-से प्रमुख समझौते किए?
दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, ब्रह्मोस मिसाइल रक्षा सहयोग, क्रॉस-बॉर्डर QR डिजिटल भुगतान, क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन और स्वास्थ्य कर्मी कौशल विकास समेत कई क्षेत्रों में MOU पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते जकार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की शिखर वार्ता के बाद हुए।
भारत-इंडोनेशिया के बीच UPI और डिजिटल भुगतान सहयोग क्या है?
दोनों देशों ने क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट लिंक लागू करने की दिशा में प्रगति का स्वागत किया, जिससे भारतीय UPI जैसी प्रणाली इंडोनेशिया में भी उपयोग योग्य होगी। इसके अलावा RBI और बैंक इंडोनेशिया के बीच स्थानीय मुद्रा में लेनदेन (LCT) के दिशा-निर्देश जल्द लागू करने पर सहमति बनी।
इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) क्या है और यह भारत से कैसे जुड़ा है?
ION भारत के ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) मॉडल पर आधारित एक डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क है जिसे इंडोनेशिया में लॉन्च किया जा रहा है। इसका उद्देश्य इंडोनेशिया के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
भारत-इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग में क्या नया हुआ?
दोनों देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौते का स्वागत किया। इसके अलावा संयुक्त उत्पादन, तकनीक हस्तांतरण, जहाज निर्माण और MRO सुविधाओं की स्थापना पर सहमति बनी; बाकामला RI और भारतीय तटरक्षक बल के बीच कार्यान्वयन व्यवस्था का भी नवीनीकरण हुआ।
AITIGA समीक्षा और व्यापार वार्ता का क्या महत्व है?
आसियान-भारत व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी करने से दोनों देशों के बीच संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक वातावरण बनेगा। 2026 में WGTI की दूसरी बैठक, BTMF की चौथी बैठक और EFD की पहली बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।
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