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भारत-इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल करार: मोदी दौरे में रक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक पर बड़े समझौते

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भारत-इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल करार: मोदी दौरे में रक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक पर बड़े समझौते

सारांश

मोदी की इंडोनेशिया यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह भारत की रक्षा निर्यात महत्वाकांक्षा का ठोस प्रमाण थी। ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सौदों के साथ EVM तकनीक और खनिज आपूर्ति श्रृंखला पर समझौते — यह दौरा दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक धमक को नई परिभाषा देता है।

मुख्य बातें

भारत और इंडोनेशिया के बीच 7 जुलाई को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति के लिए औपचारिक करार संपन्न।
इंडोनेशिया DRDO निर्मित अस्त्र BVR एयर-टू-एयर मिसाइल भी खरीदेगा; ब्रह्मोस की अतिरिक्त बैटरीज़ देने की भी संभावना।
दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, स्टील-खनिज आपूर्ति श्रृंखला और EVM तकनीक पर भी समझौते।
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने PM मोदी को 'बिंतांग आदिपूर्णा' सम्मान से नवाज़ा, जो 1959 से दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक-सैन्य सम्मान है।
यह यात्रा PM मोदी के तीन देशों के दौरे का पहला चरण थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान मंगलवार, 7 जुलाई को भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति सहित रक्षा, स्वास्थ्य, खनिज और चुनाव तकनीक के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते संपन्न हुए। यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के तीन देशों की यात्रा का पहला चरण था और इसे भारत की घरेलू रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

रक्षा समझौते: ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल

भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति को लेकर औपचारिक करार किया गया। इसके अतिरिक्त, इंडोनेशिया भारत में निर्मित अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल भी खरीदने वाला है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित 'अस्त्र' एक बियॉन्ड-विज़ुअल-रेंज (BVR) मिसाइल है, जिसे तेज़ी से दिशा बदलने वाले शत्रु विमानों को ट्रैक कर नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत के इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त बैटरीज़ भी उपलब्ध कराने की संभावना है।

मोदी का बयान: भरोसे और सहयोग पर ज़ोर

प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों पर कहा, 'हमारे देशों के बीच बढ़ता भरोसा हमारे रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। आज, हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है।' उन्होंने यह भी कहा कि इन समझौतों से इंडोनेशिया के नागरिकों के लिए भारत की गुणवत्तापूर्ण और किफ़ायती दवाएँ अधिक सुलभ होंगी, और भारत वहाँ डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाने में भी सहयोग करेगा।

अन्य क्षेत्रों में सहयोग

रक्षा के अलावा, दोनों देशों ने स्टील सप्लाई चेन के लिए खनिज और प्रौद्योगिकी पर भी समझौता किया, जिसका उद्देश्य आवश्यक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करना है। गौरतलब है कि भारत इंडोनेशिया के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) निर्माण में भी सहायता करेगा और अपनी चुनाव तकनीक की जानकारी साझा करेगा — यह भारत की तकनीकी कूटनीति का एक नया आयाम है।

मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक एवं सैन्य सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से विभूषित किया। 1959 में स्थापित यह सम्मान असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है और यह प्रधानमंत्री मोदी को विश्व भर में प्राप्त हो रहे सर्वोच्च सम्मानों की सूची में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।

भारत की रक्षा निर्यात रणनीति का नया अध्याय

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'मेक इन इंडिया' रक्षा नीति के तहत हथियार निर्यातक देश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। ब्रह्मोस और अस्त्र जैसी स्वदेशी मिसाइलों की इंडोनेशिया को आपूर्ति न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देती है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को भी सुदृढ़ करती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग और औद्योगिक भागीदारी के और विस्तार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा आपूर्ति समयसीमा और रखरखाव साझेदारी में होगी — जो पहले के कुछ रक्षा सौदों में कमज़ोर कड़ी रही है। EVM तकनीक का निर्यात एक नई और दिलचस्प कूटनीतिक चाल है, जो भारत को 'लोकतंत्र की तकनीकी प्रयोगशाला' के रूप में प्रस्तुत करती है — हालाँकि घरेलू स्तर पर EVM की विश्वसनीयता पर बहस अभी थमी नहीं है। दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन के बढ़ते रक्षा प्रभाव के बीच इंडोनेशिया का भारतीय मिसाइलों की ओर झुकाव रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, और यह संकेत देता है कि क्वाड की भावना अब औपचारिक सदस्यता से परे भी फैल रही है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल करार क्या है?
7 जुलाई को PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति के लिए औपचारिक समझौता हुआ। इसके तहत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल बैटरीज़ मिलेंगी और अतिरिक्त बैटरीज़ देने की भी संभावना है।
अस्त्र मिसाइल क्या है और इंडोनेशिया इसे क्यों खरीद रहा है?
अस्त्र DRDO द्वारा विकसित एक स्वदेशी बियॉन्ड-विज़ुअल-रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे तेज़ी से दिशा बदलने वाले दुश्मन विमानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इंडोनेशिया इसे अपनी वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए खरीदने वाला है।
मोदी को इंडोनेशिया का 'बिंतांग आदिपूर्णा' सम्मान क्यों दिया गया?
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने PM मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक एवं सैन्य सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से सम्मानित किया। 1959 में स्थापित यह सम्मान असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा के अलावा और कौन-से समझौते हुए?
दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र (सस्ती दवाएँ और स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षण), स्टील सप्लाई चेन के लिए खनिज एवं तकनीक, और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) निर्माण व चुनाव तकनीक साझाकरण पर समझौते किए।
यह यात्रा भारत की रक्षा निर्यात नीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्रह्मोस और अस्त्र जैसी स्वदेशी मिसाइलों का इंडोनेशिया को निर्यात 'मेक इन इंडिया' रक्षा नीति की बड़ी सफलता है। यह भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया में एक विश्वसनीय रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करता है और घरेलू रक्षा उद्योग को नई गति देता है।
राष्ट्र प्रेस
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