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पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से व्यापक रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत: उच्चायुक्त नागेश सिंह

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पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से व्यापक रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत: उच्चायुक्त नागेश सिंह

सारांश

पीएम मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा महज एक राजनयिक भेंट नहीं — यह एक दशक की साझेदारी का तीसरा शिखर है। उच्चायुक्त नागेश सिंह के अनुसार, खनिज, तकनीक, रक्षा और 10 लाख प्रवासी भारतीयों की ताकत मिलकर इस रिश्ते को एक नई परिभाषा दे रही है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिवसीय दौरे के दूसरे चरण में मेलबर्न पहुँचेंगे — यह एक दशक में उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है।
उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा कि 2020 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब रक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और लोगों के आपसी जुड़ाव तक फैली है।
मार्बल अरीना में होने वाले सामुदायिक कार्यक्रम में 25,000-30,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान; ऑस्ट्रेलिया में 10 लाख भारतीय मूल के लोग।
यह तीसरा वार्षिक लीडर्स समिट है — एक ऐसा ढाँचा जो भारत के केवल चुनिंदा देशों के साथ है।
खेल सहयोग में कबड्डी और फुटी का प्रदर्शन; लक्ष्य क्रिकेट से आगे बहु-खेल साझेदारी बनाना।

ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेलबर्न यात्रा — उनके छह दिवसीय दौरे का दूसरा चरण — दोनों देशों के बीच 2020 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में मोदी का यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा इस बात का प्रमाण है कि दोनों देशों के संबंध असाधारण गति से परिपक्व हो रहे हैं।

दस वर्षों में तीसरी यात्रा का संदेश

उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा, 'पिछले दस सालों में पीएम मोदी का तीसरी बार यहां आना एक बड़ा संकेत है कि पिछले एक दशक में दोनों देशों के संबंध तेज गति से बढ़ रहे हैं। इसे 2020 में हमने व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। जब हम व्यापक बोलते हैं, तो फिर रक्षा और सुरक्षा हो या व्यापार और निवेश हो, स्वच्छ ऊर्जा या लोगों में आपसी जुड़ाव हो, एक प्रगाढ़ संबंध विकसित हो रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध एक स्थिर और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बने हुए हैं।

तीसरा वार्षिक लीडर्स समिट: विशिष्ट कूटनीतिक संकेत

नागेश सिंह ने बताया कि यह तीसरा वार्षिक लीडर्स समिट है — एक ऐसा ढाँचा जो भारत के केवल चुनिंदा साझेदारों के साथ है। इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया आ रहे हैं, जबकि इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भारत गए थे। उन्होंने जापान के साथ भी इसी प्रकार के वार्षिक शिखर सम्मेलन की तुलना करते हुए कहा कि यह संरचना दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई को रेखांकित करती है।

मेलबर्न सामुदायिक कार्यक्रम और भारतीय प्रवासी

मार्बल अरीना में आयोजित होने वाले सामुदायिक कार्यक्रम में अनुमानतः 25,000 से 30,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उच्चायुक्त ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में 10 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो व्यवसाय, राजनीति और अन्य उच्च पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाता है। गौरतलब है कि सिडनी में पिछले दौरे के दौरान प्रधानमंत्री अल्बनीज ने मोदी को 'द बॉस' कहकर संबोधित किया था — मार्बल अरीना का कार्यक्रम उसी भावना को आगे बढ़ाएगा।

खेल साझेदारी: क्रिकेट से आगे की राह

खेल सहयोग के बारे में उन्होंने कहा कि दोनों देश चाहते हैं कि यह साझेदारी क्रिकेट की सीमाओं से परे जाए। उन्होंने बताया कि मेलबर्न कार्यक्रम में भारत की ओर से कबड्डी और ऑस्ट्रेलिया की ओर से फुटबॉल (फुटी) का प्रदर्शन होगा, साथ ही क्रिकेट की भी उपस्थिति रहेगी। उन्होंने कहा, 'हम एक ऐसी साझेदारी बनें कि हॉकी और क्रिकेट के अलावा बाकी खेलों में भी हम आगे निकलें — केवल टीमों का आदान-प्रदान नहीं, हम उससे आगे निकलें।'

हिंद-प्रशांत और द्विपक्षीय मूल्य-आधारित संबंध

क्वाड और द्विपक्षीय सहयोग के अंतर को स्पष्ट करते हुए नागेश सिंह ने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यासों सहित स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों में साझेदार हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में खनिज संसाधन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पाँच वर्ष बाद भी भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार का वास्तविक आँकड़ा उस क्षमता से काफी पीछे है जिसकी चर्चा हर शिखर सम्मेलन में होती है। खनिज और तकनीक सहयोग की बात हर बार उठती है, पर ठोस समझौतों की संख्या सीमित रही है। असली कसौटी यह होगी कि इस दौरे में हस्ताक्षरित समझौते क्रियान्वयन की समयसीमा के साथ आते हैं या नहीं — क्योंकि 'प्रगाढ़ संबंध' की भाषा तब तक अधूरी है जब तक उसके पीछे मापने योग्य परिणाम न हों।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पीएम मोदी छह दिवसीय दौरे के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य तीसरे वार्षिक लीडर्स समिट में भाग लेना और 2020 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को रक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और खेल के क्षेत्रों में आगे बढ़ाना है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
यह 2020 में स्थापित एक बहुआयामी द्विपक्षीय ढाँचा है जिसमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और लोगों के आपसी जुड़ाव शामिल हैं। उच्चायुक्त नागेश सिंह के अनुसार यह साझेदारी पिछले एक दशक में तेज गति से मजबूत हुई है।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय कार्यक्रम में कितने लोग शामिल होंगे?
मार्बल अरीना में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में अनुमानतः 25,000 से 30,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में जनता को संबोधित करेंगे।
भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल साझेदारी में क्या नया होगा?
उच्चायुक्त नागेश सिंह ने बताया कि दोनों देश खेल सहयोग को क्रिकेट और हॉकी से आगे ले जाना चाहते हैं। मेलबर्न कार्यक्रम में भारत की ओर से कबड्डी और ऑस्ट्रेलिया की ओर से फुटबॉल (फुटी) का प्रदर्शन होगा।
क्वाड और भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंधों में क्या अंतर है?
उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय साझेदारी क्वाड से अलग और स्वतंत्र है। यह रक्षा संयुक्त अभ्यासों, आर्थिक सहयोग और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है, और हिंद-प्रशांत में शांति व स्थिरता का लक्ष्य रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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