4 जुलाई 2026
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भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स समिट: PM मोदी का मेलबर्न में 8-10 जुलाई को स्वागत करेंगे अल्बनीज

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भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स समिट: PM मोदी का मेलबर्न में 8-10 जुलाई को स्वागत करेंगे अल्बनीज

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का 8-10 जुलाई का ऑस्ट्रेलिया दौरा महज़ एक समिट नहीं — यह हिंद-प्रशांत में भारत की रणनीतिक धुरी को पुख्ता करने का मौका है। मेलबर्न में अल्बनीज के साथ लीडर्स समिट और फिर चार दशकों में पहला न्यूज़ीलैंड राजकीय दौरा — यह तीन-देशीय यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक पहुँच का संकेत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।
मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट आयोजित होगी; ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज मेज़बानी करेंगे।
दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और तकनीक क्षेत्रों में सहयोग गहरा होने की उम्मीद।
दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग जी20 समिट के दौरान हुई थी।
10-11 जुलाई को मोदी न्यूज़ीलैंड राजकीय दौरे पर जाएंगे — लगभग चार दशकों में किसी भारतीय PM का पहला ऐसा दौरा।
ऑकलैंड में PM क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता और भारतीय समुदाय को संबोधन भी कार्यक्रम में शामिल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई के बीच ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे, जहाँ मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट आयोजित होगी। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शनिवार को कहा कि इस समिट के लिए मोदी का स्वागत करना उनके लिए गर्व की बात है। यह दौरा तीन देशों की यात्रा का हिस्सा है।

समिट का महत्व और द्विपक्षीय संबंध

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस समिट की केंद्रीय धुरी होगी। बयान में रेखांकित किया गया कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अनिवार्य आर्थिक साझेदार बन चुका है।

बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है, जिससे दोनों पक्षों को ठोस लाभ मिल रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं।

अल्बनीज का बयान

प्रधानमंत्री अल्बनीज ने दौरे से पहले अपना उत्साह ज़ाहिर करते हुए कहा, 'मुझे अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया में हमारे सालाना लीडर्स समिट के लिए स्वागत करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'ऑस्ट्रेलिया-भारत का संबंध पहले कभी इतना अहम नहीं रहा और हमारी साझेदारी हिंद-प्रशांत में शांति, स्थिरता और खुशहाली को बढ़ावा देती है।'

गौरतलब है कि दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान हुई थी।

न्यूज़ीलैंड दौरा: चार दशकों में पहला राजकीय दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूज़ीलैंड के राजकीय दौरे पर जाएंगे — यह लगभग चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूज़ीलैंड का पहला राजकीय दौरा होगा। यह यात्रा न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर हो रही है।

ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी, पीएम लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दोनों देशों के संबंधों की व्यापक समीक्षा होगी। पिछले दो वर्षों में व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

समुदाय और व्यापारिक जगत से संवाद

ऑकलैंड प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी व्यापार और खेल जगत की著名 हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे वहाँ बसे भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को संबोधित करेंगे, जो दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क की मज़बूती को रेखांकित करता है।

यह तीन देशों का दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ऑस्ट्रेलिया कब जाएंगे और वहाँ क्या होगा?
PM मोदी 8 से 10 जुलाई 2026 तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहेंगे। मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट आयोजित होगी, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज मेज़बानी करेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, सुरक्षा व तकनीक में सहयोग पर चर्चा होगी।
भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स समिट क्यों महत्वपूर्ण है?
यह समिट दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने का मंच है। भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऑस्ट्रेलिया के लिए एक प्रमुख आर्थिक साझेदार है; हिंद-प्रशांत में शांति व स्थिरता के लिए दोनों देशों का सहयोग रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।
मोदी और अल्बनीज की पिछली मुलाकात कब हुई थी?
दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान हुई थी। मेलबर्न समिट उसके बाद दोनों के बीच पहली औपचारिक द्विपक्षीय बैठक होगी।
मोदी का न्यूज़ीलैंड दौरा ऐतिहासिक क्यों है?
यह लगभग चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूज़ीलैंड का पहला राजकीय दौरा है। 10-11 जुलाई को ऑकलैंड में PM क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों की प्रगति की समीक्षा होगी।
मोदी के न्यूज़ीलैंड दौरे में भारतीय समुदाय की क्या भूमिका होगी?
ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को संबोधित करेंगे। वे व्यापार और खेल जगत की著名 हस्तियों से भी मिलेंगे, जो दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से है।
राष्ट्र प्रेस
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