13 जुलाई 2026
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अल्बनीज बोले — भारत दौरा रहा सम्मान की बात, जल्द PM मोदी की ऑस्ट्रेलिया में करेंगे मेजबानी

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अल्बनीज बोले — भारत दौरा रहा सम्मान की बात, जल्द PM मोदी की ऑस्ट्रेलिया में करेंगे मेजबानी

सारांश

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज ने संसद में भारत के साथ अपने तीन दशक पुराने जुड़ाव को याद किया और PM मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा की पुष्टि की — यह संकेत है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी अब नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रही है।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 28 मई को संसद में भारत यात्रा को अपने राजनीतिक जीवन के सबसे खास अनुभवों में गिनाया।
अल्बनीज ने पुष्टि की कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा की मेजबानी करेंगे — यह मोदी का दूसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा।
अल्बनीज पहली बार 1991 में बैकपैकर के रूप में भारत आए थे; प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने दो बार भारत का दौरा किया।
ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता प्रवासी समुदाय बताया।
भारत को इस दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनते देखने की उम्मीद जताई; ECTA को द्विपक्षीय व्यापार का आधार बताया।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 28 मई को ऑस्ट्रेलियाई संसद में दिए अपने संबोधन में भारत यात्रा को अपने राजनीतिक जीवन के सर्वाधिक यादगार अनुभवों में गिनाया और पुष्टि की कि वे शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा की मेजबानी करेंगे। यह संबोधन भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम द्वारा साझा किया गया।

भारत से पुराना नाता

अल्बनीज ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने भारत की दो यात्राएँ की हैं, जो उनके लिए सम्मान की बात रही हैं। हालाँकि उनका भारत से जुड़ाव इससे कहीं पुराना है — वे पहली बार 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत आए थे।

उन्होंने मज़ाकिया लहजे में स्वीकार किया कि उन दिनों उनके यात्रा करने का अंदाज़ बिल्कुल अलग था। उनके शब्दों में, 'अगर आप भारत को सच में समझना चाहते हैं, तो बस या ट्रेन में सफर कीजिए। वहाँ लोगों की गर्मजोशी और अपनापन करीब से देखने को मिलता है। यह एक अद्भुत अनुभव है।'

मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा की पुष्टि

अल्बनीज ने संसद में स्पष्ट किया कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया में दूसरी बार स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सम्मान का अवसर होगा। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग तेज़ी से गहरा हो रहा है।

भारतीय समुदाय की सराहना

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया में बसे लगभग 10 लाख भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता प्रवासी समुदाय बताया। उन्होंने कहा, 'भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत, उदारता और इस देश के प्रति प्रेम से ऑस्ट्रेलिया को बहुत कुछ दिया है। उनकी आकांक्षाओं ने हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है और समाज को और समृद्ध बनाया है।'

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

अल्बनीज ने भारत की आर्थिक क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और इस दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उनके अनुसार यह ऑस्ट्रेलिया और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक असाधारण अवसर है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया केवल प्रशांत महासागर का ही नहीं, बल्कि हिंद महासागर का भी देश है — इसलिए भारत के साथ मज़बूत संबंध दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से अनिवार्य हैं।

आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग

अल्बनीज ने दोनों देशों के बीच हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्ते और प्रगाढ़ हुए हैं। शिक्षा, संस्कृति और क्रिकेट जैसे साझा सूत्र भी दोनों देशों को निकट ला रहे हैं। गौरतलब है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध हाल के वर्षों में व्यापार से आगे बढ़कर रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी विस्तारित हुए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंथनी अल्बनीज ने PM मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के बारे में क्या कहा?
अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलियाई संसद में पुष्टि की कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा की मेजबानी करेंगे और यह उनके लिए सम्मान की बात होगी। यह मोदी का दूसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा।
अल्बनीज का भारत से क्या पुराना जुड़ाव है?
अल्बनीज पहली बार 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत आए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने दो बार भारत का आधिकारिक दौरा किया है, जिसे उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के सबसे खास अनुभवों में गिनाया।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की क्या भूमिका है?
अल्बनीज के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई हैं, जो देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता प्रवासी समुदाय है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय ने अपनी मेहनत और आकांक्षाओं से ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और समाज को मज़बूत बनाया है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ECTA यानी आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने वाला प्रमुख करार है। अल्बनीज ने इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापारिक रिश्तों की बुनियाद बताया।
अल्बनीज ने भारत की आर्थिक क्षमता पर क्या कहा?
अल्बनीज ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और इस दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने इसे ऑस्ट्रेलिया और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक असाधारण अवसर बताया।
राष्ट्र प्रेस
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