एनएचएआई ने 121 टोल प्लाजा पर फास्टैग डिजिटल लोकल पास सुविधा बढ़ाई, अब घर बैठे होगा आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश भर के 121 टोल प्लाजा पर फास्टैग डिजिटल लोकल पास सुविधा का विस्तार कर दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी और स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में इस सुविधा को देश के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू किया जाएगा। इस पहल से टोल प्लाजा पर भौतिक रूप से जाकर दस्तावेज जमा करने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है।
डिजिटल लोकल पास क्या है और यह कैसे काम करता है
इस योजना के तहत किसी टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासी राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से मासिक लोकल पास के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्र यात्रियों को संबंधित टोल प्लाजा से माह भर असीमित यात्रा की सुविधा मिलती है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है — न कोई कागज़ी दस्तावेज, न टोल बूथ पर कतार।
गौरतलब है कि इससे पहले लोकल पास लेने के लिए यात्रियों को स्वयं टोल प्लाजा पर जाना पड़ता था और आवासीय पते तथा अन्य पात्रता संबंधी दस्तावेज भौतिक रूप से जमा करने होते थे। नई व्यवस्था ने यह झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया है।
तकनीकी आधार: डिजीलॉकर और GIS से जुड़ी प्रणाली
मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल लोकल पास सुविधा डिजीलॉकर और वाहन सहित सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ सहमति-आधारित एकीकरण पर काम करती है। इसके जरिए यात्री का आवासीय पता, वाहन विवरण और लिंक किया गया फास्टैग स्वचालित रूप से सत्यापित हो जाता है।
पात्रता की जाँच भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) के माध्यम से भी की जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आवेदक का पंजीकृत पता संबंधित टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में आता है या नहीं। यह तकनीकी ढाँचा फर्जी आवेदनों पर स्वाभाविक अंकुश लगाता है।
पायलट परियोजना से राष्ट्रीय विस्तार तक
इस योजना की शुरुआत जुलाई 2026 में हुई, जब दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर पहला डिजिटल लोकल पास लॉन्च किया गया था। महज कुछ हफ्तों में इसे 121 टोल प्लाजा तक विस्तारित करना इस पहल की स्वीकार्यता और तकनीकी तत्परता का संकेत है।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा को अधिक जन-केंद्रित और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल समाधानों पर ज़ोर दे रही है।
आम जनता पर असर
राष्ट्रीय राजमार्गों के नज़दीक रहने वाले लाखों दैनिक यात्री — विशेष रूप से वे जो काम, व्यापार या रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए बार-बार टोल पार करते हैं — इस सुविधा से सीधे लाभान्वित होंगे। मासिक पास की उपलब्धता से बार-बार टोल भुगतान की परेशानी और खर्च दोनों कम होंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पात्र टोल प्लाजा की पूरी सूची देख सकते हैं।
आगे क्या
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 121 टोल प्लाजा केवल शुरुआत है। आने वाले महीनों में इस सुविधा को देश के अन्य सभी टोल प्लाजा पर भी लागू करने की योजना है। इससे फास्टैग-आधारित भुगतान प्रणाली का दायरा और व्यापक होगा तथा टोल प्रबंधन में डिजिटल शासन को नई गति मिलेगी।