टोल प्लाजा पर कैश का अंत: एक अप्रैल से शुरू होगा केवल डिजिटल भुगतान
सारांश
Key Takeaways
- एक अप्रैल से टोल प्लाजा पर केवल डिजिटल भुगतान होगा।
- फास्टैग और यूपीआई के माध्यम से ही भुगतान किया जा सकेगा।
- कैश लेन का होना समाप्त होगा, जिससे लंबी कतारें कम होंगी।
- नेटवर्क समस्याओं के कारण लेनदेन में देरी हो सकती है।
- यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने फास्टैग और यूपीआई ऐप को सक्रिय रखें।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। एक अप्रैल से टोल प्लाजा पर केवल डिजिटल भुगतान ही स्वीकृत होगा, जिसका अर्थ है कि अब हाइवे उपयोगकर्ता कैश में टोल नहीं चुका सकेंगे।
इस नई व्यवस्था का प्रभाव देशभर के सभी टोल प्लाजा पर पड़ेगा। एनएचएआई के अनुसार, यात्रियों को टोल प्लाजा पर केवल डिजिटल माध्यमों जैसे फास्टैग और यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने की अनुमति होगी।
इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल संग्रह में कुशलता और पारदर्शिता लाना है।
अधिकारी मानते हैं कि पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली से वाहनों को टोल प्लाजा से तेजी से गुजरने में मदद मिलेगी, जिससे लंबी कतारों में कमी आएगी और यात्रा का समय बच सकेगा।
कैश लेन को समाप्त करने से अधिकारियों को उम्मीद है कि व्यस्त समय के दौरान यातायात सुचारू रूप से चलेगा।
टोल बूथों पर तेज़ी से प्रोसेसिंग से ईंधन की खपत और वाहन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
हालांकि, इस बदलाव से कुछ यात्रियों को कठिनाई हो सकती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो डिजिटल भुगतान के लिए तैयार नहीं हैं।
यदि वाहन पर वैध फास्टैग या पर्याप्त बैलेंस नहीं है, तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उन्हें टोल प्लाजा पर रोका जा सकता है।
ऐसे में यात्रियों के पास टोल बूथों पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई के माध्यम से तुरंत भुगतान करने का विकल्प होगा।
हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नेटवर्क से संबंधित समस्याएं कभी-कभी इन लेनदेन को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे देरी हो सकती है।
इसलिए, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि उनका फास्टैग सक्रिय है, उनके बैंक खाते से सही से जुड़ा हुआ है और उसमें पर्याप्त शेष राशि है।
अपने स्मार्टफोन में एक चालू यूपीआई ऐप का बैकअप रखना भी सुझाया गया है।
यह बदलाव भारत की डिजिटल अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राजमार्ग यात्रा अधिक तेज, सुगम और कुशल बनेगी।