जलगांव ACB कार्रवाई: डिप्टी रजिस्ट्रार जगदीश बारी समेत दो पर ₹3 लाख रिश्वत का मामला दर्ज

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जलगांव ACB कार्रवाई: डिप्टी रजिस्ट्रार जगदीश बारी समेत दो पर ₹3 लाख रिश्वत का मामला दर्ज

सारांश

जलगांव ACB ने सहकारी विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार जगदीश बारी और निजी व्यक्ति देवीदास पाटिल पर ₹3 लाख रिश्वत का मामला दर्ज किया। पाटिल को ₹1.5 लाख लेते रंगे हाथ दबोचा गया। शिकायतकर्ता के खिलाफ अवैध साहूकारी मामले में अनुकूल रिपोर्ट के बदले यह सौदा तय हुआ था।

मुख्य बातें

ACB जलगांव ने 20 मई 2025 को सहकारी विभाग में रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया।
आरोपी उप रजिस्ट्रार जगदीश बाबूराव बारी ने जांच रिपोर्ट अनुकूल भेजने के बदले पहले ₹5 लाख , बाद में ₹3 लाख रिश्वत मांगी।
निजी व्यक्ति देवीदास धनसिंह पाटिल को बी.जे.
मार्केट, जलगांव में ₹1 लाख 50 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
शिकायत 18 मई को ACB में दर्ज हुई थी; सत्यापन में आरोपी ने रिश्वत मांगने की पुष्टि की।
कार्रवाई का पर्यवेक्षण DSP योगेश ठाकुर ने किया; आगे की जांच PI स्मिता नवघारे कर रही हैं।

भ्रष्टाचार विरोधी विभाग (ACB) की जलगांव इकाई ने 20 मई 2025 को सहकारी विभाग में रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जलगांव सहकारी समिति के उप रजिस्ट्रार जगदीश बाबूराव बारी और निजी व्यक्ति देवीदास धनसिंह पाटिल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी देवीदास पाटिल को ₹1 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

जलगांव तालुका उप निबंधक, सहकारी संस्था कार्यालय में शिकायतकर्ता के खिलाफ अवैध साहूकारी का मामला विचाराधीन था। शिकायतकर्ता जब अपने प्रकरण की अगली सुनवाई और जांच की जानकारी लेने पहुंचे, तब उप रजिस्ट्रार जगदीश बारी ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज न करने तथा जांच रिपोर्ट अनुकूल भेजने के एवज में पहले ₹5 लाख की रिश्वत मांगी। बाद में सौदेबाजी के बाद यह राशि ₹3 लाख पर तय हुई।

गौरतलब है कि आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को यह भी बताया कि पूर्व में वकील नियुक्त किए जाने के कारण उनके खिलाफ नकारात्मक रिपोर्ट भेजी गई थी, किंतु अब रिश्वत मिलने पर अनुकूल रिपोर्ट भेजी जाएगी।

ACB को शिकायत और सत्यापन

शिकायतकर्ता ने 18 मई को ACB जलगांव कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पंचों के समक्ष आरोपी अधिकारी ने रिश्वत मांगने की पुष्टि की। तय राशि में से पहली किश्त के रूप में ₹1 लाख 50 हजार मांगे गए और उप रजिस्ट्रार बारी ने यह रकम निजी व्यक्ति देवीदास पाटिल को देने के निर्देश दिए।

रंगे हाथ गिरफ्तारी

20 मई को ACB टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। जलगांव जिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक एसोसिएशन लिमिटेड, बी.जे. मार्केट, जलगांव स्थित कार्यालय में आरोपी देवीदास पाटिल को शिकायतकर्ता से ₹1 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मौके पर रिश्वत की पूरी राशि जब्त कर ली गई।

जांच दल और आगे की कार्रवाई

इस पूरी कार्रवाई का पर्यवेक्षण पुलिस उप अधीक्षक योगेश ठाकुर ने किया। ट्रैप अधिकारी के रूप में पुलिस निरीक्षक रेशमा अवतारे ने भूमिका निभाई, जबकि मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक स्मिता नवघारे कर रही हैं। ACB ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर तत्काल भ्रष्टाचार विरोधी विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर रिश्वत लेकर राहत देने का वादा करना, यह दोहरा खेल व्यवस्थागत विफलता को उजागर करता है। ACB की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि उप रजिस्ट्रार स्तर पर इतने खुलेआम सौदेबाजी कैसे संभव हुई। जब तक सहकारी विभाग में आंतरिक निगरानी तंत्र नहीं सुधरता, ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलगांव ACB ने किस मामले में कार्रवाई की?
ACB जलगांव इकाई ने सहकारी विभाग के उप रजिस्ट्रार जगदीश बाबूराव बारी और निजी व्यक्ति देवीदास धनसिंह पाटिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आरोप है कि जांच रिपोर्ट अनुकूल भेजने के बदले ₹3 लाख रिश्वत मांगी गई।
रिश्वत की मांग किस कारण की गई थी?
शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के खिलाफ अवैध साहूकारी का मामला जलगांव तालुका उप निबंधक कार्यालय में विचाराधीन था। उप रजिस्ट्रार बारी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज न करने और जांच रिपोर्ट अनुकूल भेजने के एवज में रिश्वत मांगी।
गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई?
20 मई 2025 को ACB टीम ने जाल बिछाकर जलगांव जिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक एसोसिएशन लिमिटेड, बी.जे. मार्केट, जलगांव स्थित कार्यालय में देवीदास पाटिल को ₹1 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पूरी राशि मौके पर जब्त की गई।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक स्मिता नवघारे कर रही हैं। कार्रवाई का पर्यवेक्षण DSP योगेश ठाकुर ने किया और ट्रैप अधिकारी पुलिस निरीक्षक रेशमा अवतारे थीं।
ACB ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
ACB ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करे, तो तत्काल भ्रष्टाचार विरोधी विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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