झारखंड: सरायकेला में डीसीएलआर ऑफिस में रिश्वत लेते दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड में एसीबी की सक्रियता से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- डीसीएलआर कार्यालय के कर्मचारी और दलाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
- आरोपियों पर 40 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
- एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति की भी जांच शुरू की।
- जनता से अपील की गई है कि वे रिश्वत न दें।
रांची/सरायकेला, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को सरायकेला जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। डीसीएलआर (डिप्टी कमिश्नर लैंड रिफॉर्म) कार्यालय के एक कर्मचारी और एक दलाल को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में कार्यालय का कर्मचारी प्रीतम आचार्य और एक ब्रोकर शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जमीन मुआवजे से संबंधित मामले के समाधान और पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए वादी गुरुचरण सिंह सरदार से 40 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
तय सौदे के अनुसार, वादी ने सोमवार को पहली किस्त के रूप में पांच लाख रुपये दिए। जैसे ही उन्होंने आरोपियों को राशि सौंपी, एसीबी की टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद सरायकेला कलेक्ट्रेट और एलआरडीसी कार्यालय में हड़कंप मच गया।
एसीबी ने दोनों आरोपियों को अपने साथ जमशेदपुर ले जाकर उनसे पूछताछ की है। झारखंड में इस महीने अब तक रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कुल आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
इससे पहले 19 मार्च को एसीबी की दुमका इकाई ने साहिबगंज जिले के बरहरवा में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर निरंजन कुमार को एक जन वितरण प्रणाली डीलर से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। आरोपी अधिकारी ने राशन आपूर्ति और विभागीय कार्यों को सुचारू रखने के नाम पर अवैध राशि की मांग की थी।
17 मार्च को सीबीआई ने बोकारो के भोजूडीह में दक्षिण पूर्व रेलवे के एक जूनियर इंजीनियर को 15 हजार रुपये की घूस लेते पकड़ा। 13 मार्च को देवघर में रिंग रोड परियोजना के मुआवजे के लिए कमीशन मांगने के आरोप में जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया था। 12 मार्च को कोडरमा में एक दारोगा और गुमला में एक पंचायत सचिव भी रिश्वत लेते पकड़े गए थे।
एसीबी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति और संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत न दें और ऐसी मांग होने पर तुरंत संबंधित एजेंसी को सूचित करें।