देवघर में एसीबी ने की बड़ी कार्रवाई, भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की सक्रियता महत्वपूर्ण है।
- देवघर में रिश्वतखोरी मामलों में कार्रवाई की गई।
- लोगों को शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया है।
- कर्मियों ने पांच प्रतिशत कमीशन मांगा था।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
रांची/देवघर, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को देवघर में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इन कर्मियों पर रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की रकम जारी करने के लिए कमीशन मांगने का आरोप लगा है।
गुरुवार को भी कोडरमा और गुमला में एसीबी की कार्रवाई में एक दारोगा और एक पंचायत सचिव को गिरफ्तार किया गया था। देवघर में पकड़े गए कर्मियों की पहचान निरंजन और नुनु देव के रूप में हुई है। एसीबी के अनुसार, ये दोनों कर्मी एक लाभार्थी से मुआवजे की कुल रकम का पांच प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे। शिकायत मिलने पर एसीबी ने सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और जैसे ही दोनों ने लाभार्थी से रिश्वत की राशि ली, उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
छापेमारी के दौरान उनके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई। देवघर में रिंग रोड परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। नियमों के अनुसार, जिन किसानों और भू-स्वामियों की जमीनें ली गई हैं, उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाना चाहिए। आरोप है कि भू-अर्जन कार्यालय के कुछ कर्मी मुआवजे की राशि जारी करने के बदले लाभार्थियों से कमीशन मांग रहे थे। इसी संदर्भ में एक लाभार्थी ने एसीबी से शिकायत की थी कि उसके मुआवजे को जारी करने के लिए कार्यालय के कर्मी लगातार धन का दबाव बना रहे हैं।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप बिछाया और शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम ने गिरफ्तार कर्मियों को अपने साथ दुमका ले जाकर उनसे पूछताछ की और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो को दें।