26 जून 2026
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झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कोडरमा में दारोगा और गुमला में महिला पंचायत सचिव रिश्वत लेते पकड़े गए

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झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कोडरमा में दारोगा और गुमला में महिला पंचायत सचिव रिश्वत लेते पकड़े गए

सारांश

झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई में कोडरमा में एक दारोगा और गुमला में महिला पंचायत सचिव को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। जानें कैसे हुई ये गिरफ्तारियां।

मुख्य बातें

दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
रिश्वत मांगने वाले सरकारी कर्मचारियों को पकड़ा गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता को रिश्वत इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है।

रांची, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीमों ने गुरुवार को दो अलग-अलग जिलों में महत्वपूर्ण कार्रवाई की।

कोडरमा में, एक दारोगा को शराब के मामले को निपटाने की एवज में रिश्वत लेते पकड़ा गया, जबकि गुमला में एक महिला पंचायत सचिव कुएं की मरम्मत के लिए बिल पास करने के लिए घूस ले रही थीं।

पहले मामले में, कोडरमा जिले की हजारीबाग एसीबी की टीम ने चंदवारा थाना में कार्यरत दारोगा पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया गया है कि कुछ दिन पहले चंदवारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी की गई थी। इस मामले को संभालने और आरोपी को बचाने के लिए दारोगा ने एक लाख रुपये की मांग की थी।

इसकी सूचना पीड़ित पक्ष ने जेकेएलएम नेता प्रेम नायक को दी, जिन्होंने हजारीबाग स्थित एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। गुरुवार को दारोगा ने अपने सरकारी क्वार्टर में रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपये लिए, तभी एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दारोगा को टीम अपने साथ हजारीबाग ले गई है।

दूसरी कार्रवाई रांची एसीबी की टीम ने गुमला जिले के विशुनपुर प्रखंड में की। यहां चट्टी सेरका पंचायत की महिला पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को 8 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पीड़ित परमेश्वर सिंह ने शिकायत की कि उनकी जमीन पर ग्राम सभा द्वारा चयनित कुएं की मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका था।

पंचायत सचिव 8 हजार रुपये की मांग कर रही थीं ताकि शेष राशि का भुगतान और बिल पास कर सकें। एसीबी ने शिकायत की जांच के बाद जाल बिछाया और जैसे ही पंचायत सचिव ने रिश्वत की रकम ग्रहण की, टीम ने उन्हें पकड़ लिया। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार, यह साल 2026 में रांची ब्यूरो का छठा ट्रैप केस है।

दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत ब्यूरो को इसकी सूचना दें ताकि भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एसीबी ने और भी गिरफ्तारियां की हैं?
जी हां, एसीबी ने हाल ही में कई मामलों में अलग-अलग गिरफ्तारियां की हैं, जिसमें यह मामला भी शामिल है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो क्या है?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) सरकारी कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करता है और सख्त कार्रवाई करता है।
राष्ट्र प्रेस
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