होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान वार्ता अंतिम चरण में: विदेश मंत्री अराघची
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 3 अगस्त को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही वार्ता अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, अराघची ने यह बात रविवार को कैबिनेट की बैठक में कही।
वार्ता की मुख्य बातें
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी टेलीविज़न आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच किसी समझौते पर पहुँचना जलमार्ग के खुलने या बंद रहने से जुड़ा मसला नहीं है। उन्होंने बताया कि ईरान और ओमान जलडमरूमध्य में 'ट्रैफ़िक सेपरेशन स्कीम' के तहत एक नया मार्ग निर्धारित करने पर काम कर रहे हैं, जो दोनों पक्षों के संप्रभु अधिकारों के साथ-साथ ईरान के राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करे।
ईरान की रक्षा स्थिति
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद एब्न अल-रेजा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम न तो हैरान होंगे और न ही चुपचाप बैठे रहेंगे। हम धमकियों का इस्तेमाल अपनी तैयारी बढ़ाने, अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और अपनी ताकत बढ़ाने के आधार के तौर पर करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान 'दुश्मन' की हर धमकी को 'असली और ध्यान देने लायक' मानता है और इसे महज़ मनोवैज्ञानिक युद्ध नहीं समझता।
तनाव की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान पर नए हमले न करने पर सहमत हो गए हैं। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले किए जाने के बाद तेहरान ने जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और सख्त कर ली थी।
अमेरिकी सेना ने पिछले महीने ईरानी ठिकानों पर कई बार हमले किए, जिनके बारे में उसका कहना था कि ये जलडमरूमध्य में जहाज़ों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों का जवाब थे और इनका उद्देश्य 'व्यावसायिक जहाज़ों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करना' था। इसके प्रतिउत्तर में ईरान ने इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
होर्मुज का रणनीतिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन-रेखा मानी जाती है — दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से गुज़रता है। यह ऐसी पहली बार नहीं है जब ईरान ने इस जलमार्ग को बंद करने की धमकी दी हो, लेकिन मौजूदा सैन्य टकराव के बाद यह वार्ता कहीं अधिक निर्णायक महत्व रखती है।
आगे क्या होगा
ओमान परंपरागत रूप से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। अराघची की घोषणा संकेत देती है कि 'ट्रैफ़िक सेपरेशन स्कीम' पर कोई औपचारिक समझौता निकट भविष्य में संभव है, हालाँकि इसके ब्यौरे अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।