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होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षा योजना को ईरानी संसदीय समिति की मंजूरी, अमेरिका से बातचीत अनिश्चित

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होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षा योजना को ईरानी संसदीय समिति की मंजूरी, अमेरिका से बातचीत अनिश्चित

सारांश

ईरानी संसद की सुरक्षा समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए रणनीतिक कार्य योजना को मंजूरी दी — यह ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान MoU वार्ता ठप है, जुलाई में दोनों पक्षों के बीच सीधे सैन्य टकराव हो चुके हैं, और विश्व के 20% तेल व्यापार का रास्ता दाँव पर है।

मुख्य बातें

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए रणनीतिक सुरक्षा कार्य योजना को बिना किसी विरोध के मंजूरी दी।
यह विधेयक 13 जुलाई को ईरानी संसद में औपचारिक रूप से पेश किया गया था।
ईरान ने 28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों के होर्मुज से गुजरने पर रोक लगाई थी।
जून में हस्ताक्षरित MoU के तहत 60 दिनों में अंतिम समझौते की समयसीमा थी, लेकिन जुलाई में सैन्य टकराव के बाद वार्ता ठप हो गई।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा — जब तक अमेरिका MoU उल्लंघन की भरपाई नहीं करता, बातचीत नहीं होगी।
ईरान और ओमान जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग पर बातचीत कर रहे हैं।

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में 'सुरक्षा और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करने' के उद्देश्य से तैयार एक रणनीतिक कार्य योजना की रूपरेखा को बिना किसी विरोध के मंजूरी दे दी है। समिति के प्रवक्ता हसन कशकावी के अनुसार, इस योजना पर मंजूरी से पूर्व सांसदों ने ईरान की संबंधित संस्थाओं से प्राप्त जानकारियों की विस्तृत समीक्षा की। यह विधेयक औपचारिक रूप से 13 जुलाई को ईरानी संसद में पेश किया गया था।

पृष्ठभूमि: जलडमरूमध्य पर तनाव की जड़ें

ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ कड़ी करते हुए इज़रायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों के सुरक्षित गुजरने पर रोक लगा दी थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर दोनों देशों के कथित संयुक्त हमलों के जवाब में उठाया गया था। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, जिससे यहाँ किसी भी तनाव का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर पड़ता है।

अमेरिका-ईरान टकराव और समझौते की विफलता

जून में ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्धविराम के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर पहुँचना था। हालाँकि, जुलाई में अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर कई बार हमले किए — अमेरिकी पक्ष का कहना था कि ये हमले जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में और 'व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करने' के उद्देश्य से किए गए। इसके प्रत्युत्तर में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए।

विदेश मंत्री अरागची का कड़ा रुख

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने विदेश मंत्रालय के 'सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज' में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं चल रही है। उन्होंने कहा, 'अभी अमेरिका के साथ हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। बातचीत फिर से शुरू करने के रास्ते खोजने के लिए मध्यस्थ अभी भी कोशिश कर रहे हैं। हमारे नजरिए से जब तक अमेरिका MoU का उल्लंघन बंद नहीं करता और अपने किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक बातचीत फिर से शुरू नहीं हो सकती।'

ओमान के साथ वैकल्पिक रास्ते की तलाश

इस बीच, ईरान और ओमान कुछ हफ्तों से जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तय करने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। यह कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्र में अमेरिकी-ईरानी तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और वैश्विक शिपिंग उद्योग वैकल्पिक मार्गों की तलाश में है।

आगे क्या होगा

संसदीय समिति की मंजूरी के बाद यह रणनीतिक कार्य योजना ईरानी संसद के पूर्ण सत्र में विचार के लिए जाएगी। अमेरिका के साथ वार्ता की बहाली तब तक अनिश्चित बनी रहेगी जब तक MoU उल्लंघन के मुद्दे पर कोई सफलता नहीं मिलती। क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज की स्थिति अगले कुछ हफ्तों में वैश्विक तेल कीमतों और अमेरिका-ईरान संबंधों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत जैसे ऊर्जा-आयात पर निर्भर देश भी चुकाएंगे — और यह पहलू मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी संसदीय समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए क्या मंजूरी दी है?
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में 'सुरक्षा और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करने' के लिए एक रणनीतिक कार्य योजना की रूपरेखा को बिना किसी विरोध के मंजूरी दी है। यह विधेयक 13 जुलाई को संसद में पेश किया गया था।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत क्यों रुकी हुई है?
जून में हस्ताक्षरित MoU के बाद जुलाई में अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए। विदेश मंत्री अरागची के अनुसार, जब तक अमेरिका MoU उल्लंघन बंद नहीं करता और भरपाई नहीं करता, बातचीत फिर से शुरू नहीं होगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ने प्रतिबंध कब और क्यों लगाए?
ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज जलडमरूमध्य पर इज़रायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों के गुजरने पर रोक लगाई थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर दोनों देशों के कथित संयुक्त हमलों के जवाब में उठाया गया था।
ईरान और ओमान के बीच क्या बातचीत हो रही है?
ईरान और ओमान कुछ हफ्तों से होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तय करने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। यह प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक शिपिंग उद्योग वैकल्पिक रास्तों की तलाश में है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक व्यापार पर क्या महत्व है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील बिंदुओं में से एक है। यहाँ किसी भी रुकावट का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा-आयात पर निर्भर देशों — जैसे भारत — पर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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