अभिनेता मुश्ताक खान का 56 वर्ष की आयु में निधन, कैंसर से लंबी जंग के बाद ली अंतिम साँस
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता एवं हास्य कलाकार मुश्ताक खान का गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को शाम करीब 7 बजे निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर के अंतिम चरण से जूझ रहे थे। उनके निधन की पुष्टि कॉमेडियन सुनील पाल और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने की।
निधन की परिस्थितियाँ
रिपोर्टों के अनुसार, मुश्ताक खान का कैंसर के लिए लंबे समय से उपचार चल रहा था, किंतु बीमारी अंतिम अवस्था तक पहुँच चुकी थी। गुरुवार शाम उन्होंने अंतिम साँस ली। उनके पीछे उनकी पत्नी सलमा खान और दो पुत्र हैं। मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था और उनका परिवार बालाघाट ज़िले के बैहर से जुड़ा रहा है।
स्क्रीन यात्रा: चार दशकों का सफर
मुश्ताक खान का रजत पर्दे पर आगमन 1980 की फिल्म 'अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है' से हुआ था। इसके बाद उन्होंने 'आशिकी', 'हम हैं राही प्यार के', 'हेरा फेरी', 'जोड़ी नंबर 1', 'मुझसे शादी करोगी', 'वेलकम' और 'राउडी राठौर' जैसी व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में सहायक एवं हास्य भूमिकाएँ निभाईं। हाल के वर्षों में वह 'गदर 2', 'बधाई दो' और 'स्त्री 2' में भी दर्शकों को नज़र आए।
फिल्मों के अतिरिक्त उन्होंने टेलीविजन पर भी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। लोकप्रिय टीवी शो 'कुछ रंग प्यार के ऐसे भी' में उनकी भूमिका दर्शकों को याद है। चार दशकों के करियर में उन्होंने छोटे से छोटे किरदार को भी अपनी बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग से यादगार बनाया।
यादगार किरदार: 'वेलकम' का बल्लू
2007 में आई अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ अभिनीत फिल्म 'वेलकम' में उन्होंने 'बल्लू' का किरदार निभाया। फिल्म में उनका 'मेरी एक टांग नकली है...' वाला कॉमिक दृश्य अत्यंत लोकप्रिय रहा और वर्षों बाद भी सोशल मीडिया तथा मीम्स में जीवित है। गौरतलब है कि यह किरदार उनके विस्तृत करियर की एक झलक मात्र था — उनकी असली पहचान यह थी कि वह हर शैली की फिल्म में फिट हो जाते थे और अपने दृश्यों को थियेटर में तालियों के योग्य बना देते थे।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक
मुश्ताक खान के निधन की खबर से फिल्म उद्योग में शोक की लहर है। FWICE के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि यह इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति है। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और सह-कलाकारों की श्रद्धांजलियाँ आनी शुरू हो गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी फिल्म जगत ने हाल के वर्षों में कई दिग्गज चरित्र अभिनेताओं को खोया है।
अंतिम संस्कार की व्यवस्था
अभी तक अंतिम संस्कार के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उनके परिवार — पत्नी सलमा खान और दो पुत्रों — ने इस दुखद घड़ी में एकांत और सम्मान की अपील की है। हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया जिसने अपने अभिनय को कभी आकार की सीमाओं में नहीं बाँधा।