मुश्ताक खान के निधन पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन का शोक, बोले- 'वेलकम' का वो कॉमेडियन अमर रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान के निधन पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। संगठन ने कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने एक सच्चे कलाकार, नेकदिल इंसान और फिल्म बिरादरी के एक प्रिय सदस्य को खो दिया है। 56 वर्ष की आयु में गुरुवार, 18 सितंबर 2026 की शाम लगभग 7 बजे कैंसर की अंतिम अवस्था में उन्होंने अंतिम सांस ली।
एक्स पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की ओर से मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दी। संगठन ने लिखा कि कैंसर से बहादुरी से लड़ते हुए उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा। उनके जाने से बॉलीवुड समेत समूचा फिल्म जगत सदमे में है।
यादगार फ़िल्में और अमर संवाद
संगठन ने मुश्ताक खान की फ़िल्मोग्राफी को याद करते हुए कहा कि सैकड़ों फिल्मों के अपने लंबे करियर में उन्होंने साबित किया कि एक सहायक कलाकार भी दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ सकता है। दर्शक उन्हें 'वेलकम', 'गदर: एक प्रेम कथा', 'जोड़ी नंबर 1', 'आशिकी', 'सड़क', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'हम हैं राही प्यार के' जैसी फिल्मों में उनके किरदारों के लिए चिरकाल तक याद रखेंगे।
संगठन ने विशेष रूप से फिल्म 'वेलकम' के उनके मशहूर संवाद — 'मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था' — को हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक डायलॉग में से एक बताया और कहा कि इतने वर्षों बाद भी यह पंक्ति लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आती है।
इंसानियत में थे सबसे आगे
संगठन ने कहा कि उनके साथ काम करने वाले हर शख्स को पता था कि उनकी प्रतिभा से भी बड़ा उनका स्वभाव था। सह-कलाकारों से लेकर सेट पर काम करने वाले स्पॉट बॉय तक, वह सभी के साथ गर्मजोशी और दयालुता से पेश आते थे।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने यह भी कहा कि मुश्ताक खान केवल एक साथी कलाकार नहीं, बल्कि फिल्म बिरादरी के परिवार का अभिन्न हिस्सा थे और उनकी जगह को भरना असंभव है।
जीवन परिचय
मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका परिवार मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से जुड़ा रहा। उनकी पत्नी का नाम सलमा खान है और वे दो बेटों के पिता थे। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और बीमारी के अंतिम चरण में पहुँचने पर उनका निधन हो गया।
क्या होगा आगे
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने इस दुख की घड़ी में मुश्ताक खान के परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संगठन ने कहा कि उनका काम, उनकी हंसी और उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी। उनके निधन को एक युग का अंत बताते हुए संगठन ने कहा कि वह हमेशा फिल्मी परिवार के अविभाज्य अंग बने रहेंगे।