मुश्ताक खान के जनाजे में बड़े स्टार नदारद, रजा मुराद बोले — 'उद्योगपति की शादी होती तो वेटर बन जाते'
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान ने मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री की कई हस्तियाँ उनके घर पहुँचीं, लेकिन एक भी बड़ा सितारा उनके जनाजे में शामिल नहीं हुआ। इस बात पर अभिनेता रजा मुराद ने गहरी नाराज़गी और दुख जताया।
रजा मुराद ने क्या कहा
अभिनेता रजा मुराद ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर इंडस्ट्री के बड़े नामों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'मुझे अफसोस इस बात का है कि ऐसे मौके पर कोई भी स्टार, जिन्हें हम हीरो कहते हैं, वो मुश्ताक खान को आखिरी सलाम तक देने नहीं आए, जबकि बहुत से उनके साथी-कलाकार आए थे। अगर किसी उद्योगपति की शादी होती, तो ये स्टार न सिर्फ शिरकत करते बल्कि वेटर की तरह मेहमानों को खाना भी परोसते।'
मुराद ने आगे कहा, 'जब कोई पॉलिटिकल पार्टी अपना डंडा दिखाती है तो ये वहाँ पर भीगी बिल्ली की तरह पहुँच जाते हैं, लेकिन उस शख्स के जनाजे पर शामिल नहीं हुए जिसने अपने 50 साल इस इंडस्ट्री को दे दिए और इन बड़े स्टार्स ने उन्हें अपने 50 मिनट तक नहीं दिए।'
मुश्ताक खान की विरासत
मुश्ताक खान ने 50 वर्षों से अधिक के अपने करियर में बॉलीवुड और टेलीविजन की अनगिनत फिल्मों और धारावाहिकों में यादगार किरदार निभाए। रजा मुराद ने उनकी तारीफ करते हुए कहा, 'मुश्ताक खान अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री का बड़ा नाम बने। उन्होंने कभी किसी की दलाली नहीं की और न ही चम्चागिरी की। उन्हें न कभी इन स्टार्स की जरूरत पड़ी और न जिंदगी के बाद पड़ेगी।'
इंडस्ट्री पर तीखा कटाक्ष
रजा मुराद ने अपने वीडियो में बॉलीवुड के बड़े सितारों को आईना दिखाते हुए कहा, 'ये अफसोस जरूर रहेगा कि ऐसा कोई भी स्टार नहीं है जिसके साथ मुश्ताक खान ने काम न किया हो, और वे स्टार चंद लम्हे निकालकर उनके आखिरी वक्त में शामिल नहीं हुए।' उन्होंने बड़े स्टार्स को नसीहत देते हुए कहा, 'शोहरत, दौलत और इज्जत हमेशा नहीं रहेगी। शोहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है।'
बॉलीवुड में संवेदनशीलता का सवाल
यह पहली बार नहीं है जब किसी दिग्गज चरित्र अभिनेता के निधन पर बॉलीवुड की उदासीनता सवालों के घेरे में आई हो। गौरतलब है कि इंडस्ट्री में अक्सर 'ए-लिस्ट' सितारे और चरित्र अभिनेताओं के बीच सामाजिक दूरी एक अनकही वास्तविकता रही है। मुश्ताक खान जैसे कलाकार, जिन्होंने दशकों तक फिल्मों को अपनी प्रतिभा से समृद्ध किया, उनके योगदान को उद्योग की ओर से वह सम्मान मिलना चाहिए था जो मिला नहीं। रजा मुराद की यह टिप्पणी इंडस्ट्री के उस खोखले दिखावे पर प्रहार है जो पर्दे पर 'रिश्ते' और 'परिवार' का राग अलापता है।
आगे क्या
रजा मुराद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इस पर बहस छिड़ गई है कि बॉलीवुड अपने साथियों के प्रति कितना जवाबदेह है। मुश्ताक खान के परिजनों और करीबी सहयोगियों ने उन्हें 26 सितंबर 2026 को अंतिम विदाई दी। इंडस्ट्री के भीतर से और प्रशंसकों की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रियाएँ आना जारी है।