मुश्ताक खान की अंतिम विदाई: गजेंद्र चौहान, सुनील पाल और राजपाल यादव हुए भावुक, बोले — 'वो मुस्कुराता चेहरा अब नहीं रहा'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से बॉलीवुड में शोक की गहरी लहर है। 'वेलकम', 'गदर' और 'हम हैं राही प्यार के' जैसी यादगार फिल्मों से दशकों तक दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले मुश्ताक खान को 25 सितंबर 2026 को उनके साथी कलाकारों ने अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में पहुँचे अभिनेता गजेंद्र चौहान, कॉमेडियन सुनील पाल और अभिनेता राजपाल यादव ने उनसे जुड़ी अपनी भावुक यादें साझा कीं।
गजेंद्र चौहान की भावुक विदाई
अभिनेता गजेंद्र चौहान ने मुश्ताक खान के साथ अपनी आखिरी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, ''एक हंसता-खिलता चेहरा अब हमारे बीच नहीं रहा।'' उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले एक अवॉर्ड फंक्शन में उनकी मुश्ताक से मुलाकात हुई थी।
चौहान ने उस पल को याद करते हुए कहा, ''मुश्ताक ने मुझे गले लगाते हुए कहा था — 'एक बार जोर से गले मिल, पता नहीं फिर कब मिलना हो।' उस वक्त मैं यह बात समझ नहीं पाया था, लेकिन उनके निधन की खबर मिलने के बाद उस लाइन का मतलब समझ आया।'' उनके अनुसार, शायद मुश्ताक खान को अपनी बीमारी की गंभीरता का अहसास पहले से था।
सुनील पाल ने याद किया मिमिक्री का शौक
कॉमेडियन सुनील पाल ने मुश्ताक खान की खास आदत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''जब भी वह मुझसे मिलते, तो अमिताभ बच्चन, राजेंद्र कुमार और अन्ना हजारे की मिमिक्री करने को कहते थे। ये तीनों आवाजें उनकी फेवरेट थीं।''
सुनील पाल ने यह भी बताया कि मुश्ताक खान ने उनकी होम प्रोडक्शन फिल्म में भी काम किया था। उनके शब्दों में, ''वह बेहद प्यारे इंसान थे। उनकी जिंदगी में हमेशा संघर्ष रहा, लेकिन इसके बावजूद उनके चेहरे से मुस्कान कभी गायब नहीं हुई।''
राजपाल यादव की आखिरी मुलाकात
अभिनेता राजपाल यादव ने मुश्ताक खान के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा, ''मुश्ताक भाई ने बॉलीवुड को करीब 50 साल दिए और इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। वह जितने बेहतरीन कलाकार थे, उतने ही दिल से भी अच्छे इंसान थे।''
राजपाल यादव ने यह भी खुलासा किया कि मुश्ताक खान के निधन से करीब दो घंटे पहले ही उन्होंने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने बताया, ''उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और हाथ भी मिलाया। उस समय मुझे लगा कि शायद उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके निधन की खबर आ गई।''
बॉलीवुड में पाँच दशकों की विरासत
मुश्ताक खान का फिल्मी सफर लगभग पाँच दशकों तक फैला रहा। उन्होंने 'वेलकम', 'गदर', 'हम हैं राही प्यार के' सहित दर्जनों फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। कॉमेडी हो या गंभीर भूमिका — उनकी अदाकारी में एक अलग ही जीवंतता थी, जो उन्हें भीड़ से अलग करती थी।
फिल्म इंडस्ट्री के उनके साथी कलाकारों का कहना है कि उनका जाना हिंदी सिनेमा के एक खास युग के अंत जैसा है। उनकी यादें और उनका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।