25 सितंबर 2026
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मुश्ताक खान की अंतिम विदाई: गजेंद्र चौहान, सुनील पाल और राजपाल यादव हुए भावुक, बोले — 'वो मुस्कुराता चेहरा अब नहीं रहा'

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मुश्ताक खान की अंतिम विदाई: गजेंद्र चौहान, सुनील पाल और राजपाल यादव हुए भावुक, बोले — 'वो मुस्कुराता चेहरा अब नहीं रहा'

सारांश

पाँच दशकों तक बॉलीवुड में हँसी और यादगार किरदार देने वाले मुश्ताक खान की अंतिम विदाई में गजेंद्र चौहान, सुनील पाल और राजपाल यादव भावुक हो उठे। राजपाल यादव ने खुलासा किया कि निधन से महज दो घंटे पहले उन्होंने अस्पताल में मुश्ताक का हाथ थामा था।

मुख्य बातें

अभिनेता मुश्ताक खान के निधन पर 25 सितंबर 2026 को मुंबई में अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ।
गजेंद्र चौहान ने बताया कि छह महीने पहले अवॉर्ड फंक्शन में मुश्ताक खान ने उनसे कहा था — 'पता नहीं फिर कब मिलना हो।' सुनील पाल ने याद किया कि मुश्ताक खान अमिताभ बच्चन, राजेंद्र कुमार और अन्ना हजारे की मिमिक्री के बेहद शौकीन थे।
राजपाल यादव मुश्ताक खान के निधन से करीब दो घंटे पहले ही अस्पताल में उनसे मिले थे।
मुश्ताक खान ने बॉलीवुड को करीब 50 साल दिए और 'वेलकम' , 'गदर' , 'हम हैं राही प्यार के' जैसी फिल्मों में अभिनय किया।

अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से बॉलीवुड में शोक की गहरी लहर है। 'वेलकम', 'गदर' और 'हम हैं राही प्यार के' जैसी यादगार फिल्मों से दशकों तक दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले मुश्ताक खान को 25 सितंबर 2026 को उनके साथी कलाकारों ने अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में पहुँचे अभिनेता गजेंद्र चौहान, कॉमेडियन सुनील पाल और अभिनेता राजपाल यादव ने उनसे जुड़ी अपनी भावुक यादें साझा कीं।

गजेंद्र चौहान की भावुक विदाई

अभिनेता गजेंद्र चौहान ने मुश्ताक खान के साथ अपनी आखिरी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, ''एक हंसता-खिलता चेहरा अब हमारे बीच नहीं रहा।'' उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले एक अवॉर्ड फंक्शन में उनकी मुश्ताक से मुलाकात हुई थी।

चौहान ने उस पल को याद करते हुए कहा, ''मुश्ताक ने मुझे गले लगाते हुए कहा था — 'एक बार जोर से गले मिल, पता नहीं फिर कब मिलना हो।' उस वक्त मैं यह बात समझ नहीं पाया था, लेकिन उनके निधन की खबर मिलने के बाद उस लाइन का मतलब समझ आया।'' उनके अनुसार, शायद मुश्ताक खान को अपनी बीमारी की गंभीरता का अहसास पहले से था।

सुनील पाल ने याद किया मिमिक्री का शौक

कॉमेडियन सुनील पाल ने मुश्ताक खान की खास आदत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''जब भी वह मुझसे मिलते, तो अमिताभ बच्चन, राजेंद्र कुमार और अन्ना हजारे की मिमिक्री करने को कहते थे। ये तीनों आवाजें उनकी फेवरेट थीं।''

सुनील पाल ने यह भी बताया कि मुश्ताक खान ने उनकी होम प्रोडक्शन फिल्म में भी काम किया था। उनके शब्दों में, ''वह बेहद प्यारे इंसान थे। उनकी जिंदगी में हमेशा संघर्ष रहा, लेकिन इसके बावजूद उनके चेहरे से मुस्कान कभी गायब नहीं हुई।''

राजपाल यादव की आखिरी मुलाकात

अभिनेता राजपाल यादव ने मुश्ताक खान के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा, ''मुश्ताक भाई ने बॉलीवुड को करीब 50 साल दिए और इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। वह जितने बेहतरीन कलाकार थे, उतने ही दिल से भी अच्छे इंसान थे।''

राजपाल यादव ने यह भी खुलासा किया कि मुश्ताक खान के निधन से करीब दो घंटे पहले ही उन्होंने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने बताया, ''उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और हाथ भी मिलाया। उस समय मुझे लगा कि शायद उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके निधन की खबर आ गई।''

बॉलीवुड में पाँच दशकों की विरासत

मुश्ताक खान का फिल्मी सफर लगभग पाँच दशकों तक फैला रहा। उन्होंने 'वेलकम', 'गदर', 'हम हैं राही प्यार के' सहित दर्जनों फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। कॉमेडी हो या गंभीर भूमिका — उनकी अदाकारी में एक अलग ही जीवंतता थी, जो उन्हें भीड़ से अलग करती थी।

फिल्म इंडस्ट्री के उनके साथी कलाकारों का कहना है कि उनका जाना हिंदी सिनेमा के एक खास युग के अंत जैसा है। उनकी यादें और उनका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिस भी फिल्म में रहे, दर्शकों को याद रहे — यह उपलब्धि बड़े-बड़े सितारों को भी नसीब नहीं होती। गजेंद्र चौहान के किस्से में जो बात सबसे ज़्यादा चुभती है, वह यह है कि मुश्ताक खान शायद अपनी बीमारी की गंभीरता जानते थे, फिर भी दूसरों के सामने मुस्कुराते रहे — यही उनका असली किरदार था।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुश्ताक खान कौन थे और उन्होंने कौन-सी प्रमुख फिल्में की थीं?
मुश्ताक खान बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता थे, जिन्होंने करीब पाँच दशकों तक हिंदी सिनेमा में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'वेलकम', 'गदर' और 'हम हैं राही प्यार के' शामिल हैं।
मुश्ताक खान के अंतिम संस्कार में कौन-कौन शामिल हुए?
25 सितंबर 2026 को मुंबई में हुए अंतिम संस्कार में अभिनेता गजेंद्र चौहान, कॉमेडियन सुनील पाल और अभिनेता राजपाल यादव सहित फिल्म इंडस्ट्री के कई साथी कलाकार शामिल हुए। सभी ने मुश्ताक खान के साथ अपनी यादें साझा कीं।
राजपाल यादव ने मुश्ताक खान के बारे में क्या कहा?
राजपाल यादव ने बताया कि मुश्ताक खान के निधन से करीब दो घंटे पहले उन्होंने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी और उन्होंने उनका हाथ पकड़ा था। उन्होंने मुश्ताक खान को एक बेहतरीन कलाकार और दिल से अच्छा इंसान बताया।
गजेंद्र चौहान ने मुश्ताक खान की आखिरी बात के बारे में क्या बताया?
गजेंद्र चौहान ने बताया कि करीब छह महीने पहले एक अवॉर्ड फंक्शन में मुश्ताक खान ने उन्हें गले लगाते हुए कहा था — 'एक बार जोर से गले मिल, पता नहीं फिर कब मिलना हो।' उनके निधन के बाद चौहान को उस बात का गहरा अर्थ समझ आया।
सुनील पाल ने मुश्ताक खान को कैसे याद किया?
सुनील पाल ने बताया कि मुश्ताक खान जब भी उनसे मिलते, अमिताभ बच्चन, राजेंद्र कुमार और अन्ना हजारे की मिमिक्री सुनते और खूब आनंद लेते। उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगीभर संघर्ष के बावजूद मुश्ताक के चेहरे से मुस्कान कभी नहीं गई।
राष्ट्र प्रेस
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