राजपाल यादव को मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से नहीं भगाया, नजमा शेख ने वायरल वीडियो का सच बताया
सारांश
मुख्य बातें
कंटेंट क्रिएटर नजमा शेख ने दिवंगत अभिनेता मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से जुड़े उस वायरल वीडियो पर सफाई दी है, जिसमें कथित तौर पर अभिनेता राजपाल यादव को बाहर निकाले जाने की अफवाह फैल गई थी। नजमा शेख ने स्पष्ट किया कि उनका गुस्सा राजपाल यादव पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर था जो शोकसभा में सेलेब्रिटी के साथ सेल्फी लेने आए थे।
वायरल वीडियो में क्या था
30 सितंबर को मुंबई में आयोजित मुश्ताक खान की प्रार्थना सभा के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से फैला। इस वीडियो में नजमा शेख को यह कहते सुना गया — 'आपको अब बाहर भेजा जाएगा, ये कोई जगह है सेल्फी लेने की?' इस क्लिप को देखकर कई लोगों ने यह निष्कर्ष निकाल लिया कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से अपमानित कर बाहर किया गया।
हालाँकि, वास्तविकता इससे एकदम अलग थी। नजमा शेख ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर पूरे मामले की सच्चाई सामने रखी।
नजमा शेख की सफाई
नजमा शेख ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, 'आज मैं मुश्ताक खान सर की प्रेयर मीट के वायरल हुए राजपाल यादव के वीडियो पर बात करने आई हूं, क्योंकि लोगों ने मनगढ़ंत बातें फैला दी हैं, जिसकी कोई हद नहीं है बल्कि, सच कुछ और है।'
उन्होंने बताया कि प्रेयर मीट में ऋषिकेश, उपासना और राजपाल यादव समेत कई सेलेब्रिटी उपस्थित थे, और कुछ लोग दुआ करने की जगह पर सेलेब्स के साथ सेल्फी खींचने में लगे थे। इससे भीड़ बढ़ती जा रही थी और माहौल बिगड़ रहा था।
राजपाल यादव और मुश्ताक खान का रिश्ता
नजमा शेख ने यह भी स्पष्ट किया कि राजपाल यादव और मुश्ताक खान के बीच परिवार जैसा गहरा रिश्ता था। उन्होंने कहा कि राजपाल यादव मुश्ताक खान के छोटे भाई जैसे थे और वे खुद भी राजपाल को अपना भाई मानती हैं।
उन्होंने बताया कि राजपाल यादव मुश्ताक खान के निधन से दो घंटे पहले तक उनके साथ थे। इसके बाद वे उनके जनाजे में भी शामिल हुए और प्रेयर मीट में भी उपस्थित रहे।
मीडिया से अपील
नजमा शेख ने मीडिया से अनुरोध करते हुए कहा, 'मेरा गुस्सा उन लोगों पर था जो सिर्फ फोटो खिंचवाने आए थे, उन्हें ये भी नहीं पता था कि वो किस माहौल में हैं। मैंने अपना गुस्सा उन लोगों पर निकाला था, राजपाल यादव पर नहीं। मैं मीडिया में अपने दोस्तों से अनुरोध करती हूं कि गलत बातें न फैलाएं और पूरा सच दिखाएं।'
यह मामला उस बड़ी समस्या की ओर ध्यान दिलाता है, जहाँ अधूरे वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में वायरल होकर किसी की छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।