लावरोव-अराघची फोन वार्ता: होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर गहन मंत्रणा
सारांश
Key Takeaways
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ 2 मई को फोन पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन स्वतंत्रता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता की पुष्टि की और बताया कि दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
वार्ता के मुख्य बिंदु
मंत्रालय के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया में शत्रुता की पूर्ण समाप्ति, सैन्य एवं राजनीतिक स्थिति को स्थिर करने तथा क्षेत्र में शांति बहाली की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। रूस ने जारी मध्यस्थता प्रयासों के प्रति अपना समर्थन दोहराया और कूटनीतिक प्रक्रिया में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।
वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य से रूसी जहाजों और कार्गो के सुरक्षित आवागमन का मुद्दा भी उठाया गया, जिसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि यह जलमार्ग विश्व के कुल तेल व्यापार के एक बड़े हिस्से का प्रमुख मार्ग है, और इसमें किसी भी बाधा का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर पड़ सकता है।
पुतिन-अराघची की सेंट पीटर्सबर्ग बैठक
इससे पहले 27 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में ईरानी विदेश मंत्री अराघची से मुलाकात की थी। इस बैठक में रूस-ईरान द्विपक्षीय सहयोग और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई।
रूसी पक्ष से इस बैठक में विदेश मंत्री लावरोव, राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के मुख्य खुफिया निदेशालय के प्रमुख इगोर कोस्त्युकोव मौजूद थे। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी और रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली शामिल थे।
पुतिन का बयान और खामेनेई का संदेश
बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मास्को ईरान के साथ रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। रूसी मीडिया के अनुसार, पुतिन ने यह भी उम्मीद जताई कि ईरान मौजूदा चुनौतियों से उबरकर स्थिरता और शांति की दिशा में आगे बढ़ेगा।
पुतिन ने कहा,