होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान-ओमान डील अंतिम चरण में, संयुक्त बयान जल्द संभव
सारांश
मुख्य बातें
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की डील अंतिम चरण में पहुँच गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बुधवार, 6 अगस्त को बताया कि मस्कट और तेहरान नौवहन मार्ग के लिए भौगोलिक निर्देशांकों पर सहमत हो चुके हैं और संयुक्त बयान का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया पूरी होने के करीब है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लगभग 20 प्रतिशत समुद्री यातायात का मार्ग है, जो फरवरी से अधिकांश जहाजों के लिए बंद या गंभीर रूप से प्रभावित बना हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
बाघेई ने कहा कि यदि कोई बाहरी पक्ष इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता, तो संयुक्त बयान जल्द जारी किया जा सकता है। यह बयान दोनों देशों के बीच हुई वार्ताओं में सहमत प्रमुख बिंदुओं और विचारों पर आधारित होगा। हालाँकि, ओमान की ओर से अभी तक इस समझौते की स्थिति को लेकर कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईरान अपने नियंत्रण वाले शिपिंग लेन से खाड़ी में प्रवेश करने वाले समुद्री यातायात की निगरानी करेगा। बाहर जाने वाले जहाजों पर भी उसकी नज़र रहेगी और सुरक्षा तथा नौवहन की रक्षा के लिए आवश्यक हस्तक्षेप का अधिकार भी उसके पास होगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर की संरचना
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दोनों देश अलग-अलग उत्तरी और दक्षिणी मार्गों की जगह एक साझा मध्यवर्ती कॉरिडोर बनाने पर काम कर रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत फारस की खाड़ी में प्रवेश का मार्ग ईरानी तट के साथ बने कॉरिडोर से होगा, जबकि बाहर निकलने का मार्ग ओमान की ओर से तय किया जाएगा।
दोनों देश आवागमन को सुगम बनाने के लिए सेवा शुल्क लेंगे, परंतु टोल नहीं वसूलेंगे — क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत टोल लगाना अवैध माना जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसका विरोध कर चुके हैं।
अमेरिका की भूमिका और समय-सीमा
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि जलडमरूमध्य बुधवार तक खोल दिया जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसके जल्द खुलने की संभावना जताई थी। हालाँकि, दोनों समय-सीमाएँ बीत चुकी हैं और जलडमरूमध्य अभी तक पूरी तरह नहीं खुला है।
उल्लेखनीय है कि ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था से जुड़ी वार्ताओं में कोई अन्य देश शामिल नहीं था — जिससे यह पहल अमेरिका को दरकिनार करती हुई प्रतीत होती है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर
इज़रायल और अमेरिका द्वारा फरवरी में ईरान पर किए गए हमलों के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य अधिकांश जहाजों के लिए बंद या गंभीर रूप से प्रभावित बना हुआ है। यह वह मार्ग है जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत समुद्री यातायात गुज़रता है। इसके बंद रहने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर गहरा दबाव बना हुआ है।
क्या होगा आगे
संयुक्त बयान जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जलडमरूमध्य को व्यावहारिक रूप से कब और किन शर्तों पर खोला जाएगा। ओमान की औपचारिक पुष्टि और किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुपस्थिति इस प्रक्रिया की गति तय करेगी।