होर्मुज स्ट्रेट: ईरान ओमान के बीच नए समुद्री मार्गों पर सहमति, मस्कट बैठक में खाड़ी देशों को दी जाएगी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास समुद्री मार्गों की रूपरेखा पर आपसी सहमति बना ली है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देश सोमवार, 15 सितंबर 2026 को मस्कट में आयोजित होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस समझौते के विवरण से अवगत कराएंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से यह रणनीतिक जलमार्ग बंद पड़ा है।
समझौते का स्वरूप और मुख्य प्रावधान
ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबी तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत का परिणाम है। सूत्र के अनुसार, अगस्त 2026 के अंत में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी।
नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा। वहीं, निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आएगा। सूत्र ने स्पष्ट किया कि यह मार्ग ईरान की ओर से निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार संचालित होगा।
नया तंत्र लागू होने के बाद जलमार्ग के दक्षिणी मार्ग को बंद कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर अमेरिका इस दक्षिणी मार्ग को खुला रखने पर जोर दे रहा था।
होर्मुज पूरी तरह नहीं खुलेगा — ईरान की 7 शर्तें
सूत्र ने स्पष्ट किया कि इस समझौते का अर्थ यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ईरान ने जलमार्ग को पुनः खोलने के लिए 7 शर्तें रखी हैं, जो अमेरिका को बताई जा चुकी हैं। सूत्र के मुताबिक, जब तक इन शर्तों को लागू नहीं किया जाता, जलमार्ग बंद रहेगा और इसे दोबारा खोलने का निर्णय पूरी तरह अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगा।
मस्कट बैठक और राजनयिक घटनाक्रम
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार को ओमान में होनी है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
बाघेई ने कहा, "कार्यसूची के तहत हम प्रतिनिधिमंडलों को होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों ने यह बातचीत इसलिए की क्योंकि वे होर्मुज स्ट्रेट के दोनों तटीय देश हैं।
पृष्ठभूमि: संयुक्त शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव
अगस्त 2026 के अंत में ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान में खुलासा किया था कि दोनों देशों ने एक चरणबद्ध योजना पर विचार विमर्श किया है, जिसमें जलडमरूमध्य के भीतर अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारा (शिपिंग कॉरिडोर) बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ ही अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने या वहाँ से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू कर दी थी।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया में तेल और गैस की ढुलाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। ओमान और ईरान इस जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित हैं और समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से कूटनीतिक सहयोग बना हुआ है।
इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह मस्कट बैठक के नतीजों और अमेरिका की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।