13 सितंबर 2026
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होर्मुज स्ट्रेट: ईरान ओमान के बीच नए समुद्री मार्गों पर सहमति, मस्कट बैठक में खाड़ी देशों को दी जाएगी जानकारी

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होर्मुज स्ट्रेट: ईरान ओमान के बीच नए समुद्री मार्गों पर सहमति, मस्कट बैठक में खाड़ी देशों को दी जाएगी जानकारी

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट छह महीनों से बंद है — और अब ईरान व ओमान ने नए समुद्री मार्गों पर सहमति बना ली है। लेकिन यह पूर्ण पुनर्खोलने से बहुत दूर है: ईरान की 7 अनपूरी शर्तें और अमेरिका का दबाव तय करेगा कि दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग दोबारा कब खुलेगा।

मुख्य बातें

ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के नए प्रवेश और निकास समुद्री मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बनाई, अंतिम समझौता अगस्त 2026 के अंत में हुआ।
नए प्रवेश मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होंगे; नई व्यवस्था लागू होने पर दक्षिणी मार्ग बंद होगा।
होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह नहीं खुलेगा — ईरान ने पुनर्खोलने के लिए 7 शर्तें रखी हैं, जो अमेरिका को बता दी गई हैं।
जलमार्ग 28 फरवरी 2026 को अमेरिका इजरायल हमलों के बाद से बंद है; अमेरिकी बलों ने भी नौसैनिक नाकेबंदी लागू की है।
मस्कट में सोमवार को खाड़ी तटवर्ती देशों, ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस समझौते की जानकारी साझा की जाएगी।

ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास समुद्री मार्गों की रूपरेखा पर आपसी सहमति बना ली है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देश सोमवार, 15 सितंबर 2026 को मस्कट में आयोजित होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस समझौते के विवरण से अवगत कराएंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से यह रणनीतिक जलमार्ग बंद पड़ा है।

समझौते का स्वरूप और मुख्य प्रावधान

ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबी तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत का परिणाम है। सूत्र के अनुसार, अगस्त 2026 के अंत में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी।

नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा। वहीं, निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आएगा। सूत्र ने स्पष्ट किया कि यह मार्ग ईरान की ओर से निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार संचालित होगा।

नया तंत्र लागू होने के बाद जलमार्ग के दक्षिणी मार्ग को बंद कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर अमेरिका इस दक्षिणी मार्ग को खुला रखने पर जोर दे रहा था।

होर्मुज पूरी तरह नहीं खुलेगा — ईरान की 7 शर्तें

सूत्र ने स्पष्ट किया कि इस समझौते का अर्थ यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ईरान ने जलमार्ग को पुनः खोलने के लिए 7 शर्तें रखी हैं, जो अमेरिका को बताई जा चुकी हैं। सूत्र के मुताबिक, जब तक इन शर्तों को लागू नहीं किया जाता, जलमार्ग बंद रहेगा और इसे दोबारा खोलने का निर्णय पूरी तरह अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगा।

मस्कट बैठक और राजनयिक घटनाक्रम

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार को ओमान में होनी है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है।

बाघेई ने कहा, "कार्यसूची के तहत हम प्रतिनिधिमंडलों को होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों ने यह बातचीत इसलिए की क्योंकि वे होर्मुज स्ट्रेट के दोनों तटीय देश हैं।

पृष्ठभूमि: संयुक्त शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव

अगस्त 2026 के अंत में ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान में खुलासा किया था कि दोनों देशों ने एक चरणबद्ध योजना पर विचार विमर्श किया है, जिसमें जलडमरूमध्य के भीतर अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारा (शिपिंग कॉरिडोर) बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ ही अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने या वहाँ से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू कर दी थी।

होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया में तेल और गैस की ढुलाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। ओमान और ईरान इस जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित हैं और समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से कूटनीतिक सहयोग बना हुआ है।

इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह मस्कट बैठक के नतीजों और अमेरिका की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे होर्मुज संकट का समाधान मानना जल्दबाजी होगी। ईरान की 7 अनपूरी शर्तें — जिनका सार्वजनिक विवरण अभी नहीं आया है — यह स्पष्ट करती हैं कि तेहरान इस जलमार्ग को एक रणनीतिक दबाव के औज़ार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। होर्मुज से दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए यह अनिश्चितता बेहद महंगी है। मस्कट बैठक असली परीक्षा होगी — अगर खाड़ी देश इस समझौते को स्वीकार करते हैं, तो यह अमेरिकी नाकेबंदी को अप्रत्यक्ष रूप से कमज़ोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर क्या समझौता हुआ है?
ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास समुद्री मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बनाई है, जिसमें प्रवेश मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय जल में होगा। यह अंतिम समझौता अगस्त 2026 के अंत में हुआ और इसमें एक अस्थायी संयुक्त शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव भी शामिल है।
क्या होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाएगा?
नहीं। ईरान के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते का मतलब होर्मुज स्ट्रेट का पूर्ण पुनर्खोलना नहीं है। ईरान ने पूर्ण पुनर्खोलने के लिए 7 शर्तें रखी हैं, जो अमेरिका को बता दी गई हैं, और जब तक वे पूरी नहीं होतीं, जलमार्ग बंद रहेगा।
होर्मुज स्ट्रेट पहली बार कब और क्यों बंद हुआ?
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके साथ अमेरिकी बलों ने भी ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी।
मस्कट बैठक में क्या होगा और कौन शामिल होगा?
सोमवार, 15 सितंबर 2026 को मस्कट में खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। इस बैठक में ईरान ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजे साझा किए जाएंगे और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा पर चर्चा होगी।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व क्या है?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया में तेल व गैस की ढुलाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। ईरान और ओमान इस जलडमरूमध्य के दोनों तटों पर स्थित हैं, इसलिए इसके बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर असर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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