होर्मुज स्ट्रेट पर आईआरजीसी की सख्त चेतावनी: ईरान के तय रास्तों से ही गुजरें जहाज
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने 25 जून 2026 को स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को केवल उन्हीं समुद्री मार्गों का उपयोग करना होगा जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने निर्धारित किया है। आईआरजीसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में चेतावनी दी कि अनधिकृत मार्गों से जहाजों का आवागमन 'खतरनाक और प्रतिबंधित' है।
मुख्य घटनाक्रम
आईआरजीसी के बयान में कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए केवल ईरान द्वारा घोषित मार्ग ही वैध हैं। इन निर्धारित रास्तों से बाहर नौवहन को न केवल प्रतिबंधित बताया गया, बल्कि उससे बचने की कड़ी सलाह भी दी गई।
यह बयान ऐसे समय में आया जब ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के साथ हुए समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकलने वाले जहाजों के लिए अलग दिशा-निर्देश जारी किए थे। ईरान की इस चेतावनी को उन दिशा-निर्देशों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान-अमेरिका समझौते की पृष्ठभूमि
18 जून 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते के तहत ईरान ने 60 दिनों तक व्यापारिक जहाजों को इस जलमार्ग से बिना किसी शुल्क के सुरक्षित गुजरने की व्यवस्था करने की प्रतिबद्धता जताई थी। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है और यहाँ किसी भी तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर पड़ता है।
ईरान-ओमान का संयुक्त कार्य समूह
इसी सप्ताह ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के भविष्य के प्रबंधन पर विचार-विमर्श के लिए एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आईएमओ की निकासी योजना
आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने बताया कि संगठन ने होर्मुज स्ट्रेट में फँसे 11,000 से अधिक नाविकों को निकालने के लिए एक योजना घोषित की है। उन्होंने कहा कि आवश्यक सुरक्षा मंजूरियाँ हासिल कर ली गई हैं और समुद्री मार्गों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है।
डोमिंग्वेज के अनुसार, यह निकासी अभियान ईरान-अमेरिका समझौते के बाद शुरू किया जा रहा है और इसे ईरान, ओमान, क्षेत्र के अन्य देशों तथा समुद्री उद्योग के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
क्या होगा आगे
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण के दावे और ओमान-आईएमओ के स्वतंत्र दिशा-निर्देशों के बीच का यह तनाव आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय नौवहन की दिशा तय करेगा। ईरान-अमेरिका समझौते के 60-दिवसीय ढाँचे की समयसीमा और संयुक्त कार्य समूह की पहली बैठक के नतीजे इस क्षेत्र में स्थिरता के संकेत देंगे।