होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की कड़ी चेतावनी: बिना तालमेल के कोई वैकल्पिक समुद्री मार्ग मान्य नहीं
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने 26 जून 2026 को स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए ईरान के साथ सीधा तालमेल अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की रणनीतिक चिंताओं की अनदेखी कर बनाए गए किसी भी वैकल्पिक समुद्री मार्ग को निलंबित कर दिया जाएगा।
उप विदेश मंत्री का एक्स पर बयान
काजेम गरीबाबादी (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कोई भी मान्य व्यवस्था सीधे ईरान के साथ तालमेल पर आधारित होनी चाहिए और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के प्रावधानों के अनुसार होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो बनाए गए किसी भी वैकल्पिक मार्ग को निलंबित कर दिया जाएगा।' यह बयान उस समय आया जब ईरान-ओमान के संयुक्त ढाँचे से अलग समुद्री मार्ग बनाने की हालिया कोशिशें सामने आई थीं।
ईरान का मूल रुख: तटीय देश का अधिकार
गरीबाबादी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही किसी 'अस्पष्ट व्यवस्था', अलग से बनाए गए मार्गों या ऐसे फैसलों से सुनिश्चित नहीं हो सकती, जो तटीय देश के रूप में ईरान की चिंताओं को नजरअंदाज करते हों। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है, जिससे दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है।
आईआरजीसी की चेतावनी
गुरुवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपनी आधिकारिक समाचार वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने के लिए केवल वही रास्ते अधिकृत हैं, जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने निर्धारित किया है। बयान में यह भी कहा गया कि इन तय रास्तों के अलावा अन्य मार्गों से आवाजाही 'खतरनाक और प्रतिबंधित' है।
इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की भूमिका
ईरान ने इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को किसी भी वैध समुद्री व्यवस्था की आधारशिला बताया है। आलोचकों का कहना है कि ईरान की यह स्थिति उन देशों के लिए कूटनीतिक दबाव का औजार बन सकती है जो होर्मुज से वैकल्पिक मार्ग तलाश रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा पर तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।
आगे क्या
ईरान के इस कड़े रुख के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग समुदाय और संबंधित देशों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना ईरान की सहमति के होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी नए मार्ग को लागू करना व्यावहारिक रूप से जटिल होगा।