ईरान क्यों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं ले सकता?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है।
- यूएनसीएलओएस के अनुसार, टोल वसूलना अवैध है।
- ओमान ने टोल लेने से इनकार किया है।
- ईरान की नौसेना की स्थिति संदिग्ध है।
- इस मुद्दे का वैश्विक व्यापार पर प्रभाव पड़ सकता है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने समुद्र के मुख्य मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। अब इसे फिर से खोलने के लिए ईरान ने टोल वसूलने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ और अव्यावहारिक है।
यूएन कंवेंसन ऑन द लॉ ऑफ द सी (यूएनसीएलओएस) के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक क्षेत्रीय जल क्षेत्र में 'इनोसेंट पैसेज' है, और इससे गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता।
इनोसेंट पैसेज का अधिकार विदेशी जहाजों को किसी तटीय राज्य के क्षेत्रीय जल से गुजरने की अनुमति देता है, यदि ऐसा आवागमन राज्य की शांति, सुव्यवस्था, या सुरक्षा के लिए हानिकारक न हो। यह यूएनसीएलओएस के अंतर्गत एक बुनियादी अधिकार भी है।
यूएनसीएलओएस में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई देश इनोसेंट पैसेज के तहत गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा जैसी विशेष सेवाएं प्रदान करता है, तो वह इस मार्ग से निकलने के लिए कुछ शुल्क ले सकता है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की अधिकांश नौसेना को समाप्त कर दिया है। ऐसे में ईरान के पास सुरक्षा के लिए कोई उपलब्ध बेड़ा नहीं है।
इसी बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने यह भी कहा था कि तेहरान, ओमान के साथ मिलकर एक प्रोटोकॉल पर काम कर रहा है, जिसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को 'परमिट' लेना अनिवार्य होगा।
लेकिन ओमान के परिवहन मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल फुतैसी ने इस तरह के किसी भी शुल्क को लेने से इनकार किया और कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक प्राकृतिक मार्ग है, और ओमान ने यूएन के समुद्री कानूनों से संबंधित सभी समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।