होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का दावा: बिना अनुमति कोई जहाज नहीं गुजरेगा, IRGC और सेना ने संभाला नियंत्रण
सारांश
Key Takeaways
ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने 3 मई 2026 को घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट से अब कोई भी जहाज — चाहे मित्र देश का हो या शत्रु देश का — ईरानी सशस्त्र बलों की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता। ईरानी मीडिया द्वारा प्रसारित उनके बयान के अनुसार, यह अधिकार ईरान का "स्वाभाविक अधिकार" है, जिसे पिछले कई वर्षों तक इस्तेमाल नहीं किया गया था।
मुख्य घोषणा और सैन्य स्थिति
अकरमीनिया ने स्पष्ट किया, "वर्तमान में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कोर (IRGC) पश्चिम में और देश की सेना पूर्व में पूरी शक्ति के साथ इस स्ट्रेट को नियंत्रित कर रही है, और कोई भी जहाज — चाहे वह मित्र हो या शत्रु — हमारी सेनाओं की अनुमति और अधिकार के बिना यहाँ से गुजरने का अधिकार नहीं रखेगा।" यह बयान वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले इस जलमार्ग पर ईरान के बढ़ते नियंत्रण का संकेत है।
28 फरवरी से बढ़ाई गई सख्ती
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर सख्ती बढ़ा दी है। उसने उन जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने से इनकार कर दिया है जो इज़रायल और अमेरिका से जुड़े हैं। यह कदम ईरान पर हुए संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार का आवागमन होता है, जिससे इस जलमार्ग की भू-राजनीतिक संवेदनशीलता अत्यंत उच्च है।
कई देशों ने माँगी अनुमति
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने ईरान के उप विदेश मंत्री हामिद घनबारी के हवाले से बताया कि कई देश घबराए हुए हैं और लगातार ईरान को संदेश और पत्र भेजकर अपने जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति माँग रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि ईरान के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर व्यापक असर पड़ रहा है।
खामेनेई का 'नई व्यवस्था' का ऐलान
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने फारस की खाड़ी के राष्ट्रीय दिवस पर दिए गए संदेश में कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में एक नया दौर शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहाँ एक नया कानूनी ढाँचा और नई व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे क्षेत्र के सभी देशों को विकास और राहत मिलेगी। खामेनेई ने यह भी रेखांकित किया कि भविष्य में यह क्षेत्र अमेरिका के प्रभाव से मुक्त रहेगा और यहाँ शांति, विकास तथा समृद्धि होगी।
आगे क्या होगा
ईरान की इस घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाज़ारों और शिपिंग उद्योग में अनिश्चितता बढ़ने की आशंका है। यदि ईरान इस नीति को सख्ती से लागू करता है, तो अमेरिका और इज़रायल से जुड़े जहाजों के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश तेज़ हो सकती है, जिससे परिवहन लागत और बीमा प्रीमियम में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।