इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: CM मोहन यादव करेंगे ₹2,360 करोड़ के प्रोजेक्ट के पहले चरण का भूमि पूजन
सारांश
Key Takeaways
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार, 4 मई 2025 को इंदौर के नैनोद गांव में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट के पहले चरण का भूमि पूजन करेंगे। ₹2,360 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना 1,300 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जाएगी और इसका उद्देश्य इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को आमूल-चूल बदलना है।
परियोजना का स्वरूप और दायरा
प्रेस नोट के अनुसार, यह कॉरिडोर 75 मीटर चौड़ी और 20 किलोमीटर लंबी सड़क के रूप में विकसित होगा। सड़क के दोनों ओर 300 मीटर के दायरे में नियोजित विकास कार्य किए जाएंगे। परियोजना के पहले चरण की अनुमानित लागत ₹326.51 करोड़ है, जो समूचे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अभियान की नींव रखेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार इंदौर को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। गौरतलब है कि इंदौर पहले से ही स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल रहने वाला शहर है और अब इसे एक मज़बूत औद्योगिक पहचान देने की कोशिश की जा रही है।
किसानों के हितों को प्राथमिकता
इस परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसानों की सहमति से भूमि अधिग्रहण करना था, क्योंकि इंदौर शहर के निकट होने के कारण इस क्षेत्र में ज़मीन की माँग अत्यधिक है। इस चुनौती से निपटने के लिए आवंटन को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
प्रेस नोट के अनुसार, इस कदम से किसानों का भरोसा बढ़ा है और उन्हें परियोजना में स्वेच्छा से भाग लेने का प्रोत्साहन मिला है। किसान इस ज़मीन का उपयोग आवासीय, वाणिज्यिक या अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेंगे, जिससे उनके परिवारों के लिए आय के स्थायी स्रोत बनेंगे।
आम जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
परियोजना से कनेक्टिविटी मज़बूत होने, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलने और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस फैसले को विकास के लक्ष्यों और सामुदायिक कल्याण के बीच संतुलन बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। किसानों की बढ़ी हुई भागीदारी से कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेज़ी और सुगमता आने की संभावना है।
आगे की राह
भूमि पूजन के बाद पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य औपचारिक रूप से शुरू होंगे। समूची परियोजना के पूर्ण होने पर इंदौर और पीथमपुर के बीच औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है, जो मध्य प्रदेश की समग्र आर्थिक वृद्धि में योगदान देगी।