ईरानी सुपरटैंकर ने अमेरिकी नाकाबंदी को चकमा दिया, 1.9 मिलियन बैरल तेल लेकर एशिया-प्रशांत पहुंचा
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सारांश
अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के बावजूद ईरान का सुपरटैंकर 'ह्यूज' 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर एशिया-प्रशांत तक पहुंच गया — AIS बंद कर ट्रैकिंग से बचते हुए। जहाँ ईरानी मीडिया 52 जहाजों के नाकाबंदी तोड़ने का दावा कर रहा है, वहीं पेंटागन का आकलन है कि इस नाकाबंदी से ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।
Key Takeaways
टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम के अनुसार ईरानी सुपरटैंकर 'ह्यूज' लगभग 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र पहुंचा। जहाज ने 20 मार्च से अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद रखा, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल रहा। 13 अप्रैल को अमेरिकी नाकाबंदी की घोषणा के समय यह टैंकर ईरानी जलक्षेत्र में था। ईरानी सरकारी मीडिया ने 29 अप्रैल को दावा किया कि 52 ईरानी जहाज नाकाबंदी तोड़ने में सफल रहे; अमेरिका का कहना है उसने 41 जहाजों को वापस लौटाया। पेंटागन के आकलन के अनुसार नाकाबंदी से ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर (लगभग ₹45,600 करोड़ ) के तेल राजस्व का नुकसान हुआ है।
ईरान का एक सुपरटैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को चकमा देकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र तक पहुंचने में कथित तौर पर सफल रहा है। मॉनिटरिंग फर्म टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम के अनुसार, यह जहाज लगभग 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर निकल गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 करोड़ डॉलर (लगभग ₹1,870 करोड़) बताई जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी अधिकारी नाकाबंदी को प्रभावी बता रहे हैं।
जहाज की पहचान और मार्ग
यह वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (VLCC) नेशनल इरानियन टैंकर कंपनी का बताया जा रहा है, जिसे
Point of View
लेकिन इस पैमाने पर सफल होना वाशिंगटन के लिए असहज करने वाला संकेत है। पेंटागन का 4.8 अरब डॉलर के नुकसान का दावा और ईरान का 52 जहाजों के सफल निकलने का दावा — दोनों एक साथ सच नहीं हो सकते, और दोनों पक्ष अपने-अपने आंकड़े सूचना-युद्ध के हिस्से के रूप में पेश कर रहे हैं। असली तस्वीर तब स्पष्ट होगी जब स्वतंत्र सत्यापन संभव हो — जो समुद्री नाकाबंदी के संदर्भ में बेहद कठिन है।
NationPress
03/05/2026
Frequently Asked Questions
ईरानी सुपरटैंकर 'ह्यूज' ने अमेरिकी नाकाबंदी कैसे चकमा दिया?
टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम के अनुसार, जहाज ने 20 मार्च से अपना AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) बंद कर दिया था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो गया। इस तरह यह 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहा।
अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान को कितना नुकसान हुआ है?
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के आकलन में नाकाबंदी से ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹45,600 करोड़ के तेल राजस्व का नुकसान हुआ है। हालांकि ईरानी सरकारी मीडिया ने 52 जहाजों के नाकाबंदी तोड़ने का दावा किया है।
अमेरिकी नौसेना की ईरान पर नाकाबंदी कब शुरू हुई?
अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल को ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की घोषणा की थी। तब से अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार करीब 41 ईरान से जुड़े जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर किया जा चुका है।
टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम क्या है और यह जानकारी कितनी विश्वसनीय है?
टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम एक समुद्री जहाज निगरानी फर्म है जो उपग्रह डेटा और AIS सिग्नल के आधार पर टैंकरों की आवाजाही ट्रैक करती है। हालांकि जब जहाज AIS बंद कर लेते हैं तो उनकी सटीक स्थिति की पुष्टि करना कठिन हो जाता है।
ईरान और अमेरिका के नाकाबंदी के दावों में इतना अंतर क्यों है?
ईरानी सरकारी मीडिया 52 जहाजों के नाकाबंदी तोड़ने का दावा कर रहा है, जबकि अमेरिकी अधिकारी केवल 41 जहाजों को वापस लौटाने की बात कहते हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने हित के अनुसार आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं और स्वतंत्र सत्यापन फिलहाल संभव नहीं है।