श्रेया घोषाल ने 'ऑल हार्ट्स टूर' में बहुभाषी गायकी के रहस्य खोले
सारांश
श्रेया घोषाल की गायकी का रहस्य सिर्फ़ आवाज़ नहीं है — यह अवलोकन, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता है। 'ऑल हार्ट्स टूर' के लाइव एल्बम में, वह बताती हैं कि कैसे वह स्टूडियो में हर टीम सदस्य से भाषा, लहजा और भावनात्मक संदर्भ सीखती हैं — एक ऐसी प्रक्रिया जो भारत की बहुभाषी संगीत परंपरा को जीवंत रखती है।
मुख्य बातें
श्रेया घोषाल ने 3 अप्रैल को 'ऑल हार्ट्स टूर' के लाइव एल्बम रिलीज़ पर साक्षात्कार दिया।
वह तमिल, मलयालम, गुजराती और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में गाते समय स्टूडियो टीम के उच्चारण और शारीरिक भाषा का गहन अध्ययन करती हैं।
श्रेया का मानना है कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती और यह केवल भाषा तक सीमित नहीं है।
वह गुजराती लोक शैली जैसे संगीतात्मक परंपराओं को समझने के लिए प्रसिद्ध गायकों की कल्पना करती हैं।
लाइव एल्बम सोनी म्यूजिक इंडिया के तहत जारी किया गया है।
मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल ने अपने 'ऑल हार्ट्स टूर' के लाइव एल्बम रिलीज़ के मौक़े पर बताया कि वह तमिल, मलयालम, गुजराती और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में गाते समय भाषाई और सांस्कृतिक बारीकियों को कैसे आत्मसात करती हैं। उनके अनुसार, हर भाषा के गाने में प्रवेश करने के लिए वह स्टूडियो में मौजूद टीम के बॉडी लैंग्वेज, उच्चारण और शब्द-उच्चार का गहन अध्ययन करती हैं।
भाषाई सूक्ष्मताओं को समझने की प्रक्रिया
श्रेया ने राष्ट्र प्रेस को साक्षात्कार में कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि सांस्कृतिक नृत्य है। जब वह स्टूडियो में किसी तमिल या मलयालम गाने के लिए आती हैं, तो वह भाषा के शब्दों को नहीं, बल्कि उस संस्कृति के आवेग को सीखती हैं — एक ऐसी अभ्यास जो बॉलीवुड के औद्योगिकीकरण के दौर में दुर्लभ हो गई है। उनका दृष्टिकोण यह भी दर्शाता है कि क्यों भारतीय संगीत बहुभाषीवाद को संरक्षित करता है: क्योंकि हर भाषा के पास अपनी भावनात्मक व्याकरण है। जब बॉलीवुड तेज़ी से अंग्रेज़ी-भारतीय हाइब्रिड की ओर बढ़ रहा है, श्रेया का दृढ़ता से क्षेत्रीय गायन में रहना एक सांस्कृतिक विवेक का कार्य है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रेया घोषाल 'ऑल हार्ट्स टूर' क्या है?
'ऑल हार्ट्स टूर' श्रेया घोषाल का एक लाइव कॉन्सर्ट टूर है, जिसका लाइव एल्बम हाल ही में सोनी म्यूजिक इंडिया के तहत जारी किया गया है।
श्रेया घोषाल क्षेत्रीय भाषाओं में गाते समय क्या करती हैं?
वह स्टूडियो में मौजूद टीम के सदस्यों के बॉडी लैंग्वेज, उच्चारण और शब्द-उच्चार का गहन अध्ययन करती हैं। इससे उन्हें भाषा के सांस्कृतिक संदर्भ को समझने में मदद मिलती है।
क्या श्रेया ने संगीत के क्षेत्र से बाहर के लोगों से सीखा है?
हाँ, श्रेया के अनुसार, वह लगातार स्टूडियो में सभी लोगों से सीखती हैं — संगीतकार, रचनाकार, और वह कोई भी व्यक्ति जो उस भाषा या गाने की कहानी को जानता हो। सीखने की प्रक्रिया केवल संगीत तक सीमित नहीं है।
श्रेया लोक संगीत शैलियों को कैसे समझती हैं?
वह अपने मन में उस शैली के प्रसिद्ध गायकों की कल्पना करती हैं। उदाहरण के लिए, अगर गाना गुजराती लोक शैली का है, तो वह सोचती हैं कि अगर कोई प्रसिद्ध गुजराती गायक उसे गाएँ तो कैसे गाएँ।