23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोलापुर में सूखे की मार: CM फडणवीस का किसानों को भरोसा, जल्द मिलेगी सीधी आर्थिक मदद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोलापुर में सूखे की मार: CM फडणवीस का किसानों को भरोसा, जल्द मिलेगी सीधी आर्थिक मदद

सारांश

सोलापुर में औसत से 50% कम बारिश ने 90,000 हेक्टेयर सोयाबीन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। CM फडणवीस ने खेतों में जाकर खुद नुकसान देखा और वादा किया — शासन निर्णय से सीधे खाते में मदद। लेकिन असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 23 सितंबर 2026 को सोलापुर के धानोरे गाँव का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायज़ा लिया।
सोलापुर जिले में इस मौसम औसत से करीब 50% कम वर्षा दर्ज हुई, जिससे खरीफ की सभी प्रमुख फसलें प्रभावित हैं।
बार्शी तालुका में करीब 90,000 हेक्टेयर सोयाबीन को 100% नुकसान होने की जानकारी सामने आई।
सरकार जल्द शासन निर्णय जारी कर प्रभावित किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देगी।
फसल के अलावा पेयजल , पशु चारा , खाद्यान्न और विद्यार्थियों की फीस जैसे मुद्दों पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
उजनी बाँध में 'फ्लड डायवर्जन' परियोजना को विश्व बैंक की मंजूरी मिल चुकी है; सोलापुर, धाराशिव, लातूर और बीड को मिलेगा लाभ।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 23 सितंबर 2026 को सोलापुर जिले के बार्शी तालुका के धानोरे गाँव का दौरा कर सूखे जैसी स्थिति का प्रत्यक्ष जायज़ा लिया और प्रभावित किसानों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार शीघ्र ही शासन निर्णय जारी कर सीधे आर्थिक सहायता उनके खातों तक पहुँचाएगी। सोलापुर में इस मौसम औसत से लगभग 50 प्रतिशत कम वर्षा होने के कारण खरीफ सीज़न की लगभग सभी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

फसल नुकसान की भयावह तस्वीर

मुख्यमंत्री फडणवीस ने धानोरे गाँव में सोयाबीन की बर्बाद हुई फसल का निरीक्षण किया। उनके अनुसार, बार्शी तालुका के इस क्षेत्र में करीब 90,000 हेक्टेयर में लगी सोयाबीन की फसल को 100 प्रतिशत नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न राज्यों में अनिश्चित मानसून किसानों की आजीविका के सामने गंभीर संकट खड़ा कर रहा है।

किसान दमयंती गादेकर, संध्या गरड, वंदना गादेकर और राहुल पाटील समेत अन्य किसानों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद कर कम बारिश से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी और तत्काल सरकारी सहायता की माँग रखी।

सरकार की तत्काल राहत योजना

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सूखे जैसी इस स्थिति को सरकार अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि किसानों तक राहत पहुँचाने के लिए जल्द ही शासन निर्णय जारी किया जाएगा, जिसके बाद प्रभावितों के खातों में सीधे मदद भेजी जाएगी। फडणवीस ने यह भी बताया कि केवल फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि पीने के पानी, पशुओं के लिए चारे, खाद्यान्न और विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस जैसे मुद्दों पर भी शीघ्र निर्णय लिए जाएंगे।

आगामी रबी सीज़न के लिए भी मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जल उपलब्धता की स्थिति में किसानों को आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

उजनी बाँध और जल प्रबंधन

मुख्यमंत्री फडणवीस ने उजनी बाँध में उपलब्ध जल को पीने के प्रयोजन के लिए आरक्षित रखने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने पालकमंत्री जयकुमार गोरे और विधायक राजेंद्र राऊत द्वारा सोलापुर जिले को पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तुत योजना पर सरकार का सकारात्मक रुख होने की जानकारी दी।

गौरतलब है कि 'फ्लड डायवर्जन' के माध्यम से उजनी बाँध में जल लाने की परियोजना को विश्व बैंक की मंजूरी मिल चुकी है और फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस परियोजना के पूरा होने पर सोलापुर के अलावा धाराशिव, लातूर और बीड जिलों को भी जल की उपलब्धता का लाभ मिलने की उम्मीद है।

आम किसानों पर असर

खरीफ सीज़न में सोयाबीन मराठवाड़ा और सोलापुर क्षेत्र के किसानों की मुख्य नकदी फसल है। 100 प्रतिशत नुकसान की स्थिति में छोटे और सीमांत किसानों पर कर्ज़ और आजीविका का दोहरा संकट मंडराता है। आलोचकों का कहना है कि राहत की घोषणाएँ समय पर तो होती हैं, लेकिन धरातल पर पैसा पहुँचने में कई बार महीनों का विलंब हो जाता है।

आगे क्या होगा

शासन निर्णय जारी होने के बाद जिला प्रशासन स्तर पर पंचनामा और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके आधार पर प्रभावित किसानों के खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की जाएगी। उजनी बाँध परियोजना पूरी होने के बाद दीर्घकालिक जल संकट से भी कुछ राहत मिलने की संभावना है। प्रदेश सरकार की यह घोषणा अब क्रियान्वयन की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है, यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन महाराष्ट्र में ऐसी घोषणाओं और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई ऐतिहासिक रूप से चौड़ी रही है। 'शासन निर्णय जल्द जारी होगा' जैसे वाक्य परिचित हैं — असली सवाल यह है कि पंचनामा से लेकर खाते में पैसा पहुँचने तक कितने सप्ताह लगेंगे। सोयाबीन किसानों का 100 प्रतिशत नुकसान केवल एक मौसम की बर्बादी नहीं, बल्कि कर्ज़ के चक्र में धकेले जाने का जोखिम है — और यह मराठवाड़ा की पुरानी पीड़ा है जिसे हर बार नई घोषणाओं से ढकने की कोशिश होती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोलापुर में सूखे जैसी स्थिति कितनी गंभीर है?
सोलापुर जिले में इस मौसम औसत से करीब 50% कम बारिश हुई है, जिससे खरीफ सीज़न की लगभग सभी फसलें प्रभावित हैं। बार्शी तालुका में करीब 90,000 हेक्टेयर सोयाबीन की फसल को 100% नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।
CM फडणवीस ने किसानों को क्या आश्वासन दिया?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जल्द ही शासन निर्णय जारी कर प्रभावित किसानों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुँचाई जाएगी। इसके अलावा पेयजल, पशु चारा, खाद्यान्न और विद्यार्थियों की फीस जैसे मुद्दों पर भी शीघ्र फैसला लिया जाएगा।
उजनी बाँध परियोजना क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
'फ्लड डायवर्जन' के ज़रिए उजनी बाँध में पानी लाने की परियोजना को विश्व बैंक की मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस परियोजना के पूरा होने पर सोलापुर के साथ-साथ धाराशिव, लातूर और बीड जिलों को भी पानी उपलब्ध होगा।
किसानों को राहत कब तक मिलेगी?
मुख्यमंत्री ने शासन निर्णय जल्द जारी करने की बात कही है, जिसके बाद जिला प्रशासन स्तर पर पंचनामा और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ही प्रभावित किसानों के खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की जाएगी; हालाँकि सटीक समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।
रबी सीज़न के किसानों के लिए क्या घोषणा हुई?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आगामी रबी सीज़न के लिए जल उपलब्ध होने की स्थिति में किसानों को आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उजनी बाँध में पेयजल संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 घंटे पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 12 महीने पहले