महाराष्ट्र सूखा: CM फडणवीस ने लातूर में किसानों से मिलकर असीमित राहत फंड का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार, 23 सितंबर 2026 को मराठवाड़ा के लातूर जिले में ग्राउंड जीरो पर पहुँचे, जहाँ पिछले छह हफ्तों से बारिश न होने के कारण किसान गहरे संकट में हैं। उन्होंने सीधे खेतों में जाकर फसल नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की। फडणवीस ने साफ भरोसा दिलाया कि राहत कार्यों में धनराशि की कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री का खेतों से संदेश
खेत में ही मीडिया से बातचीत करते हुए फडणवीस ने कहा, 'सरकार ने इस गंभीर सूखे की स्थिति को बहुत गंभीरता से लिया है और इससे निपटने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। हम इस संकट में मजबूती से किसानों के साथ खड़े हैं। चल रही किसान कर्ज माफी योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी और हम अतिरिक्त फंड जुटा रहे हैं ताकि राहत के संसाधनों में कोई कमी न हो।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्र की सहायता की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल राहत देगी। बाद में राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के नियमों के तहत केंद्र से आर्थिक मदद माँगी जाएगी।
सूखे की भयावहता और किसानों की माँगें
मराठवाड़ा में लंबे समय से बारिश न होने के कारण बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट हो गई हैं। किसानों को पीने के पानी और पशुओं के चारे की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित किसान तत्काल आर्थिक सहायता और आधिकारिक रूप से सूखा घोषित करने की माँग कर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र पहले से ही कृषि संकट की चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि मराठवाड़ा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से जल-अभाव से पीड़ित रहा है और यह बार-बार सूखे की चपेट में आने वाला इलाका है।
सरकार की तत्काल कार्रवाई
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रभावित इलाकों में सूखा घोषित करने की औपचारिक अधिसूचना शनिवार तक जारी कर दी जाएगी। पीने के पानी के वितरण और पशुओं के लिए चारा आपूर्ति की पूरी योजना तैयार कर ली गई है।
इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अकोला और बुलढाणा जिलों के खेतों का दौरा करेंगे और बारिश न होने से फसल गँवा चुके किसानों से सीधे मिलेंगे।
दीर्घकालिक जल संकट का समाधान
मराठवाड़ा में पानी की कमी को स्थायी रूप से दूर करने के लिए सरकार कोल्हापुर और सांगली के अतिरिक्त जल को उजनी डैम के जरिए मराठवाड़ा तक पहुँचाने की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के लिए विश्व बैंक से बातचीत जारी है और दिसंबर 2026 तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) आने की उम्मीद है।
फडणवीस ने पिछली सरकार पर मराठवाड़ा वाटर ग्रिड प्रोजेक्ट को बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दीर्घकालिक जल ढाँचे को पुनर्स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
NCP और राजनीतिक सक्रियता
उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने बुधवार को पार्टी के सभी मंत्रियों, पालक मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और प्रमुख पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे स्वयं किसानों के खेतों में जाकर फसल नुकसान का आकलन करें।
उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस प्राकृतिक संकट में किसानों को अकेला न छोड़ें, प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करें और तत्काल प्रशासनिक राहत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से अनुवर्ती कार्रवाई करें।
सरकार के अनुसार, किसानों को तत्काल राहत पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले हफ्तों में राहत कार्यों की रफ्तार और तेज की जाएगी।