7 नवंबर 2026
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राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर नितिन नवीन का पलटवार: 'BJP का एक कार्यकर्ता जवाब देने के लिए काफी'

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राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर नितिन नवीन का पलटवार: 'BJP का एक कार्यकर्ता जवाब देने के लिए काफी'

सारांश

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 नवंबर को राहुल गांधी की डिबेट चुनौती खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का एक कार्यकर्ता जवाब देने के लिए काफी है। SIR पर 13 करोड़ नामों का ब्यौरा दिया और 'रिजीम चेंज' की कोशिशों को साजिश बताया।

मुख्य बातें

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 नवंबर को राहुल गांधी की PM मोदी को दी गई डिबेट चुनौती को सिरे से खारिज किया।
नवीन ने कहा — 'आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारे नेता को आने की ज़रूरत नहीं, BJP का एक कार्यकर्ता काफी है।' SIR विवाद पर कहा: 13 करोड़ में से 6 करोड़ के नाम दो जगह, 3 करोड़ का डेटा मिलान नहीं, 8 करोड़ से अधिक अब जीवित नहीं।
'रिजीम चेंज' की कोशिशों को सरकार के खिलाफ साजिश बताया; राजीव गांधी फाउंडेशन की विदेशी फंडिंग का भी उल्लेख किया।
नवीन ने कहा कि संसद का पटल पहले से सवाल-जवाब के लिए उपलब्ध है — विपक्ष को वहीं आना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार, 7 नवंबर को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई डिबेट चुनौती को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस चुनौती का जवाब देने के लिए BJP के शीर्ष नेतृत्व को आने की ज़रूरत ही नहीं है — पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता भी यह काम कर सकता है। नितिन नवीन ने नई दिल्ली में देश और राजनीति से जुड़े कई विषयों पर अपने विचार साझा किए, जिसमें विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) विवाद और 'रिजीम चेंज' की बहस भी शामिल रही।

डिबेट चुनौती पर BJP का पलटवार

राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दिए जाने पर नितिन नवीन ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी नकल करके ही आगे सोचते हैं। अगर प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया पर देशवासियों से बात करते हैं तो इसके लिए 25 सालों तक तपस्या करनी पड़ती है।' नवीन ने यह भी कहा कि उन्हें संदेह है कि राहुल गांधी ने अपने किसी संसदीय क्षेत्र में विकास के नाम का एक भी पत्थर लगाया है या नहीं। उन्होंने कहा, 'केरल से लेकर उत्तर प्रदेश तक उनके खुद के नाम की एक भी उपलब्धि नहीं है।'

BJP अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संसद का पटल पहले से ही सवाल-जवाब के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा, 'आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारे नेता को आने की ज़रूरत नहीं — हमारा एक मंडल अध्यक्ष ही काफी है। आपकी एक-एक बात का जवाब BJP का एक कार्यकर्ता दे सकता है।'

SIR विवाद पर BJP का रुख

विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर नितिन नवीन ने कहा कि मौजूदा नियम-कानून कांग्रेस के शासनकाल के ही हैं, इसलिए उनकी आपत्ति समझ से परे है। उन्होंने आँकड़े पेश करते हुए कहा कि विपक्ष जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात करता है, उनमें से 6 करोड़ ऐसे हैं जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज थे, करीब 3 करोड़ का डेटा मिलान नहीं हो सका, और 8 करोड़ से अधिक वे लोग हैं जो अब जीवित नहीं हैं।

नवीन ने सवाल उठाया, 'जब वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण हो रहा है तो कांग्रेस और राहुल गांधी को बेचैनी क्यों हो रही है? कहीं न कहीं उनकी मंशा देश की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की है — लेकिन BJP ऐसी किसी मंशा को कामयाब नहीं होने देगी।'

'रिजीम चेंज' की कोशिशों पर कड़ा प्रहार

सरकार के खिलाफ तथाकथित 'रिजीम चेंज' की बात को नितिन नवीन ने एक सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समूहों को एकत्र कर भीड़तंत्र बनाने और विदेशी उदाहरणों की आड़ में देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी। नवीन ने कहा, 'देश का युवा विकास के साथ है, देश की सांस्कृतिक विरासत और सुरक्षा के साथ जुड़ा है।'

उन्होंने तथाकथित 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों के साथ खड़े होकर युवाओं को लामबंद करने की कोशिश हमेशा विफल रही है। विदेशी फंडिंग के संदर्भ में उन्होंने राजीव गांधी फाउंडेशन का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे माध्यमों से देश के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करना संभव नहीं है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब लोकसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियाँ चल रही हैं और विपक्ष SIR मुद्दे को संसद में उठाने की रणनीति बना रहा है। गौरतलब है कि राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पिछले कुछ हफ्तों से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है, और BJP ने अब तक इसे सीधे स्वीकार करने से परहेज किया है। नितिन नवीन का यह बयान BJP की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें विपक्ष की चुनौतियों को संसदीय मंच पर ही निपटाने की बात कही जाती है। आने वाले दिनों में यह बहस संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह तेज होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन नवीन ने राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर क्या कहा?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आने की ज़रूरत नहीं — BJP का एक साधारण कार्यकर्ता यह काम कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद का पटल पहले से ही सवाल-जवाब के लिए उपलब्ध है।
SIR विवाद पर BJP का क्या रुख है?
नितिन नवीन ने कहा कि विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के तहत हटाए गए 13 करोड़ नामों में 6 करोड़ दोहरे पंजीकरण वाले, 3 करोड़ डेटा मिलान न होने वाले और 8 करोड़ से अधिक दिवंगत व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट के शुद्धीकरण पर कांग्रेस की बेचैनी उनकी मंशा पर सवाल खड़ा करती है।
नितिन नवीन ने 'रिजीम चेंज' पर क्या कहा?
नवीन ने 'रिजीम चेंज' की कोशिशों को सरकार के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि भीड़तंत्र बनाकर और विदेशी उदाहरणों से प्रेरणा लेकर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि देश का युवा विकास और सांस्कृतिक विरासत के साथ खड़ा है।
राहुल गांधी ने PM मोदी को डिबेट की चुनौती क्यों दी?
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है, जिसे BJP ने स्वीकार करने से इनकार किया है। BJP का कहना है कि संसद का मंच पहले से इस उद्देश्य के लिए उपलब्ध है और विपक्ष को वहीं आकर सवाल उठाने चाहिए।
नितिन नवीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन का ज़िक्र क्यों किया?
नितिन नवीन ने विदेशी फंडिंग के संदर्भ में राजीव गांधी फाउंडेशन का उल्लेख किया और कहा कि ऐसे माध्यमों से देश के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करना संभव नहीं है। यह टिप्पणी उनके व्यापक आरोप का हिस्सा थी कि कुछ ताकतें विदेशी संसाधनों से देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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