8 अक्टूबर 2026
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चुनाव आयोग विरोध पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का राहुल गांधी को चुनौती — 'हिम्मत है तो इस्तीफा दें'

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चुनाव आयोग विरोध पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का राहुल गांधी को चुनौती — 'हिम्मत है तो इस्तीफा दें'

सारांश

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने वाराणसी से राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी — 'इसी चुनाव आयोग ने केरल और तमिलनाडु में भी चुनाव कराए, जहाँ आप जीते। हिम्मत है तो इस्तीफा दें।' इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर मार्च के दौरान राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया।

मुख्य बातें

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 8 अक्टूबर 2026 को वाराणसी से राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे चुनाव आयोग से जीती सीटें छोड़ें।
दिल्ली पुलिस ने जनपथ के पास राहुल गांधी , प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडी गठबंधन के सांसदों को हिरासत में लिया।
विपक्ष का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर की ओर जा रहा था।
नवीन ने विपक्ष पर 'अराजकतावादी सोच' और घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
नवीन ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तारीफ की और PM मोदी व CM योगी को बधाई दी।
गोकुल धाम में BJP की चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठक भी निर्धारित।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 8 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में पत्रकारों से बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध किए गए विरोध प्रदर्शन को निशाने पर लेते हुए विपक्ष को चुनौती दी कि यदि उन्हें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें उन सीटों से इस्तीफा दे देना चाहिए जो इसी आयोग द्वारा कराए गए चुनावों में हासिल की गई थीं।

विरोध प्रदर्शन और हिरासत का पूरा घटनाक्रम

इंडी गठबंधन के सांसद CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने जनपथ के निकट उनकी बस रोककर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के कई अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की बढ़ती असहमति का हिस्सा माना जा रहा है।

नितिन नवीन के तीखे तेवर

नितिन नवीन ने कहा, 'मैं कहूंगा कि ये लोग अराजकतावादी सोच वाले हैं, जो समाज में सिर्फ जहर घोलना जानते हैं। आखिर, इसी चुनाव आयोग ने केरल में चुनाव कराए थे।' उन्होंने आगे कहा कि इसी आयोग ने तमिलनाडु में भी चुनाव कराए, जहाँ विपक्ष सत्ता में आया। उनका तर्क था कि जब परिणाम विपक्ष के पक्ष में थे, तब आयोग को मान्यता दी गई, और अब विरोध का उद्देश्य केवल राजनीतिक है।

नवीन ने यह भी कहा, 'अगर हिम्मत है, तो राहुल गांधी को सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। जनता उनके खेल को अच्छी तरह देख रही है। विपक्ष के ये नेता घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोगों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहा है, जबकि BJP सरकार मूल नागरिकों को उनके संसाधनों पर अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तारीफ

वाराणसी दौरे के दौरान नितिन नवीन ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण बहुत अच्छे तरीके से किया गया है। भक्तों को भी यह पसंद आ रहा है। यह एक शानदार अनुभव है।' इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।

आगे का कार्यक्रम

BJP अध्यक्ष महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से संवाद करेंगे। इसके बाद गोकुल धाम में पार्टी पदाधिकारियों के साथ आगामी चुनावों की तैयारियों की समीक्षा बैठक भी निर्धारित है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कई राज्यों में चुनावी सरगर्मी बढ़ने लगी है।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता और CEC की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच तनातनी नई नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब इंडी गठबंधन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठाता रहा है। BJP का पलटवार यह संकेत देता है कि आने वाले चुनावों से पहले यह मुद्दा और तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसी आयोग द्वारा जीती सीटों का हवाला देकर विरोध को असंगत ठहराना प्रभावशाली राजनीतिक चाल है। लेकिन इस तर्क की सीमा भी स्पष्ट है: चुनाव परिणाम को स्वीकार करना और संस्था के कामकाज पर सवाल उठाना दो अलग बातें हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि CEC नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सर्वोच्च न्यायालय भी सवाल उठा चुका है। राहुल गांधी की हिरासत की प्रतीकात्मक तस्वीर विपक्ष को नुकसान से ज़्यादा राजनीतिक ऑक्सीजन दे सकती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन नवीन ने राहुल गांधी को इस्तीफे की चुनौती क्यों दी?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने तर्क दिया कि विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन उन्हीं सांसदों ने इसी चुनाव आयोग द्वारा कराए गए चुनावों में अपनी सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि यदि आयोग पर भरोसा नहीं है, तो राहुल गांधी को पहले अपनी सीट छोड़नी चाहिए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को कहाँ और क्यों हिरासत में लिया गया?
दिल्ली पुलिस ने जनपथ के पास राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडी गठबंधन के अन्य सांसदों की बस रोककर उन्हें हिरासत में लिया। ये सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने जंतर-मंतर जा रहे थे।
इंडी गठबंधन CEC ज्ञानेश कुमार का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्षी गठबंधन भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज और CEC की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। विरोध प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बढ़ती असहमति का हिस्सा माना जा रहा है।
नितिन नवीन के वाराणसी दौरे का उद्देश्य क्या था?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की सराहना की। वे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से संवाद करने और गोकुल धाम में पार्टी पदाधिकारियों के साथ आगामी चुनावों की समीक्षा बैठक करने भी पहुँचे।
BJP ने विपक्ष के CEC विरोध पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष को 'अराजकतावादी सोच' वाला करार दिया और कहा कि वे समाज में केवल जहर घोलने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी नेता घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं और आम लोगों के अधिकारों की परवाह नहीं करते।
राष्ट्र प्रेस
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