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चुनाव आयोग विवाद: राहुल गांधी के आरोपों पर चिराग पासवान बोले — आयोग मजबूती से रखे अपना पक्ष

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चुनाव आयोग विवाद: राहुल गांधी के आरोपों पर चिराग पासवान बोले — आयोग मजबूती से रखे अपना पक्ष

सारांश

राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले बयान और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमले के बाद सत्ता पक्ष आक्रामक हो गया है। चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से ही कहा — खुद अपना पक्ष मजबूती से रखें। BJP ने आरोपों को निराधार बताया। SIR विवाद अब सीधे संस्थागत विश्वसनीयता की लड़ाई बन गया है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में कहा — चुनाव आयोग को मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए, लोकतंत्र के लिए जनता का भरोसा ज़रूरी है।
BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने राहुल गांधी के आरोपों को 'पूरी तरह निराधार' बताया।
जम्मू-कश्मीर BJP विधायक विक्रम रंधावा ने कहा — गांधी के बयानों को उनकी अपनी पार्टी के लोग भी गंभीरता से नहीं लेते।
मतदाता सूची के SIR को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव जारी है; भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अभी सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखे हमले के बाद 25 सितंबर 2026 को सत्ता पक्ष और उसके सहयोगी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पहले से चल रहे राजनीतिक विवाद में गांधी के बयान ने नई तीव्रता जोड़ दी है।

राहुल गांधी ने क्या कहा था

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा था कि 'वोट चोरी, कानून की चोरी है' और ऐसे में चोरी के वोटों से चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा बनाए गए कानून एवं संस्थागत बदलाव भी गैरकानूनी होंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।' यह बयान SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियों की पृष्ठभूमि में आया है।

चिराग पासवान की प्रतिक्रिया

पटना में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, 'अगर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो यह चुनाव आयोग और विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे मजबूती से अपना पक्ष रखें। विपक्ष क्या कहता है, इसकी मुझे ज्यादा चिंता नहीं है। राजनीति करना विपक्ष का काम है।'

पासवान ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को विपक्ष को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि जनता के मन में किसी भी प्रकार का संदेह न रहे, इस उद्देश्य से अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर आम जनता के मन में शक पैदा हो जाए, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं होगा।

भाजपा का पलटवार

नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद गुलाम अली खटाना ने राहुल गांधी के आरोपों को 'पूरी तरह निराधार' करार दिया। उन्होंने कहा, 'वे नहीं चाहते कि देश में पारदर्शिता आए। एक नागरिक का वोट एक ही जगह होना चाहिए और अवैध प्रवासियों के लिए देश में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस दिशा में भारत निर्वाचन आयोग ने बहुत सराहनीय काम किया है।'

जम्मू-कश्मीर में BJP विधायक विक्रम रंधावा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि राहुल गांधी की अपनी कांग्रेस पार्टी के लोग भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया कुछ समय से विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और इससे वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का जोखिम है। सत्ता पक्ष इसे अवैध प्रवासियों को मतदाता सूची से हटाने और चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता सुनिश्चित करने का आवश्यक कदम बताता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी पहले से तेज है।

आगे की संभावनाएँ

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, SIR विवाद और चुनाव आयोग की स्वायत्तता का सवाल आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक इन विशेष आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चिराग पासवान की यह अपील — कि आयोग स्वयं मजबूती से अपना पक्ष रखे — इस बात का संकेत है कि सहयोगी दलों को भी महसूस हो रहा है कि चुनावी संस्था की विश्वसनीयता को लेकर जनता में संवाद ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसे किसी सहयोगी मंत्री की सलाह की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के सवाल चाहे राजनीति-प्रेरित हों, लेकिन चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता उनकी प्रतिक्रिया की शैली से भी आँकी जाती है — चुप्पी और बचाव दोनों संदेह को पोषित करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि यह बहस महज़ एक नेता के बयान तक सीमित नहीं, बल्कि यह उस बड़े प्रश्न को छूती है कि स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएँ जन-संवाद में अपनी भूमिका कैसे निभाएँ।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कहा कि 'वोट चोरी, कानून की चोरी है' और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'सरकारी गवाह' बन जाना चाहिए। उनका आरोप था कि चोरी के वोटों से चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा बनाए गए कानून और संस्थागत बदलाव गैरकानूनी होंगे।
चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से क्या आग्रह किया?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए — विपक्ष को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि जनता के मन से किसी भी प्रकार का संदेह दूर करने के लिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा लोकतंत्र की बुनियाद है।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है और इसपर विवाद क्यों है?
SIR भारत निर्वाचन आयोग की एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की गहन समीक्षा की जाती है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और वैध मतदाताओं के नाम हट सकते हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे अवैध प्रवासियों को हटाने का आवश्यक कदम बताता है।
BJP ने राहुल गांधी के आरोपों पर क्या कहा?
BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने आरोपों को 'पूरी तरह निराधार' बताया और कहा कि राहुल गांधी देश में पारदर्शिता नहीं चाहते। जम्मू-कश्मीर के BJP विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि गांधी के बयानों को उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी के लोग भी गंभीरता से नहीं लेते।
इस विवाद का आगे क्या असर हो सकता है?
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार SIR विवाद और चुनाव आयोग की स्वायत्तता का सवाल आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अभी सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जो इस बहस को और लंबा खींच सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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