कांग्रेस जनता से नकारी तो संस्थाओं पर उठाने लगी सवाल: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 नवंबर को देश की राजनीतिक स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को देश की जनता ने चुनावों में नकारना शुरू किया है, तब से वह एक के बाद एक संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विदेशी टूलकिट के ज़रिये देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
मुख्य आरोप और बयान
नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस के एक नेता ने स्वयं स्वीकार किया कि राहुल गांधी के पास एक 'रिमोट कंट्रोल' है और जब वे चाहें, 40 लाख लोग देश में अराजकता फैलाने के लिए तैयार हैं। BJP अध्यक्ष ने कहा, 'हम पहले से ये बातें उठा रहे थे कि राहुल गांधी देश को अस्थिर करने के लिए एक टूलकिट के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं — अब जब कांग्रेस के अपने नेता यही कह रहे हैं, तो हमारी बातें सही साबित होती हैं।'
हालाँकि, ये आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं और कांग्रेस की ओर से इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
लोकतंत्र की मज़बूती पर जोर
नवीन ने कहा कि भारत का लोकतंत्र बाकी देशों से बिल्कुल अलग और कहीं अधिक जड़ों से मज़बूत है। उनके अनुसार, 'नापाक सोच और विदेशी टूलकिट में शामिल लोग इसे अस्थिर नहीं कर सकते।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश का लोकतंत्र अराजकता और 'शहरी नक्सलवादी सोच' के जवाब देना जानता है।
संसदीय मर्यादा और राजनीतिक विरासत पर निशाना
BJP अध्यक्ष ने राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध के कुछ तय पैमाने होते हैं। 'नेता प्रतिपक्ष हैं तो सदन में आइए, सदन में अपनी बात रखिए। सड़क पर संघर्ष की भी एक मर्यादा होती है।' नवीन ने कहा कि BJP ने सदन और सड़क दोनों जगह संघर्ष किया है, जबकि राहुल गांधी ने इस देश के लोकतंत्र को 'अपने परिवार का राजतंत्र' समझ लिया है।
EVM और SIR पर विवाद
नवीन ने कहा कि कांग्रेस पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाती रही और अब विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर आपत्ति जता रही है। उन्होंने याद दिलाया कि SIR कांग्रेस के शासनकाल में भी हो चुका है। 'SIR केवल वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की प्रक्रिया है — जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, क्या उनके नाम सूची में बने रहने दिए जाएँ?' उन्होंने सवाल किया।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों के चुनाव नज़दीक हैं और विपक्ष के साथ सत्तापक्ष के बीच संस्थागत विश्वसनीयता को लेकर बहस तेज़ हो रही है। BJP और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले हफ्तों में और तीखा होने की संभावना है।