दीपोत्सव 2026: CM योगी ने अयोध्या में संतों को किया सम्मानित, संतों ने विकास और धर्म-संस्कृति संरक्षण की दी सराहना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर 2026 को अयोध्या के राम कथा पार्क में आयोजित दीपोत्सव 2026 के अवसर पर विभिन्न संत-महंतों को विधिवत सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने संतों को मिष्ठान, दक्षिणा और उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस भव्य आयोजन में उपस्थित संतों ने अयोध्या के विकास, धर्म-संस्कृति के संरक्षण और दीपोत्सव को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
संतों का आशीर्वाद और सराहना
सुग्रीव किला अयोध्या के महंत स्वामी विश्ववेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हिंदू धर्म, संस्कृति और हिंदू समाज सुरक्षित हैं। उनके अनुसार, यह परिवर्तन सुशासन और धार्मिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
हरिधाम पीठ गोपाल मंदिर के महंत जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के सतत प्रयासों से आज देश और विदेश में अयोध्या की पहचान पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ हो गई है। उन्होंने अयोध्या को वैश्विक आस्था-पर्यटन के केंद्र के रूप में उभरते देखने पर संतोष व्यक्त किया।
महंतों की विशेष टिप्पणियाँ
उदासीन आश्रम के श्रीमहंत डॉ. स्वामी भरत लाल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को एक नया, भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है। वैदेही वल्लभ पुंज बावन जी मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन पर रामलला की विशेष कृपा है और उनके संदर्भ में जो भी कहा जाए वह अधूरा ही रहेगा, 'वे सिंधु हैं और जो बोला जाए वह बिंदु है।'
अयोध्या के विकास का जनसाक्ष्य
वासुदेव घाट स्थित पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास ने कहा कि अयोध्या में आज जो व्यापक बदलाव दृष्टिगोचर हो रहे हैं, वे मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता और कार्यशैली का प्रतिफल हैं। उन्होंने स्मरण दिलाया कि पहले इस नगरी की गलियों में बजबजाती नालियाँ हुआ करती थीं। महंत मनीष दास ने यह भी विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पुनः जीत होगी, जिससे अयोध्या के विकास को और गति मिलेगी।
आम जनता पर असर और आगे की राह
दीपोत्सव का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का उत्सव है, बल्कि अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा भी है। राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से अयोध्या में बुनियादी ढाँचे, सड़क, घाट और पर्यटन सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। यह आयोजन आने वाले वर्षों में अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में और मजबूती प्रदान करेगा।