7 नवंबर 2026
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BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का हमला: चुनाव से पहले अखिलेश को याद आए रामलला, सोनिया बाबरी विवाद को दे रहीं हवा

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BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का हमला: चुनाव से पहले अखिलेश को याद आए रामलला, सोनिया बाबरी विवाद को दे रहीं हवा

सारांश

चुनाव नज़दीक आते ही अयोध्या और बाबरी फिर सियासी मंच पर — BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव के रामलला दर्शन और सोनिया गांधी के बाबरी बयान को चुनावी अवसरवाद करार दिया। उत्तर प्रदेश में धार्मिक मुद्दों की राजनीति एक बार फिर तेज़ हो गई है।

मुख्य बातें

BJP उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 7 नवंबर 2026 को लखनऊ से विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को चुनावी रणनीति बताया; पुराने धार्मिक बयानों पर जवाब माँगा।
सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस संबंधी बयान को राजनीतिक लाभ के लिए पुराने विवाद को हवा देना कहा।
चौधरी का तर्क — सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आ चुका है, राम मंदिर बन चुका है, देश आगे बढ़ चुका है।
BJP नेता ने कहा, विपक्ष के पास विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 7 नवंबर 2026 को लखनऊ में जारी बयान में समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस संबंधी बयान को लेकर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। चौधरी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही विपक्षी दलों में धार्मिक मुद्दों को भुनाने की होड़ शुरू हो जाती है।

अखिलेश पर चौधरी का सीधा निशाना

पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव को निश्चित रूप से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए, लेकिन उन्हें सनातन धर्म और हिंदू आस्था को लेकर अपने पुराने बयानों और राजनीतिक रुख पर भी जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, 'चुनाव से ठीक पहले मंदिर जाने की इच्छा और बाकी समय सनातन धर्म पर सवाल उठाने की राजनीति जनता के बीच स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करती है।'

चौधरी ने यह भी पूछा कि आखिर चुनाव नज़दीक आते ही रामलला की याद क्यों आती है और क्या अब आस्था भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन गई है।

सोनिया गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी बाबरी विध्वंस की घटना को फिर से राजनीतिक चर्चा में ला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस विवाद पर देश की सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आ चुका है, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और रामलला विराजमान हैं। उनके अनुसार, 'देश इस पुराने विवाद से आगे बढ़ चुका है, लेकिन कांग्रेस बार-बार इसे उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।'

विपक्ष पर विकास-एजेंडे की कमी का आरोप

चौधरी ने कहा कि एक तरफ समाजवादी पार्टी चुनाव से पहले राम मंदिर के ज़रिए अपनी राजनीतिक छवि बदलने में जुटी है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस बाबरी विध्वंस की याद दिलाकर अपनी राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है। उनके अनुसार विपक्षी दलों के इन रुखों से स्पष्ट है कि उनके पास जनता के सामने रखने के लिए विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।

जनता की समझदारी पर भरोसा जताया

BJP नेता ने कहा कि देश की जनता विपक्ष की इस राजनीति को देख और समझ रही है। उन्होंने कहा, 'जनता को पुराने विवादों पर बयानबाज़ी नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए ठोस काम चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ होती जा रही हैं और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब चुनावी मौसम में अयोध्या और बाबरी जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हों — यह एक ऐसा पैटर्न है जो उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में बार-बार देखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो BJP स्वयं भी इस मुद्दे को राजनीतिक प्रतिक्रिया में क्यों जीवित रख रही है? असली परीक्षा यह है कि उत्तर प्रदेश की जनता — जो महंगाई, बेरोज़गारी और बुनियादी सेवाओं से जूझ रही है — धार्मिक बयानबाज़ी और ठोस नीतिगत एजेंडे में से क्या चुनती है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाया?
BJP उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही रामलला के दर्शन की याद आई है, जो चुनावी रणनीति है। उन्होंने कहा कि अखिलेश को सनातन धर्म पर अपने पुराने बयानों पर भी स्पष्टीकरण देना चाहिए।
सोनिया गांधी के किस बयान पर BJP ने आपत्ति जताई?
BJP ने सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस से संबंधित बयान पर आपत्ति जताई। पंकज चौधरी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आ चुका है और अयोध्या में राम मंदिर बन चुका है, इसलिए इस पुराने विवाद को फिर उठाना केवल राजनीतिक लाभ के लिए है।
BJP का विपक्ष पर मुख्य आरोप क्या है?
BJP का आरोप है कि विपक्षी दलों — समाजवादी पार्टी और कांग्रेस — के पास विकास, सुशासन और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है। इसीलिए वे चुनाव से पहले धार्मिक मुद्दों का सहारा लेते हैं।
यह बयान किस राजनीतिक संदर्भ में आया है?
यह बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है, जब सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। अयोध्या और बाबरी जैसे मुद्दे उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील रहे हैं।
अयोध्या राम मंदिर विवाद का कानूनी निपटारा कब हुआ था?
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2019 में अयोध्या भूमि विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसके बाद राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की और रामलला वहाँ विराजमान हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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