दिवाली पर गुजरात में 18 फायर स्टेशन हाई अलर्ट पर, हेल्पलाइन 101 और 112 सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग ने दिवाली 2026 के मद्देनज़र राज्य के प्रमुख शहरों में चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाली रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 101 को सक्रिय किया है। अहमदाबाद के सभी 18 फायर स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि पटाखों से उत्पन्न होने वाली किसी भी आग या आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
अहमदाबाद में तैनाती की व्यवस्था
अहमदाबाद के घनी आबादी वाले इलाकों — कालू पुर, रिलीफ रोड, लाल दरवाजा और बापू नगर — में 'मिस्ट टेक्नोलॉजी' यानी पानी की बारीक फुहार वाली तकनीक से लैस मोटरसाइकिलें और त्वरित प्रतिक्रिया वाहन तैनात किए गए हैं। एसजी हाईवे, सिंधुभवन रोड और एसपी रिंग रोड पर पानी के टैंकरों के साथ कर्मचारी स्टैंडबाय पर रहेंगे।
पहले से उपलब्ध 'डायल 112' सेवा के साथ-साथ अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, सूरत, भावनगर और जामनगर के नगर निगम क्षेत्रों में अस्थायी हेल्पलाइन नंबर 101 भी चालू किया गया है।
अन्य प्रमुख शहरों में तैयारी
जूनागढ़ में अग्निशमन टीमों के साथ 120 कर्मचारी — गिरनार गेट, दौलतपारा फायर स्टेशन, आजाद चौक, झांसी की रानी चौक, झंजारदा चौकड़ी और मधुरम गेट — इन छह स्थानों पर 12 घंटे की शिफ्ट में स्टैंडबाय पर रहेंगे।
भावनगर में 118 कर्मचारियों को 11 स्थानों — घोघा गेट, संस्कार मंडल, जवाहर मैदान और खारगेट सहित — पर 12 घंटे की शिफ्ट में तैनात किया जाएगा। जामनगर में नौ स्थानों पर व्यवस्था की गई है, जिनमें तीन मुख्य फायर स्टेशन (मेन फायर स्टेशन, जनता फाटक और बेदी) और चार अस्थायी स्टेशन (समर्पण सर्कल, डीकेवी सर्कल, राधिका स्कूल के पास और साधना कॉलोनी रोड) शामिल हैं। दरबारगढ़ सर्कल और रंगमती नदी के किनारे स्थित पटाखा बाज़ार में भी अतिरिक्त तैनाती की जाएगी, जहाँ कुल 130 कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे।
गांधीनगर में सेक्टर 17, सरगासन, भाट और रंधेजा के चार फायर स्टेशनों पर फायर टेंडर और पानी के टैंकरों सहित कुल 27 फायर और आपातकालीन वाहन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। वडोदरा में शहर के विभिन्न हिस्सों में दमकल गाड़ियों और टैंकरों से लैस टीमें तैनात रहेंगी, जबकि राजकोट के सभी 10 फायर स्टेशनों पर अग्निशमन दल और आपातकालीन वाहन स्टैंडबाय पर रहेंगे।
नागरिकों के लिए अपील
विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि पटाखे केवल खुली और सुरक्षित जगहों पर जलाएं, ज्वलनशील पदार्थों से दूर रहें, और बच्चों के साथ किसी वयस्क की उपस्थिति सुनिश्चित करें। विभाग ने कहा है कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करना त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए अनिवार्य है।
क्या होगा आगे
विभाग के अनुसार, त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारी और उपकरण पूर्णतः तैयार हैं। गौरतलब है कि हर वर्ष दिवाली पर पटाखों से जुड़ी घटनाएं अग्निशमन सेवाओं पर दबाव बढ़ाती हैं; इस बार सक्रिय पूर्व-तैयारी उस जोखिम को कम करने का प्रयास है।