7 नवंबर 2026
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ईरान का दावा: भूमिगत मिसाइल-ड्रोन उत्पादन केंद्र तैयार, अमेरिकी हमलों के बीच IRGC की चेतावनी

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ईरान का दावा: भूमिगत मिसाइल-ड्रोन उत्पादन केंद्र तैयार, अमेरिकी हमलों के बीच IRGC की चेतावनी

सारांश

अमेरिकी हमलों के बीच ईरान का IRGC दोहरा संदेश दे रहा है — भूमिगत मिसाइल-ड्रोन उत्पादन का दावा और बढ़ती मारक क्षमता की चेतावनी। ट्रंप एक ओर 'जीत' का दावा कर रहे हैं, दूसरी ओर बातचीत की बात कह रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक तेल बाज़ार पर असर की आशंका बढ़ रही है।

मुख्य बातें

IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी ने 7 नवंबर 2026 को दावा किया कि ईरान ने मिसाइल-ड्रोन उत्पादन पूरी तरह भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया है।
मोहब्बी ने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने फिर हमला किया तो ईरान अपनी सैन्य क्षमताओं के नए और अप्रत्याशित पहलू सामने लाएगा।
तस्नीम के अनुसार, केश्म द्वीप पर शनिवार तड़के दो मिसाइलें गिरीं — यह इस सप्ताह कथित तौर पर दूसरा अमेरिकी हमला था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को 'छोटा' बताते हुए ईरान से बातचीत जारी रहने की पुष्टि की।
ट्रंप प्रशासन ने आठ कनाडाई कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए — आरोप है कि वे क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क से ईरान को धन भेज रही थीं।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल रही है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी ने शनिवार, 7 नवंबर 2026 को तेहरान में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ईरान की एयरोस्पेस इकाई ने मिसाइल और ड्रोन उत्पादन को पूरी तरह भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया है और देश अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता लगातार बढ़ा रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर ईरान के केश्म द्वीप पर इसी सप्ताह दूसरी बार हमला किया।

IRGC का दावा: भूमिगत किलेबंदी और बढ़ती मारक क्षमता

मोहब्बी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हमने मिसाइल और ड्रोन के उत्पादन को जमीन के ऊपर से तेजी से भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की मिसाइलों की रेंज लगातार बढ़ाई जा रही है और इस प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी।

मोहब्बी ने आगे दावा किया कि किसी भी 'दुश्मन देश' की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपत्तियाँ ईरान की पहुँच के दायरे में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विरोधी पक्ष दोबारा हमला करता है, तो ईरान अपनी सैन्य क्षमताओं के नए और अप्रत्याशित पहलुओं का प्रदर्शन करेगा।

केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले: क्या हुआ

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, शनिवार तड़के ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित केश्म द्वीप पर दो मिसाइलें गिरीं। एजेंसी के मुताबिक, नुकसान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। रिपोर्टों के अनुसार, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से पहले बताया था कि सोमवार को भी इसी द्वीप को निशाना बनाया गया था — यानी यह इस सप्ताह दूसरा कथित हमला था।

गौरतलब है कि केश्म द्वीप रणनीतिक रूप से होर्मुज स्ट्रेट के निकट स्थित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

ट्रंप का बयान: जीत का दावा, वार्ता का संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाकर नए हमले किए हैं, हालाँकि उन्होंने इन कार्रवाइयों को 'छोटा' बताया। व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हम ईरान से बातचीत कर रहे हैं और काफी समय से कर रहे हैं।'

ट्रंप ने दावा किया, 'हमने ईरान को हरा दिया है। ईरान के मामले में हमारी स्थिति बहुत अच्छी है।' साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल रही है — जो वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।

प्रतिबंध और कूटनीतिक दबाव

इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने आठ कनाडाई कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि वे क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क के ज़रिए ईरान को धन हस्तांतरित करने में सहायता कर रही थीं। यह कदम ईरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की व्यापक अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

आलोचकों का कहना है कि एक ओर सैन्य हमले और दूसरी ओर वार्ता की बात एक विरोधाभासी संदेश देती है, जिससे मध्य-पूर्व में अस्थिरता और गहरी हो सकती है।

आगे क्या होगा

मोहब्बी ने कहा कि ईरान 'देश के अस्तित्व, पहचान और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए बिना किसी भौगोलिक सीमा के पूरी तरह तैयार है।' यह बयान स्पष्ट करता है कि तेहरान अमेरिकी दबाव के सामने झुकने का इरादा नहीं रखता। विश्लेषकों की नज़र अब अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर टिकी है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा खतरे में पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में भारत की चुप्पी भी उल्लेखनीय है, क्योंकि ईरान से उसके ऊर्जा और व्यापारिक हित सीधे जुड़े हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने भूमिगत मिसाइल और ड्रोन उत्पादन केंद्र का दावा क्यों किया?
IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी ने 7 नवंबर 2026 को दावा किया कि ईरान ने मिसाइल-ड्रोन उत्पादन को भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया है, ताकि ये बाहरी हमलों से सुरक्षित रहें। यह बयान अमेरिकी हमलों के बीच ईरान की सैन्य तैयारी और दृढ़ता का संदेश देने के लिए आया।
केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में क्या हुआ?
तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, शनिवार तड़के ईरान के केश्म द्वीप पर दो मिसाइलें गिरीं। रिपोर्टों के अनुसार यह इस सप्ताह दूसरा कथित अमेरिकी हमला था; नुकसान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया और दावा किया कि 'हमने ईरान को हरा दिया है।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल रही है।
आठ कनाडाई कंपनियों पर प्रतिबंध क्यों लगाए गए?
ट्रंप प्रशासन ने आठ कनाडाई कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए, जिन पर आरोप है कि वे क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क के ज़रिए ईरान को धन हस्तांतरित करने में सहायता कर रही थीं। यह ईरान पर बढ़ते आर्थिक दबाव की व्यापक अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है।
होर्मुज स्ट्रेट का तनाव से क्या संबंध है?
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और ईरान के केश्म द्वीप के निकट स्थित है। ट्रंप ने कहा कि यह फिर से खुल रही है, लेकिन बढ़ते सैन्य तनाव के बीच विश्लेषक इसकी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं, क्योंकि इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
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