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आईआरजीसी का दावा: अमेरिका से संघर्ष की संभावना कम, पर ईरानी सेना हर हमले के लिए तैयार

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आईआरजीसी का दावा: अमेरिका से संघर्ष की संभावना कम, पर ईरानी सेना हर हमले के लिए तैयार

सारांश

अमेरिका-ईरान सीजफायर की अटकलों के बीच आईआरजीसी का दोहरा संदेश — संघर्ष की संभावना कम, लेकिन होर्मुज को 200–300 मील के विशाल सैन्य क्षेत्र में बदल दिया गया है। 25 मई को ड्रोन और नावों पर टकराव के बाद यह बयान खाड़ी में तनाव की असली तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

आईआरजीसी नेवी के उप राजनीतिक प्रमुख मोहम्मद अकबरजादेह ने 27 मई 2026 को कहा कि अमेरिका के साथ संघर्ष की संभावना कम है, लेकिन ईरान पूरी तरह तैयार है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पारंपरिक 20–30 मील से बढ़ाकर 200–300 मील के ऑपरेशनल क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 13 अप्रैल 2026 से समुद्री नाकेबंदी लागू की है; 65 जहाज रास्ता बदलने पर मजबूर, 4 जहाजों को नुकसान।
25 मई 2026 को होर्मुज में अमेरिकी बलों की ईरानी नावों पर कार्रवाई; ईरान ने अमेरिकी ड्रोन एमक्यू-9 गिराने का दावा किया।
यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर में तैनात; दोनों देशों के बीच सीजफायर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 27 मई 2026 को कहा कि अमेरिका के साथ नए सिरे से सशस्त्र संघर्ष की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले का मुँहतोड़ जवाब देने की पूरी तैयारी में हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सीजफायर समझौते को लेकर कूटनीतिक अटकलें जोर पकड़ रही हैं।

आईआरजीसी अधिकारी का बयान

आईआरजीसी नेवी के उप राजनीतिक प्रमुख मोहम्मद अकबरजादेह ने तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, 'दुश्मन की कमज़ोरी को देखते हुए जंग की संभावना कम है, लेकिन ईरानी सशस्त्र बल पूरी तैयारी और सतर्क हैं।' उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि हमला हुआ तो ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्र चाहबहार से लेकर महशहर तक को 'हमलावरों के लिए कब्रिस्तान' बना दिया जाएगा।

अकबरजादेह के अनुसार, 'ईरान पर हमला करने वाले अमेरिकी जंगी जहाज तबाह और बर्बाद कर दिए जाएंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य की नई परिभाषा

आईआरजीसी अधिकारी अकबरजादेह ने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अब 'एक विशाल ऑपरेशनल क्षेत्र' के रूप में पुनर्परिभाषित कर दिया है। तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस जलडमरूमध्य की प्रभावी चौड़ाई को अब पारंपरिक 20–30 मील के बजाय लगभग 200–300 मील तक माना जा रहा है।

कथित तौर पर यह क्षेत्र जास्क/सिरीक से लेकर केश्म द्वीप और ग्रेटर टनब तक एक 'अर्धचंद्राकार सैन्य क्षेत्र' के रूप में विस्तारित हो गया है — जो ईरान की रणनीतिक पहुँच को पहले से कहीं अधिक व्यापक बनाता है।

अमेरिकी नाकेबंदी और ताज़ा घटनाक्रम

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के विरुद्ध समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है। इस दौरान 65 वाणिज्यिक जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया और 4 जहाजों को नुकसान पहुँचा। यूएसएस अब्राहम लिंकन को अरब सागर में तैनात बताया गया है।

25 मई 2026 को अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी छोटी नावों पर कार्रवाई की। इसी दिन ईरान ने अमेरिकी ड्रोन एमक्यू-9 को ध्वस्त करने का दावा किया — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्षेत्रीय तनाव का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व के कच्चे तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, और इस क्षेत्र में कोई भी सैन्य टकराव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। यह ऐसे समय में है जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के माध्यम से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क की खबरें भी आ रही हैं।

आलोचकों का कहना है कि ईरान की ओर से इस तरह के बयान एक साथ दो उद्देश्य पूरे करते हैं — घरेलू स्तर पर सैन्य दृढ़ता का संदेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वार्ता में दबाव बनाए रखना।

आगे क्या

फिलहाल दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज में छिटपुट घटनाएँ जारी रहने की आशंका है जब तक कि कोई ठोस कूटनीतिक सफलता नहीं मिलती। वैश्विक तेल बाज़ार और शिपिंग उद्योग इस स्थिति पर नज़दीकी नज़र बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वार्ता में दबाव का हथियार है। असली सवाल यह है कि क्या सीजफायर की अटकलें किसी ठोस कूटनीतिक ढाँचे पर टिकी हैं, या यह दोनों पक्षों की घरेलू राजनीति के लिए सुविधाजनक अस्पष्टता है — क्योंकि ज़मीन पर 25 मई की घटनाएँ बताती हैं कि तनाव अभी थमा नहीं है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरजीसी ने अमेरिका के साथ संघर्ष को लेकर क्या कहा?
आईआरजीसी नेवी के उप राजनीतिक प्रमुख मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा कि अमेरिका के साथ दोबारा संघर्ष की संभावना कम है, लेकिन ईरानी सशस्त्र बल पूरी तैयारी में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हमला होने पर ईरान के तटीय क्षेत्र हमलावरों के लिए 'कब्रिस्तान' बन जाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने नए सिरे से कैसे परिभाषित किया है?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अब एक 'विशाल ऑपरेशनल क्षेत्र' घोषित किया है, जिसकी चौड़ाई पारंपरिक 20–30 मील से बढ़ाकर लगभग 200–300 मील मानी जा रही है। यह क्षेत्र जास्क/सिरीक से केश्म द्वीप और ग्रेटर टनब तक फैला एक अर्धचंद्राकार सैन्य क्षेत्र बताया गया है।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी कब से लागू की है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के विरुद्ध समुद्री नाकेबंदी लागू की है। इस दौरान 65 वाणिज्यिक जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा और 4 जहाजों को नुकसान पहुँचा।
25 मई 2026 को होर्मुज में क्या हुआ?
25 मई 2026 को अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी छोटी नावों पर कार्रवाई की। उसी दिन ईरान ने अमेरिकी ड्रोन एमक्यू-9 को ध्वस्त करने का दावा किया, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका-ईरान सीजफायर की स्थिति क्या है?
फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी सीजफायर समझौते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अटकलें जारी हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर सैन्य गतिविधियाँ और छिटपुट टकराव बने हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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