20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

IRGC का बड़ा दावा: अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाज पर मिसाइल-ड्रोन हमले, पाँचवें बेड़े का मुख्यालय निशाने पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
IRGC का बड़ा दावा: अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाज पर मिसाइल-ड्रोन हमले, पाँचवें बेड़े का मुख्यालय निशाने पर

सारांश

IRGC ने 3 जून को दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य अड्डों, पाँचवें बेड़े के मुख्यालय और ‘पनाया’ जहाज पर मिसाइल-ड्रोन से जवाबी हमला किया है। यह कार्रवाई ईरानी तेल टैंकर और केश्म द्वीप के संचार टॉवर पर कथित अमेरिकी हमलों के बाद की बताई गई है। सेंटकाम ने पाँचवें बेड़े पर हमले के दावे को खारिज किया है, जिससे होर्मुज क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है।

मुख्य बातें

IRGC ने 3 जून को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और ‘पनाया’ जहाज पर मिसाइल-ड्रोन हमले का दावा किया।
निशानों में क्षेत्र में स्थित अमेरिकी हवाई एवं हेलीकॉप्टर अड्डा और पाँचवें बेड़े का मुख्यालय शामिल बताए गए।
IRGC के अनुसार, अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक ईरानी तेल टैंकर और केश्म द्वीप स्थित संचार टॉवर पर पहले हमला किया।
अमेरिकी सेंटकाम ने पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमले के दावे को एक्स पर पोस्ट कर खारिज किया।
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने पूरा बयान अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किया।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 3 जून को जारी एक बयान में दावा किया कि उसने कथित अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी हवाई एवं हेलीकॉप्टर अड्डे और अमेरिकी पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। यह जानकारी नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की।

मुख्य घटनाक्रम

IRGC के बयान के अनुसार, देर रात अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक ईरानी तेल टैंकर को कथित तौर पर मिसाइल से निशाना बनाया, जिससे जहाज के इंजन वाले हिस्से को नुकसान पहुँचा। संगठन ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि जवाबी कार्रवाई के तहत ‘पनाया’ नामक एक अमेरिकी-समर्थित जहाज पर मिसाइलें दागी गईं।

IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी बलों ने केश्म द्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित उसके एक संचार टॉवर पर हवाई हमला किया। संगठन का कहना है कि इसी कड़ी में उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने क्षेत्र के एक देश में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

IRGC की चेतावनी

बयान में IRGC ने कहा कि उसने पहले ही चेताया था कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई का ‘अधिक कठोर और भिन्न तरीके से’ जवाब दिया जाएगा। संगठन ने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाई उसी चेतावनी का परिणाम है और यह भविष्य के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है।

अमेरिकी सेंटकाम का खंडन

हालाँकि, इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने एक्स पर पोस्ट कर ईरान के इस दावे को खारिज किया कि अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमला हुआ है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों से क्षेत्र में स्थिति को लेकर भ्रम और गहरा गया है।

होर्मुज और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है, जहाँ से दुनिया के कच्चे तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल कीमतों और आपूर्ति शृंखला पर पड़ सकता है। IRGC ने दोहराया कि यदि जलडमरूमध्य की सुरक्षा बाधित करने का प्रयास हुआ, तो संबंधित पक्ष को ‘भारी कीमत’ चुकानी पड़ेगी।

क्या होगा आगे

विश्लेषकों का कहना है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानों की यह तीखी तकरार पश्चिम एशिया में और अधिक सैन्य गतिविधियों को न्योता दे सकती है। आने वाले घंटों में दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख निर्णायक साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और स्वतंत्र सत्यापन के बिना सच्चाई की परतें खुलने में समय लगता है। चिंता की बात यह है कि होर्मुज जैसा संवेदनशील मार्ग, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुज़रता है, अब लगातार सैन्य संदेशों का अखाड़ा बन रहा है। भारत समेत तेल-आयातक देशों के लिए यह स्थिति ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन — दोनों मोर्चों पर सतर्कता की माँग करती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IRGC ने अमेरिका पर कौन-से हमलों का दावा किया है?
IRGC ने 3 जून को दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने क्षेत्र के एक देश में मौजूद अमेरिकी हवाई एवं हेलीकॉप्टर अड्डे और अमेरिकी पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं। साथ ही ‘पनाया’ नामक एक अमेरिकी-समर्थित जहाज पर भी मिसाइलें दागने का दावा किया गया है।
IRGC ने इन हमलों की वजह क्या बताई है?
IRGC के अनुसार, यह कार्रवाई कथित अमेरिकी हमलों का जवाब है, जिनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक ईरानी तेल टैंकर और केश्म द्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित एक संचार टॉवर को निशाना बनाया गया। संगठन ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया है।
क्या अमेरिका ने IRGC के दावे की पुष्टि की है?
नहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने एक्स पर पोस्ट कर ईरान के इस दावे को खारिज किया है कि उसके पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमला हुआ है। अन्य ठिकानों पर हुए कथित हमलों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे अहम समुद्री मार्गों में गिना जाता है, जहाँ से दुनिया के कच्चे तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल कीमतों और आपूर्ति शृंखला पर सीधे पड़ सकता है।
यह जानकारी सार्वजनिक कैसे हुई?
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने IRGC का पूरा बयान अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किया, जिसके बाद यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई। सेंटकाम ने भी अपनी प्रतिक्रिया एक्स के माध्यम से ही दी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले