5 सितंबर 2026
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ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले नाकाम, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने किया खुलासा

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ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले नाकाम, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने किया खुलासा

सारांश

ईरान ने 5 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर 4 ड्रोन और कुवैत-बहरीन की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं — अमेरिकी सेना ने सभी को नाकाम किया। जवाब में अमेरिका ने गोरुक और केश्म द्वीप के ईरानी रडार ठिकाने नष्ट किए। खाड़ी में सैन्य तनाव नए स्तर पर।

मुख्य बातें

5 जून 2026 को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर 4 हमलावर ड्रोन भेजे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने मार गिराया।
इसके बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं — 6 इंटरसेप्ट, 1 लक्ष्य तक पहुँचने में विफल।
ईरान का दावा कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा — अमेरिका ने पूरी तरह खारिज किया।
जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने गोरुक और केश्म द्वीप पर ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकाने नष्ट किए।
किसी भी अमेरिकी सैनिक या कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं ; सेंटकाम ने हाई अलर्ट की पुष्टि की।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने 6 जून 2026 को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों — कुवैत और बहरीन — की दिशा में किए गए थे। सेंटकाम के अनुसार, किसी भी अमेरिकी सैनिक या कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

हमले का घटनाक्रम

5 जून को ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में चार एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भेजे, जो क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा बन रहे थे। अमेरिकी बलों ने इन सभी चारों ड्रोन को मार गिराया।

इन ड्रोन हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इनमें से छह मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचने में विफल रही।

ईरान के दावे खारिज

ईरान ने दावा किया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे असत्य बताया। सेंटकाम ने स्पष्ट किया कि कोई भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

भविष्य में ऐसे हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाया। ये ठिकाने गोरुक और केश्म द्वीप पर स्थित थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।

सेंटकाम की चेतावनी

सेंटकाम ने अपने बयान में कहा कि उसकी सेना पूरी तरह सतर्क है और क्षेत्र में किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। कमांड ने दोहराया कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, जिससे यह क्षेत्र भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाए जाने से दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना बल हाई अलर्ट पर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ईरान ने खाड़ी के दो अमेरिकी सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का जोखिम क्यों उठाया — और इसके पीछे की रणनीतिक मंशा क्या है। गोरुक और केश्म के रडार ठिकानों को नष्ट करना आत्मरक्षा की सीमा से आगे जाता है और एक सक्रिय सैन्य जवाब का संकेत देता है, जो तनाव को और बढ़ा सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है, के पास यह टकराव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों के लिए भी चेतावनी है। मुख्यधारा की कवरेज हमलों की गिनती पर केंद्रित है, जबकि असली मुद्दा यह है कि क्या यह घटना एक बड़े सैन्य संघर्ष की शुरुआत है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने 5 जून को कहाँ और कितने हमले किए?
ईरान ने 5 जून को पहले होर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा में 4 हमलावर ड्रोन भेजे और बाद में कुवैत व बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार सभी ड्रोन और 6 मिसाइलें इंटरसेप्ट कर नष्ट की गईं, जबकि सातवीं मिसाइल लक्ष्य तक पहुँचने में विफल रही।
क्या बहरीन में अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा?
नहीं। ईरान ने दावा किया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह असत्य बताते हुए खारिज कर दिया। किसी भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की?
अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर स्थित तटीय निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट किया। सेंटकाम ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमले का वैश्विक असर क्यों पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, जिससे यह क्षेत्र भू-राजनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ सकता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आगे क्या संकेत दिया है?
सेंटकाम ने कहा है कि उसकी सेना पूरी तरह सतर्क और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। कमांड ने दोहराया कि वह अपने सैनिकों, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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