21 जुलाई 2026
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अमेरिका ने ईरान पर किए नए हमले, होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य ठिकाने तबाह — सेंटकॉम

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अमेरिका ने ईरान पर किए नए हमले, होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य ठिकाने तबाह — सेंटकॉम

सारांश

अमेरिका ने ईरान पर हमलों का नया दौर शुरू किया — यह लगातार नौवीं शाम की कार्रवाई है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जबकि ईरान ने जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले का दावा किया। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 21 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे ईरान के खिलाफ हमलों का नया दौर शुरू किया।
हमलों में ईरानी सैन्य कमांड सेंटर्स, एयर डिफेंस साइट्स, मिसाइल-ड्रोन लॉन्च साइट्स और कम्युनिकेशन नेटवर्क्स को निशाना बनाया गया।
20 जुलाई तक अमेरिका सात वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदल चुका था और एक जहाज को निष्क्रिय कर चुका था।
आईआरजीसी ने जॉर्डन के अकाबा हवाई अड्डे पर बोइंग सी-17 और पी-8 विमानों तथा कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर एमक्यू-9 रीपर ड्रोन पर जवाबी हमले का दावा किया।
यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की लगातार नौवीं शाम की सैन्य कार्रवाई है।

अमेरिकी सेना ने 21 जुलाई 2026 को ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजरानी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि ये हमले कमांडर इन चीफ के निर्देश पर शाम 4 बजे शुरू हुए।

नए हमलों का विवरण

सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "आज शाम 4 बजे अमेरिकी सेना ने कमांडर इन चीफ के कहने पर ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया। ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल शिपिंग पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को और कमज़ोर करने के लिए किए गए हैं।"

सेंटकॉम के अनुसार, उसके एसेट्स ने ईरानी सैन्य कमांड सेंटर्स, एयर डिफेंस और कोस्टल सर्विलांस साइट्स, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल व ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा कम्युनिकेशन नेटवर्क्स को टारगेट किया। यह ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं शाम की सफल कार्रवाई थी।

अरब सागर में नाकेबंदी अभियान

सेंटकॉम ने यह भी बताया कि अरब सागर में अमेरिकी नौसैनिक और वायुसेना संसाधन ईरान के खिलाफ घोषित नौसैनिक नाकेबंदी को लागू करने में लगे हैं। यूएसएस बॉक्सर (एलएचडी-4) युद्धपोत पर तैनात अमेरिकी सैनिक दिन-रात उड़ान ऑपरेशन्स का समर्थन कर रहे हैं।

20 जुलाई 2026 तक अमेरिकी सेना सात वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदलने के साथ-साथ एक जहाज को निष्क्रिय कर चुकी है, ताकि वे ईरानी बंदरगाहों से बाहर न जा सकें और न ही वहाँ प्रवेश कर सकें।

ईरान का जवाबी हमला

इससे पहले सोमवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसकी सेनाओं ने जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि उसने जॉर्डन के अकाबा बंदरगाह शहर के हवाई अड्डे पर मौजूद अमेरिकी बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर III और बोइंग पी-8 पोसाइडन विमानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे कई विमान कथित तौर पर क्षतिग्रस्त हो गए।

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी सेनाओं ने ड्रोन से कुवैत में एक अमेरिकी अर्ली वॉर्निंग रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया। साथ ही अली अल सलेम एयर बेस पर उपकरण और एयरक्राफ्ट पार्ट्स के एक वेयरहाउस तथा एमक्यू-9 रीपर ड्रोन के हैंगर को निशाना बनाया, जिससे कथित तौर पर कई मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) में आग लग गई।

आईआरजीसी के अनुसार, ये जवाबी हमले ईरानी भूभाग पर अमेरिका के लगातार हमलों का प्रतिशोध थे।

क्या होगा आगे

यह संघर्ष ऐसे समय में और गहरा हो रहा है जब होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के कच्चे तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। अमेरिकी नाकेबंदी और ईरान के जवाबी हमलों के बीच वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। गौरतलब है कि यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान की माँग कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से सैन्य कार्रवाइयाँ थमने के संकेत नहीं दिख रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि जॉर्डन और कुवैत — दोनों अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगी — अब सीधे निशाने पर हैं, जिससे खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों पर कूटनीतिक दबाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिका की नाकेबंदी रणनीति कागज़ पर आक्रामक दिखती है, लेकिन सात जहाजों का मार्ग परिवर्तन और एक का निष्क्रियकरण यह नहीं बताता कि ईरानी निर्यात वास्तव में कितना प्रभावित हुआ है। बिना स्वतंत्र सत्यापन के, दोनों पक्षों के दावे अतिरंजित हो सकते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर नए हमले क्यों किए?
सेंटकॉम के अनुसार, ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजरानी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमज़ोर करने के उद्देश्य से किए गए। यह अमेरिकी सेना की ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं शाम की कार्रवाई थी।
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने किन ठिकानों को निशाना बनाया?
सेंटकॉम ने बताया कि उसके एसेट्स ने ईरानी सैन्य कमांड सेंटर्स, एयर डिफेंस और कोस्टल सर्विलांस साइट्स, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल व ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा कम्युनिकेशन नेटवर्क्स को टारगेट किया।
ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब कैसे दिया?
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के अकाबा हवाई अड्डे पर बोइंग सी-17 और पी-8 विमानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से और कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर एमक्यू-9 रीपर ड्रोन के हैंगर को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। आईआरजीसी के अनुसार, ये हमले ईरानी भूभाग पर अमेरिकी हमलों का प्रतिशोध थे।
अरब सागर में अमेरिकी नाकेबंदी का क्या असर हुआ है?
20 जुलाई 2026 तक अमेरिकी सेना सात वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदल चुकी थी और एक जहाज को निष्क्रिय कर चुकी थी, ताकि वे ईरानी बंदरगाहों से आवाजाही न कर सकें। यूएसएस बॉक्सर (एलएचडी-4) युद्धपोत से दिन-रात उड़ान ऑपरेशन्स जारी हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कच्चे तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। अमेरिकी नाकेबंदी और ईरानी जवाबी कार्रवाई के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और तेल कीमतों में उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।
राष्ट्र प्रेस
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